फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Paddy crop fell due to wind and rain, damage to the harvested crop

मौसम का मिजाज फिर बदला, तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी

Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
Paddy crop fell due to wind and rain, damage to the harvested crop
हवा और बारिश से गिरी धान की फसल, कटी फसल को हुआ नुकसान
विज्ञापन

शामली। सोमवार की मध्यरात्रि तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी से धान की कटी हुई फसल को 10-15 प्रतिशत 15 नुकसान की आशंका जताई जा रही है। खराब मौसम के चलते ही शरदकालीन बुआई भी प्रभावित होने लगी है। मौसम के बदलते मिजाज को देखकर किसानों की चिंता बढ़ रही है।
सोमवार की मध्य रात्रि करीब साढ़े 11 बजे मौसम बदलने लगा। तेज हवाओं के बाद हल्की बूंदाबांदी शुरु हो गई। आधा घंटे की बूंदाबांदी के बाद मौसम ठंडा हो गया। तेज हवा और बूंदाबांदी के बाद धान की फसल खेत में बिछ गई। वहीं यमुना खादर क्षेत्र में कटी हुई धान फसल को नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को दिन निकलते ही धूप निकलने से मौसम सामान्य हो गया। दोपहर बाद आकाश में बादल छाए रहने से मौसम में हल्का से बदलाव हुआ। मंगलवार को दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड दर्ज किया गया।
विज्ञापन

शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक के मुताबिक धान की 40 फीसदी फसल कटाई हो चुकी है। खेतों में खड़ा धान हवा चलने से गिर गई है। कटे हुए धान को दो-तीन दिन तक सुखाने के लिए जमीन पर रखा जाता है। उसके बाद धान की झड़ाई करके धान के दाने को अलग किया जाता है। सोमवार की रात में हवा और बारिश में भीगने से चमक खत्म हो गई है। जिससे दस से लेकर बीस प्रतिशत फसल प्रभावित होने की संभावना है। उनका कहना है कि गत 15 सितंबर से लेकर 15 अक्तूबर तक शरद कालीन गन्ने की बुआई का समय निर्धारित है। इस बार मानसून देरी से खत्म होने से शरद कालीन गन्ने की बुआई प्रभावित होने लगी है। उनका कहना है कि जब-जब गन्ने की बुआई के लिए किसान खेत तैयार करते हैं, तभी बारिश होने से शरद कालीन बुआई लेट हो जाती है। उधर, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि मानसून सत्र खत्म हो चुका है। बूंदाबांदी से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed