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Shamli News: फिजिशियन न तकनीशियन, कैसे हो कोरोना से मुकाबला
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- जिला अस्पताल में बना 50 बेड का कोविड वार्ड, 10 बेड का पीकू वार्ड
- कोविड वार्ड में लगे वेंटिलेटर चलाने के लिए नहीं है विशेषज्ञ
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कोरोना संक्रमण फिर से पांव पसार रहा है। कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के केस बढ़ने के साथ ही जिले में भी चार लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय की स्थिति देखे तो यहां पर कोविड वार्ड और पीकू वार्ड बना है, लेकिन कोविड के मरीजों के उपचार के लिए न तो फिजिशियन है और न ही निश्चेतक है। वेंटिलेटर चलाने के लिए भी तकनीशियन की नियुक्ति नहीं हुई है।
देश के कई राज्यों में कोराना संक्रमण फैल रहा है। शामली जिले में 12 दिन में चार लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें तीन लोग ठीक हो चुके हैं जबकि एक केस अभी सक्रिय है। जिले में स्वास्थ्य विभाग कोरोना की जंग लड़ने के लिए तैयारी कर रहा है, लेकिन न तो विशेषज्ञ चिकित्सक है और न ही तकनीशियन है। जिला अस्पताल में पहले से ही 50 बैड का कोविड वार्ड और दस बैड का पीकू वार्ड तैयार है।
कोविड के मरीजों के लिए 12 वेंटिलेटर लगे हैं। तीन ऑक्सीजन प्लांट है,जिनसे बैड पर सीधे ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। इसके अलावा 38 ऑक्सीजेनेटर और सिलिंडर आदि संसाधन उपलब्ध है,लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं है। जिला अस्पताल में न तो फिजिशियन है और न ही निश्चेतक है। वेंटिलेटर को चलाने के लिए विशेषज्ञ तकनीशियन भी नहीं है। ऐसी स्थिति में सवाल ये है कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना से कैसे मुकाबला करेगा।
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गंभीर मरीजों को करना पड़ा था रेफर
जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में पिछले सालों में भी लगभग यही स्थिति थी। कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें सहारनपुर या मेरठ रेफर करना पड़ा था। इसकी वजह उस समय भी जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति न होना बताया गया था।
कोट
जिला संयुक्त चिकित्सालय में कोविड व पीकू वार्ड तैयार है। ऑक्सीजन प्लांट व वेंटिलेटर समेत सभी संसाधन व मशीनें उपलब्ध है। फिजिशियन, निश्चेतक और तकनीशियन की अभी नियुक्ति नहीं हुई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए नवंबर से अब तक दो बार शासन को पत्राचार किया जा चुका है। जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों व चिकित्सकों से मरीजों को बेहतर उपचार दिलाया जाता है। - - अंजू जोधा, सीएमएस जिला संयुक्त चिकित्सालय।
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- कोविड वार्ड में लगे वेंटिलेटर चलाने के लिए नहीं है विशेषज्ञ
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कोरोना संक्रमण फिर से पांव पसार रहा है। कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के केस बढ़ने के साथ ही जिले में भी चार लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय की स्थिति देखे तो यहां पर कोविड वार्ड और पीकू वार्ड बना है, लेकिन कोविड के मरीजों के उपचार के लिए न तो फिजिशियन है और न ही निश्चेतक है। वेंटिलेटर चलाने के लिए भी तकनीशियन की नियुक्ति नहीं हुई है।
देश के कई राज्यों में कोराना संक्रमण फैल रहा है। शामली जिले में 12 दिन में चार लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें तीन लोग ठीक हो चुके हैं जबकि एक केस अभी सक्रिय है। जिले में स्वास्थ्य विभाग कोरोना की जंग लड़ने के लिए तैयारी कर रहा है, लेकिन न तो विशेषज्ञ चिकित्सक है और न ही तकनीशियन है। जिला अस्पताल में पहले से ही 50 बैड का कोविड वार्ड और दस बैड का पीकू वार्ड तैयार है।
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कोविड के मरीजों के लिए 12 वेंटिलेटर लगे हैं। तीन ऑक्सीजन प्लांट है,जिनसे बैड पर सीधे ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। इसके अलावा 38 ऑक्सीजेनेटर और सिलिंडर आदि संसाधन उपलब्ध है,लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं है। जिला अस्पताल में न तो फिजिशियन है और न ही निश्चेतक है। वेंटिलेटर को चलाने के लिए विशेषज्ञ तकनीशियन भी नहीं है। ऐसी स्थिति में सवाल ये है कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना से कैसे मुकाबला करेगा।
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गंभीर मरीजों को करना पड़ा था रेफर
जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में पिछले सालों में भी लगभग यही स्थिति थी। कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें सहारनपुर या मेरठ रेफर करना पड़ा था। इसकी वजह उस समय भी जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति न होना बताया गया था।
कोट
जिला संयुक्त चिकित्सालय में कोविड व पीकू वार्ड तैयार है। ऑक्सीजन प्लांट व वेंटिलेटर समेत सभी संसाधन व मशीनें उपलब्ध है। फिजिशियन, निश्चेतक और तकनीशियन की अभी नियुक्ति नहीं हुई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए नवंबर से अब तक दो बार शासन को पत्राचार किया जा चुका है। जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों व चिकित्सकों से मरीजों को बेहतर उपचार दिलाया जाता है। - - अंजू जोधा, सीएमएस जिला संयुक्त चिकित्सालय।