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Shamli News: आठ थानाें की पुलिस को लोकेशन शेयर करने वालों की तलाश
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शामली। व्हाट्सएप ग्रुपों पर अधिकारियों की लोकेशन शेयर करने वाले अन्य गिरोह की तलाश में भी पुलिस जुट गई है। एसपी अभिषेक के निर्देश पर कैराना और झिंझाना के बाद अब गढ़ीपुख्ता, शामली, बाबरी, कांधला, आदर्श मंडी, थाना भवन पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। उधर, पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश में शामली के अलावा बागपत में भी दबिश दी मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी। पुलिस ने 21 और लोग ऐसे चिन्हित किए हैं, जो गिरोह में संलिप्त हो सकते हैं। बागपत के तीन व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच की जा रही है।
अमर उजाला ने छह अगस्त को व्हाटसएप ग्रुप पर अधिकारियों की लोकेशन ट्रक चालकों व मालिकों को शेयर करने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पर एसपी ने संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच कराई थी। जांच के दौरान सबका साथ सबका विकास नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पकड़ा गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी वसीम निवासी गांव टिटौली को गिरफ्तार किया गया था।
कैराना थाने पर वसीम समेत ग्रुप से जुड़े अन्य 91 ट्रक चालकों व मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में कैराना पुलिस 13 अक्तूबर को सात और आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर चुकी है। सोमवार को थाना झिंझाना पुलिस ने दो आरोपियों संदीप व मकसूर निवासी गांव केरटू को गिरफ्तार कर एक और करण भाई के नाम से बनाए गए नए व्हाटसएप ग्रुप का खुलासा किया था।
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एसपी अभिषेक ने बताया कि अन्य गिरोह के संबंध में भी अहम जानकारी हाथ लगी है। आरोपियों की तलाश में शामली के अलावा बागपत के पुराना कसबा, निवाड़ा आदि स्थानों में दबिश दी गई है। जल्द ही फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- गिरोह के फरार सदस्यों ने व्हाट्सएप नंबर ही कर दिए ब्लॉक
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के कई सदस्यों ने ग्रुप में जितने भी नंबर सेव थे, उनके सदस्यों को ब्लॉक कर दिया है। साथ ही एक दूसरे से फोन पर कोई बात नहीं की जा रही है, ताकि वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सकें।
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अमर उजाला ने छह अगस्त को व्हाटसएप ग्रुप पर अधिकारियों की लोकेशन ट्रक चालकों व मालिकों को शेयर करने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पर एसपी ने संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच कराई थी। जांच के दौरान सबका साथ सबका विकास नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पकड़ा गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी वसीम निवासी गांव टिटौली को गिरफ्तार किया गया था।
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कैराना थाने पर वसीम समेत ग्रुप से जुड़े अन्य 91 ट्रक चालकों व मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में कैराना पुलिस 13 अक्तूबर को सात और आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर चुकी है। सोमवार को थाना झिंझाना पुलिस ने दो आरोपियों संदीप व मकसूर निवासी गांव केरटू को गिरफ्तार कर एक और करण भाई के नाम से बनाए गए नए व्हाटसएप ग्रुप का खुलासा किया था।
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एसपी अभिषेक ने बताया कि अन्य गिरोह के संबंध में भी अहम जानकारी हाथ लगी है। आरोपियों की तलाश में शामली के अलावा बागपत के पुराना कसबा, निवाड़ा आदि स्थानों में दबिश दी गई है। जल्द ही फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- गिरोह के फरार सदस्यों ने व्हाट्सएप नंबर ही कर दिए ब्लॉक
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के कई सदस्यों ने ग्रुप में जितने भी नंबर सेव थे, उनके सदस्यों को ब्लॉक कर दिया है। साथ ही एक दूसरे से फोन पर कोई बात नहीं की जा रही है, ताकि वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सकें।