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Shamli News: बेसहारा बीमार लोगों का खुर्द के खर्च पर उपचार करा रहे अपना घर आश्रम के पदाधिकारी
Sun, 08 Oct 2023 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:11 AM IST
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शामली के अपना घर आश्रम में नेपाल के रहने वाले रामचंद्र अपने परिजनों के साथ। फोटो-स्वयं।
शामली। कुछ लोग जीवन में ऐसा काम कर जाते हैं, जिन्हें ताउम्र याद रखा जाता है। ऐसा ही कुछ कार्य कर रहे हैं शामली के झिंझाना रोड पर स्थित अपना घर आश्रम के पदाधिकारी। पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल की पहल पर शुरू किए गए आश्रम में बेसहारा, बीमार, मानसिक , लकवाग्रस्त, टीबी और अन्य रोगों से ग्रस्त लोगों को निशुल्क उपचार दिया जाता है।
यही नहीं आश्रम के पदाधिकारी बीमार महिला और पुरुषों को ठीक कर उनके परिजनों से मिलवाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिछले आठ साल में आश्रम के पदाधिकारी विभिन्न जिले और प्रदेशों के बेसहारा 339 लोगों का खुद के खर्च पर उपचार कराकर परिजनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। अभी भी आश्रम में बीमारियों से ग्रस्त 128 लोगों का आश्रम के पदाधिकारी खुद के खर्च पर उपचार दे रहे हैं। खास बात यह है कि हर रोज बीमारी से लेकर खाने आदि पर 20 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। डीएम रविंद्र सिंह ने कहा कि अपना घर आश्रम के पदाधिकारियों का प्रयास सराहनीय है। अन्य लोगों को भी सामाजिक कार्यों के लिए आगे आना चाहिए।
स्वामी जी से प्रेरित होकर शामली में आठ साल पूर्व शुरू किया गया था आश्रम
आश्रम के मैनेजर अरविंद शर्मा ने बताया कि पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल भरतपुर के आश्रम में स्वामी विजय कौशल के साथ गए थे। वहां पर देखा कि बेसहारा और बीमार लोगों को उपचार देने के लिए आश्रम में र खा गया है। पूर्व विधायक ने बताया कि स्वामी जी से प्रेरित होकर शामली में वर्ष 2015 में आश्रम को शुरू किया गया। आश्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र मित्तल की देखरेख में उपचार किया जा रहा है।
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इन राज्यों के लोगों का उपचार कर परिजनों से मिलवा चुके आश्रम के पदाधिकारी
बिहार के पटना, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा के करनाल, हिसार, सोनीपत, भिवानी, सिरसा, रोहतक, यूपी के आगरा, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, मेरठ, बरेली, ग्वालियर, गाजियाबाद, अंबेडकर नगर, दिल्ली के शाहदरा आदि।
इस नंबर पर दे सकते हैं सूचना
अपना घर आश्रम ने बीमार लोगों को शरण देने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया हुआ है। हेल्पलाइन नंबर 95577681670 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना पाते ही टीम मौके पर पहुंचती है।
इन मामलों से समझिए कैसे बीमाराें को परिजनों से आश्रम के पदाधिकारियों ने ठीक कराकर परिजनों से मिलवाया
केस-1
यूपी के अंबेडकर नगर के रहने वाले 61 साल के किशन रामनारायण मानसिक रूप से बीमार थे। जिन्हें पंंचकूला से शामली के अपना घर आश्रम में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों की टीम ने उपचार दिया। 16 साल पहले किशन परिजनों से बिछड़े थे। ठीक होने पर दो माह पूर्व ही परिजनों को तलाश कर आश्रम के पदाधिकारियों ने किशन को उसके परिजनों का पता लगाकर उनके सुपुर्द कर दिया।
केस-2
नेपाल के रहने वाले रामचंद्र 18 साल पहले मानसिक रूप से बीमारी होने के कारण घर से चले आए थे। हेल्पलाइन पर आई सूचना के बाद परिजन मुजफ्फरनगर से रामचंद्र को आश्रम में ले आए, जहां पर उपचार दिया गया। कुछ समय पूर्व ही रामचंद्र के परिजनों का पता लगाकर उन्हें सूचना दी गई। रामचंद्र का भाई नागेंद्र ओर अन्य पहुंचे और रामचंद्र को साथ ले गए। परिजनों और रामचंद्र की खुशी का का ठिकाना नहीं रहा।
जब तक शरीर में जान है, सामाजिक कार्य जारी रहेंगे
पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने बताया कि जब तक शरीर में जान रहेंगी, सामाजिक कार्य जारी रहेंगे। कहा कि बीमारी और बेसहारा लोगों की मदद कर मन को जो संतुष्टि मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।
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यही नहीं आश्रम के पदाधिकारी बीमार महिला और पुरुषों को ठीक कर उनके परिजनों से मिलवाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिछले आठ साल में आश्रम के पदाधिकारी विभिन्न जिले और प्रदेशों के बेसहारा 339 लोगों का खुद के खर्च पर उपचार कराकर परिजनों से मिलवाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। अभी भी आश्रम में बीमारियों से ग्रस्त 128 लोगों का आश्रम के पदाधिकारी खुद के खर्च पर उपचार दे रहे हैं। खास बात यह है कि हर रोज बीमारी से लेकर खाने आदि पर 20 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। डीएम रविंद्र सिंह ने कहा कि अपना घर आश्रम के पदाधिकारियों का प्रयास सराहनीय है। अन्य लोगों को भी सामाजिक कार्यों के लिए आगे आना चाहिए।
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स्वामी जी से प्रेरित होकर शामली में आठ साल पूर्व शुरू किया गया था आश्रम
आश्रम के मैनेजर अरविंद शर्मा ने बताया कि पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल भरतपुर के आश्रम में स्वामी विजय कौशल के साथ गए थे। वहां पर देखा कि बेसहारा और बीमार लोगों को उपचार देने के लिए आश्रम में र खा गया है। पूर्व विधायक ने बताया कि स्वामी जी से प्रेरित होकर शामली में वर्ष 2015 में आश्रम को शुरू किया गया। आश्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र मित्तल की देखरेख में उपचार किया जा रहा है।
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इन राज्यों के लोगों का उपचार कर परिजनों से मिलवा चुके आश्रम के पदाधिकारी
बिहार के पटना, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा के करनाल, हिसार, सोनीपत, भिवानी, सिरसा, रोहतक, यूपी के आगरा, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, मेरठ, बरेली, ग्वालियर, गाजियाबाद, अंबेडकर नगर, दिल्ली के शाहदरा आदि।
इस नंबर पर दे सकते हैं सूचना
अपना घर आश्रम ने बीमार लोगों को शरण देने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया हुआ है। हेल्पलाइन नंबर 95577681670 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना पाते ही टीम मौके पर पहुंचती है।
इन मामलों से समझिए कैसे बीमाराें को परिजनों से आश्रम के पदाधिकारियों ने ठीक कराकर परिजनों से मिलवाया
केस-1
यूपी के अंबेडकर नगर के रहने वाले 61 साल के किशन रामनारायण मानसिक रूप से बीमार थे। जिन्हें पंंचकूला से शामली के अपना घर आश्रम में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों की टीम ने उपचार दिया। 16 साल पहले किशन परिजनों से बिछड़े थे। ठीक होने पर दो माह पूर्व ही परिजनों को तलाश कर आश्रम के पदाधिकारियों ने किशन को उसके परिजनों का पता लगाकर उनके सुपुर्द कर दिया।
केस-2
नेपाल के रहने वाले रामचंद्र 18 साल पहले मानसिक रूप से बीमारी होने के कारण घर से चले आए थे। हेल्पलाइन पर आई सूचना के बाद परिजन मुजफ्फरनगर से रामचंद्र को आश्रम में ले आए, जहां पर उपचार दिया गया। कुछ समय पूर्व ही रामचंद्र के परिजनों का पता लगाकर उन्हें सूचना दी गई। रामचंद्र का भाई नागेंद्र ओर अन्य पहुंचे और रामचंद्र को साथ ले गए। परिजनों और रामचंद्र की खुशी का का ठिकाना नहीं रहा।
जब तक शरीर में जान है, सामाजिक कार्य जारी रहेंगे
पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने बताया कि जब तक शरीर में जान रहेंगी, सामाजिक कार्य जारी रहेंगे। कहा कि बीमारी और बेसहारा लोगों की मदद कर मन को जो संतुष्टि मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।