{"_id":"58655bbb4f1c1b741aeedcdb","slug":"ots-yojna-hui-dhadam","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओटीएस योजना हुई धड़ाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओटीएस योजना हुई धड़ाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। ओटीएस योजना में सिर्फ दो दिन शेष हैं। पुराने नोट बंद होने से पावर कारपोरेशन की एक मुश्त समाधान योजना धड़ाम हो गई। पूरे माह में 75 करोड़ रुपये में से ढाई लाख रुपये की वसूली हो सकती। मात्र 2100 पंजीकरण हो सके हैं।
जिले में 32 हजार नलकूप के बकायादार हैं, इनसे वसूली के लिए शासन की ओर से ओटीएस स्कीम दो दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक लागू की गई थी। 15 दिसंबर को पुराने नोट बंद हो जाने के बाद ओटीएस स्कीम में नलकूप बकायादारों के बिल जमा करने में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार तक जिले के पावर कारपोरेशन को ओटीएस स्कीम में मात्र 2100 पंजीकरण हो पाए हैं। 75 करोड़ रुपये बकाया में से ढाई करोड़ रुपये जमा हो पाए थे।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुराने नोट बंद हो जाने के बाद नई करेेेेंसी किसानों के पास नहीं आ रही है। जिससे वह नलकूपों के बकाया जमा करने में परेशानी आ रही है। 15 दिसंबर के बाद बिजली विभाग के बकाया काउंटरों में 45 प्रतिशत रिकवरी मे गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों के पास चेक बुक नहीं है। जिससे किसान बकायादारी नहीं चुकता कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 32 हजार नलकूप के बकायादार हैं, इनसे वसूली के लिए शासन की ओर से ओटीएस स्कीम दो दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक लागू की गई थी। 15 दिसंबर को पुराने नोट बंद हो जाने के बाद ओटीएस स्कीम में नलकूप बकायादारों के बिल जमा करने में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार तक जिले के पावर कारपोरेशन को ओटीएस स्कीम में मात्र 2100 पंजीकरण हो पाए हैं। 75 करोड़ रुपये बकाया में से ढाई करोड़ रुपये जमा हो पाए थे।
विज्ञापन
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुराने नोट बंद हो जाने के बाद नई करेेेेंसी किसानों के पास नहीं आ रही है। जिससे वह नलकूपों के बकाया जमा करने में परेशानी आ रही है। 15 दिसंबर के बाद बिजली विभाग के बकाया काउंटरों में 45 प्रतिशत रिकवरी मे गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों के पास चेक बुक नहीं है। जिससे किसान बकायादारी नहीं चुकता कर पा रहे हैं।
विज्ञापन