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Shamli News: पूर्व प्रधान व सचिव से 13.45 लाख की वसूली के आदेश
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- विकास कार्यों की धनराशि के दुरुपयोग की गई थी शिकायत, जांच में पाए गए दोषी
- 15 दिन में धनराशि जमा न करने पर जारी होगी आरसी
- सचिव की तैनाती फिलहाल सहारनपुर जनपद में है
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। ऊन ब्लॉक क्षेत्र के पिंडौरा गांव के पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव विकास कार्यों की धनराशि का दुरुपयोग करने के दोषी पाए गए। डीएम ने दोनों से 13.45 लाख की वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं। 15 दिन में धनराशि ग्राम निधि के खाते में जमा न करने पर दोनों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। आरोपी सचिव फिलहाल सहारनपुर जनपद में तैनात है।
पिंडौरा गांव निवासी पंकज कुमार पुत्र कालूराम ने डीएम के यहां शपथ पत्र देते हुए शिकायत की थी। जिसमें पूर्व प्रधान सचिन कुमार और तत्कालीन सचिव वैभव निर्वाल पर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। डीएम के निर्देश पर आरोपों की जांच एसडीएम शामली, पीओ डूडा और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने की थी। तीन सदस्यीय इस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 22 फरवरी को डीएम को सौंपी थी। जांच में पूर्व प्रधान और सचिव 13,45,782 रुपये के वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए। जिस पर डीएम ने 24 मार्च को दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसका दोनों ने काई जवाब नहीं दिया। इसके बाद सात दिन का जवाब देने का अतिरिक्त समय दिया। लेकिन दोनों ने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर डीएम ने दोनों को दोषी मानते हुए ग्राम प्रधान सुनील कुमार और सचिव वैभव निर्वाल से 13,45,782 रुपये की आधी-आधी धनराशि की वसूली के आदेश जारी कर दिए।
डीपीआरओ नंदलाल ने बताया कि सचिव से वसूली के लिए सहारनपुर के डीएम और डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है। यदि 15 दिन में ग्राम निधि के खाते में धनराशि जमा नहीं कराई गई तो दोनों के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगी।
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कई बिंदुओं पर की गई थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक शौचालय के लिए 58755 रुपये तीन किश्तों में निकाले गए। लेकिन गांव में कहीं भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। क्षेत्र पंचायत की ओर से गांव में चार इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण कराया गया था। लेकिन इनका निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से दिखाकर 843038 रुपये निकाल लिए गए। प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण क्षेत्र पंचायत ने कराया, इस कार्य के लिए भी ग्राम पंचायत के खाते से 430000 की धनराशि निकाल ली गई। बरातघर का निर्माण विधायक निधि से कराया गया। इसके लिए भी 400185 रुपये दो किश्तों में निकाले गए। इसके अलावा भी शिकायती पत्र में कई आरोप लगाए गए हैं।
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- 15 दिन में धनराशि जमा न करने पर जारी होगी आरसी
- सचिव की तैनाती फिलहाल सहारनपुर जनपद में है
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। ऊन ब्लॉक क्षेत्र के पिंडौरा गांव के पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव विकास कार्यों की धनराशि का दुरुपयोग करने के दोषी पाए गए। डीएम ने दोनों से 13.45 लाख की वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं। 15 दिन में धनराशि ग्राम निधि के खाते में जमा न करने पर दोनों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। आरोपी सचिव फिलहाल सहारनपुर जनपद में तैनात है।
पिंडौरा गांव निवासी पंकज कुमार पुत्र कालूराम ने डीएम के यहां शपथ पत्र देते हुए शिकायत की थी। जिसमें पूर्व प्रधान सचिन कुमार और तत्कालीन सचिव वैभव निर्वाल पर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। डीएम के निर्देश पर आरोपों की जांच एसडीएम शामली, पीओ डूडा और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने की थी। तीन सदस्यीय इस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 22 फरवरी को डीएम को सौंपी थी। जांच में पूर्व प्रधान और सचिव 13,45,782 रुपये के वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए। जिस पर डीएम ने 24 मार्च को दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसका दोनों ने काई जवाब नहीं दिया। इसके बाद सात दिन का जवाब देने का अतिरिक्त समय दिया। लेकिन दोनों ने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर डीएम ने दोनों को दोषी मानते हुए ग्राम प्रधान सुनील कुमार और सचिव वैभव निर्वाल से 13,45,782 रुपये की आधी-आधी धनराशि की वसूली के आदेश जारी कर दिए।
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डीपीआरओ नंदलाल ने बताया कि सचिव से वसूली के लिए सहारनपुर के डीएम और डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है। यदि 15 दिन में ग्राम निधि के खाते में धनराशि जमा नहीं कराई गई तो दोनों के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगी।
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कई बिंदुओं पर की गई थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक शौचालय के लिए 58755 रुपये तीन किश्तों में निकाले गए। लेकिन गांव में कहीं भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। क्षेत्र पंचायत की ओर से गांव में चार इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण कराया गया था। लेकिन इनका निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से दिखाकर 843038 रुपये निकाल लिए गए। प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी का निर्माण क्षेत्र पंचायत ने कराया, इस कार्य के लिए भी ग्राम पंचायत के खाते से 430000 की धनराशि निकाल ली गई। बरातघर का निर्माण विधायक निधि से कराया गया। इसके लिए भी 400185 रुपये दो किश्तों में निकाले गए। इसके अलावा भी शिकायती पत्र में कई आरोप लगाए गए हैं।