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Shamli News: अस्पताल का एक मुख्य द्वार बंद होने से मरीज और तीमारदार परेशान
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जिला अस्पताल में बंद पड़ा मेन गेट । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला अस्पताल का एक मुख्य द्वार (गेट) बंद रहने से मरीजों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में सिर्फ एक ही द्वार से आवागमन हो रहा है। मरीजों व तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल के दोनों मुख्य द्वार खुले रहने चाहिए ताकि उन्हें आने जाने में सुविधा हो सके।
जिला अस्पताल में आने व जाने के लिए दो मुख्य द्वार बनाए गए हैं। इनमें एक द्वार बंद रखा जाता है। द्वार बंद होने से उसके आसपास घासफूंस उगी है और झाड़ियां खड़ी हैं। साफ-सफाई न होने और द्वार बंद रहने से देखने से लगता है कि जैसे अस्पताल बंद है। मरीज आगे चलकर दूसरे द्वार से ही आवागमन करना पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल के दोनों मुख्य द्वार खुले होने चाहिए ताकि अस्पताल में आने जाने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो सके।
ये बोले लोग : कैराना के मरीज सलीम ने कहा कि अस्पताल में जब भी आए तो पहला द्वार बंद ही मिला है। आगे चलकर दूसरे द्वार से घूमकर अस्पताल में आना पड़ता है। अस्पताल के दोनों द्वार खुले रहने चाहिए।
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दयानंद नगर के राजपाल ने बताया कि अस्पताल का द्वार बंद होने से लोगों को यह पता नहीं चलता कि अस्पताल में कहां से प्रवेश करना है। लोगों से पूछना पड़ता है। इसके बाद दूसरे द्वार से अस्पताल में जाते हैं। कैराना के विनोद कुमार ने बताया कि जब अस्पताल में दो द्वार बनाए गए हैं। दोनों द्वार खुलने से मरीज और तीमारदारों को सुविधा होगी। करनाल रोड की तरफ से ज्यादातर मरीज आते हैं। उन्हें पहले नंबर का द्वार बंद मिलता है। इसके बाद दूसरे द्वार से जाना पड़ता है। दोनों द्वार खुले रहने चाहिए।
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शामली। जिला अस्पताल का एक मुख्य द्वार (गेट) बंद रहने से मरीजों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में सिर्फ एक ही द्वार से आवागमन हो रहा है। मरीजों व तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल के दोनों मुख्य द्वार खुले रहने चाहिए ताकि उन्हें आने जाने में सुविधा हो सके।
जिला अस्पताल में आने व जाने के लिए दो मुख्य द्वार बनाए गए हैं। इनमें एक द्वार बंद रखा जाता है। द्वार बंद होने से उसके आसपास घासफूंस उगी है और झाड़ियां खड़ी हैं। साफ-सफाई न होने और द्वार बंद रहने से देखने से लगता है कि जैसे अस्पताल बंद है। मरीज आगे चलकर दूसरे द्वार से ही आवागमन करना पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल के दोनों मुख्य द्वार खुले होने चाहिए ताकि अस्पताल में आने जाने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो सके।
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ये बोले लोग : कैराना के मरीज सलीम ने कहा कि अस्पताल में जब भी आए तो पहला द्वार बंद ही मिला है। आगे चलकर दूसरे द्वार से घूमकर अस्पताल में आना पड़ता है। अस्पताल के दोनों द्वार खुले रहने चाहिए।
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दयानंद नगर के राजपाल ने बताया कि अस्पताल का द्वार बंद होने से लोगों को यह पता नहीं चलता कि अस्पताल में कहां से प्रवेश करना है। लोगों से पूछना पड़ता है। इसके बाद दूसरे द्वार से अस्पताल में जाते हैं। कैराना के विनोद कुमार ने बताया कि जब अस्पताल में दो द्वार बनाए गए हैं। दोनों द्वार खुलने से मरीज और तीमारदारों को सुविधा होगी। करनाल रोड की तरफ से ज्यादातर मरीज आते हैं। उन्हें पहले नंबर का द्वार बंद मिलता है। इसके बाद दूसरे द्वार से जाना पड़ता है। दोनों द्वार खुले रहने चाहिए।