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बेहतर देखभाल के लिए 500 टीबी मरीजों को गोद लेंगी संस्थाएं
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शामली। भरपूर पोषण और बेहतर देखभाल के लिए जिले में टीबी के 500 नए मरीजों को सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाएं गोद लेंगी। 24 मार्च से इस कार्यक्रम की शुरूआत होगी। स्वास्थ्य विभाग इस कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी के मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जाता है। साथ ही शासन की तरफ से उपचार की अवधि के दौरान नि:क्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इसके अलावा टीबी के मरीजों को बेहतर देखभाल और भरपूर पोषण उपलब्ध कराया जाए तो मरीज के जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलेगी। समय पर दवा और भरपूर पोषण उपलब्ध कराने के लिए शासन ने टीबी के मरीजों को विभिन्न संस्थाओं को गोद देने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले में टीबी के 500 मरीजों को गोद देने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को दिया है। इन मरीजों को रेड क्रास सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब व अन्य सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाएं गोद लेगी। यह कार्यक्रम 24 मार्च से शुरू होगा और इस दौरान टीबी के मरीजों को विभिन्न संस्थाओं और संगठनों द्वारा गोद लिया जाएगा। खास बात ये रहेगी कि नए मरीजों को गोद लिया जाएगा। टीबी कार्यक्रम के जिला प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि जिले में टीबी के 500 मरीजों को विभिन्न संस्थाओं द्वारा गोद लेने का लक्ष्य मिला है। इस कार्यक्रम के लिए नए टीबी मरीजों व गोद लेने वाली संस्थाओं की सूची तैयारी की जा रही है।
228000 लोगों की स्क्रीनिंग, टीबी के 26 मरीज मिले
शामली। जिले में नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चल रहा है। यह अभियान 22 मार्च तक चलेगा। टीबी कार्यक्रम के जिला प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 228000 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें टीबी के संदिग्ध लक्षण वाले 492 लोगों के सैंपल लेकर जांच कराई गई, जिनमें 26 लोग टीबी के संक्रमित पाए गए। उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी के मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जाता है। साथ ही शासन की तरफ से उपचार की अवधि के दौरान नि:क्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इसके अलावा टीबी के मरीजों को बेहतर देखभाल और भरपूर पोषण उपलब्ध कराया जाए तो मरीज के जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलेगी। समय पर दवा और भरपूर पोषण उपलब्ध कराने के लिए शासन ने टीबी के मरीजों को विभिन्न संस्थाओं को गोद देने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले में टीबी के 500 मरीजों को गोद देने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को दिया है। इन मरीजों को रेड क्रास सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब व अन्य सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाएं गोद लेगी। यह कार्यक्रम 24 मार्च से शुरू होगा और इस दौरान टीबी के मरीजों को विभिन्न संस्थाओं और संगठनों द्वारा गोद लिया जाएगा। खास बात ये रहेगी कि नए मरीजों को गोद लिया जाएगा। टीबी कार्यक्रम के जिला प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि जिले में टीबी के 500 मरीजों को विभिन्न संस्थाओं द्वारा गोद लेने का लक्ष्य मिला है। इस कार्यक्रम के लिए नए टीबी मरीजों व गोद लेने वाली संस्थाओं की सूची तैयारी की जा रही है।
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228000 लोगों की स्क्रीनिंग, टीबी के 26 मरीज मिले
शामली। जिले में नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चल रहा है। यह अभियान 22 मार्च तक चलेगा। टीबी कार्यक्रम के जिला प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 228000 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें टीबी के संदिग्ध लक्षण वाले 492 लोगों के सैंपल लेकर जांच कराई गई, जिनमें 26 लोग टीबी के संक्रमित पाए गए। उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।
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