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Shamli News: अब एप से होगा परिषदीय स्कूलों की किताबों का सत्यापन
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शामली। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में विद्यार्थियों में वितरित किताब और वर्कबुक का सत्यापन अब भौतिक रिपोर्ट के साथ ऑनलाइन भी किया जाएगा। एनसीईआरटी की तरफ से इसके लिए पत्र जारी कर दिया गया है।
अब किताब से पहुंची तो विद्यार्थियों को मिली अथवा बीआरसी पर ही रह गई इसकी जानकारी विभाग को रहेगी। एप के प्रयोग के निर्देश के बाद डाटा फीडिंग कार्य पूर्ण करने में विभाग जुटा है। 596 स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों का डाटा किताब वितरण एप पर फीड किया जा रहा। विद्यालयों में किताब वितरण के लिए क्यूआर कोड आधारित नया एप शुरू किया गया है। इससे पुस्तकों की पारदर्शी, समयबद्ध आपूर्ति और ऑनलाइन निगरानी संभव होगी। करीब 80 हजार छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को अब कक्षा तीन की हिंदी व गणित विषय की पुस्तकें मार्गदर्शन किताब वितरण एप के माध्यम से मुहैया कराई जाएगी। इसका उपयोग प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के उपयोग के लिए किया जाएगा।
-पारदर्शी होगा वितरण
परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सामग्री की पारदर्शिता बढ़ेगी। किताब वितरण एप क्यूआर कोड आधारित एप पाठ्य पुस्तकें, कार्य पुस्तिकाएं, शिक्षक मार्गदर्शन व अन्य सामग्री अंतिम स्तर तक समय पर पहुंचाने की सुविधा देता है। बीएसए, बीईओ, एसआरजी, एआरपी, डायट मेंटर, प्रधानाध्यापक और शिक्षक सामग्री प्राप्त होते ही क्यूआर कोड स्कैन कर वितरण दर्ज करेंगे।
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-इन्होंने कहा
राज्य परियोजना कार्यालय की तरफ से किताब वितरण एप उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। एप पर डाटा फीडिंग की जा रही है। इसके बाद सत्यापन कराया जाएगा।-लता राठौर, बीएसए।
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अब किताब से पहुंची तो विद्यार्थियों को मिली अथवा बीआरसी पर ही रह गई इसकी जानकारी विभाग को रहेगी। एप के प्रयोग के निर्देश के बाद डाटा फीडिंग कार्य पूर्ण करने में विभाग जुटा है। 596 स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों का डाटा किताब वितरण एप पर फीड किया जा रहा। विद्यालयों में किताब वितरण के लिए क्यूआर कोड आधारित नया एप शुरू किया गया है। इससे पुस्तकों की पारदर्शी, समयबद्ध आपूर्ति और ऑनलाइन निगरानी संभव होगी। करीब 80 हजार छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को अब कक्षा तीन की हिंदी व गणित विषय की पुस्तकें मार्गदर्शन किताब वितरण एप के माध्यम से मुहैया कराई जाएगी। इसका उपयोग प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के उपयोग के लिए किया जाएगा।
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-पारदर्शी होगा वितरण
परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सामग्री की पारदर्शिता बढ़ेगी। किताब वितरण एप क्यूआर कोड आधारित एप पाठ्य पुस्तकें, कार्य पुस्तिकाएं, शिक्षक मार्गदर्शन व अन्य सामग्री अंतिम स्तर तक समय पर पहुंचाने की सुविधा देता है। बीएसए, बीईओ, एसआरजी, एआरपी, डायट मेंटर, प्रधानाध्यापक और शिक्षक सामग्री प्राप्त होते ही क्यूआर कोड स्कैन कर वितरण दर्ज करेंगे।
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-इन्होंने कहा
राज्य परियोजना कार्यालय की तरफ से किताब वितरण एप उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। एप पर डाटा फीडिंग की जा रही है। इसके बाद सत्यापन कराया जाएगा।-लता राठौर, बीएसए।