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Shamli News: मौसम में बदलाव से खुजली और त्वचा रोग के मरीज बढ़े
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शामली। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बाद त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में एलर्जी, खुजली, दाद, घमौरियां और लाल चकतों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों का सामान्य उपचार ही किया जा रहा है।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या भी अच्छी-खासी है। कई मरीजों में कमर, गर्दन, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर लाल चकत्ते, खुजली और फंगल संक्रमण की शिकायत मिल रही है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण कई मरीजों को सामान्य दवाएं देकर उपचार किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. समद अली ने बताया कि तेज धूप, अत्यधिक पसीना, साफ-सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहनने से त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से फैलता है। चिकित्सक डॉ. सानिया मिर्जा के अनुसार अधिक देर तक शरीर पर पसीना बने रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे खुजली, जलन, लाल चकत्ते और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा तेज धूप के कारण सनबर्न और त्वचा के झुलसने की शिकायत भी सामने आती है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर को सूखा रखें, ढीले और सूती कपड़े पहनें तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में निकलने से बचें।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ की कमी से बढ़ी परेशानी
जिला अस्पताल में पहले तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर सिंह का स्थानांतरण होने के बाद से विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों को समुचित परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। विशेषज्ञ की नियुक्ति होने तक मरीजों का उपलब्ध चिकित्सकों द्वारा उपचार कराया जा रहा है। - डॉ. मनोज कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या भी अच्छी-खासी है। कई मरीजों में कमर, गर्दन, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर लाल चकत्ते, खुजली और फंगल संक्रमण की शिकायत मिल रही है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण कई मरीजों को सामान्य दवाएं देकर उपचार किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. समद अली ने बताया कि तेज धूप, अत्यधिक पसीना, साफ-सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहनने से त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से फैलता है। चिकित्सक डॉ. सानिया मिर्जा के अनुसार अधिक देर तक शरीर पर पसीना बने रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे खुजली, जलन, लाल चकत्ते और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा तेज धूप के कारण सनबर्न और त्वचा के झुलसने की शिकायत भी सामने आती है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर को सूखा रखें, ढीले और सूती कपड़े पहनें तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में निकलने से बचें।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ की कमी से बढ़ी परेशानी
जिला अस्पताल में पहले तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर सिंह का स्थानांतरण होने के बाद से विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों को समुचित परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। विशेषज्ञ की नियुक्ति होने तक मरीजों का उपलब्ध चिकित्सकों द्वारा उपचार कराया जा रहा है। - डॉ. मनोज कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल