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नवाचार: निरक्षर महिलाओं को साक्षर करेगी हमारी कक्षा
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शामली क्षेत्र के गांव खेडी करमू प्राथमिक स्कूल में जूडे करांटे का प्रिशिक्षंण लेती छात्राएं
- फोटो : SHAMLI
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शामली। प्राथमिक विद्यालय खेड़ीकरमू नंबर एक में मिशन शक्ति अभियान के तहत निरक्षर महिलाओं को साक्षर बनाने की पहल की गई है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने ‘हमारी कक्षा’ के नाम से नवाचार शुरू किया है, जिसमें निरक्षर महिलाओं को विद्यालय में बुलाकर साक्षर करने की शुरूआत की गई है।
प्रधानाध्यापिका सुमन कुमारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को महिला साक्षरता अभियान चलाया गया। विद्यालय की रसोई माताएं, महिला अभिभावक और निरक्षर महिलाओं को विद्यालय में बुलाकर साक्षर बनाने की शुरूआत की गई। इस नवाचार के तहत महिलाओं को अक्षर ज्ञान कराया गया। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर इस कार्य की शुरूआत की गई। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उन्होंने महिलाओं को अपने स्तर से शिक्षा की प्रथम सीढ़ी चढ़ने के लिए एक-एक पेन और कॉपी वितरित की।
विद्यालय के कक्षा पांच के बालक और बालिकाओं को यह उत्तरदायित्व सौंपा गया कि वह घर पर अपनी माताओं और आस पड़ोस की महिलाओं को साक्षर बनाने में मदद करेंगे। प्रधानाध्यापिका ने निरक्षर महिलाओं को पढ़ाई का महत्व बताते हुए जागरूक किया। प्रधानाध्यापिका ने बताया सप्ताह में एक दिन ‘हमारी कक्षा’ के नाम से अतिरिक्त समय देकर महिलाओं को विद्यालय में बुलाया जाएगा और बाकी छह दिन उन्हीं के बच्चों के द्वारा उनके कार्यों को जांचने की जिम्मेदारी तय की गई है। शुभारंभ मिशन शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी उपमा शर्मा ने किया।
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प्रधानाध्यापिका सुमन कुमारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को महिला साक्षरता अभियान चलाया गया। विद्यालय की रसोई माताएं, महिला अभिभावक और निरक्षर महिलाओं को विद्यालय में बुलाकर साक्षर बनाने की शुरूआत की गई। इस नवाचार के तहत महिलाओं को अक्षर ज्ञान कराया गया। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर इस कार्य की शुरूआत की गई। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उन्होंने महिलाओं को अपने स्तर से शिक्षा की प्रथम सीढ़ी चढ़ने के लिए एक-एक पेन और कॉपी वितरित की।
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विद्यालय के कक्षा पांच के बालक और बालिकाओं को यह उत्तरदायित्व सौंपा गया कि वह घर पर अपनी माताओं और आस पड़ोस की महिलाओं को साक्षर बनाने में मदद करेंगे। प्रधानाध्यापिका ने निरक्षर महिलाओं को पढ़ाई का महत्व बताते हुए जागरूक किया। प्रधानाध्यापिका ने बताया सप्ताह में एक दिन ‘हमारी कक्षा’ के नाम से अतिरिक्त समय देकर महिलाओं को विद्यालय में बुलाया जाएगा और बाकी छह दिन उन्हीं के बच्चों के द्वारा उनके कार्यों को जांचने की जिम्मेदारी तय की गई है। शुभारंभ मिशन शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी उपमा शर्मा ने किया।
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