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पेयजल कार्य पूर्ण न होने पर एनजीटी सख्त
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पेयजल कार्य पूर्ण न होने पर एनजीटी सख्त
शामली। नदियों के प्रदूषण से प्रदूषित हो रहे पेयजल को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। पेयजल के लिए जो कार्य होने थे वे पूरे नहीं हुए। इस पर एनजीटी ने कार्यों को पूर्ण कराते हुए रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। जिले में करीब 29 गांवों में पेयजल से जुड़े काम होने हैं।
जिले की कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में पेयजल प्रदूषित हो रहा है। एनजीटी ने शासन को नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य करने के आदेश दिए थे। जनपद में ऐसे करीब 29 गांव चिह्नित किए गए थे। इनमें स्वच्छ पेयजल के लिए काम होने थे, लेकिन ये पूरे नहीं हो सके। दाखिल की गई रिपोर्ट के मुताबिक 29 में से सात गांवों में काम हुए हैं, जबकि 22 में अभी चल रहे हैं। एनजीटी ने मामले की सुनवाई के दौरान अब तक हुए कार्यों पर असंतोष व्यक्त किया है। प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मुख्य सचिव को भी मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शामली। नदियों के प्रदूषण से प्रदूषित हो रहे पेयजल को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। पेयजल के लिए जो कार्य होने थे वे पूरे नहीं हुए। इस पर एनजीटी ने कार्यों को पूर्ण कराते हुए रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। जिले में करीब 29 गांवों में पेयजल से जुड़े काम होने हैं।
जिले की कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में पेयजल प्रदूषित हो रहा है। एनजीटी ने शासन को नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्य करने के आदेश दिए थे। जनपद में ऐसे करीब 29 गांव चिह्नित किए गए थे। इनमें स्वच्छ पेयजल के लिए काम होने थे, लेकिन ये पूरे नहीं हो सके। दाखिल की गई रिपोर्ट के मुताबिक 29 में से सात गांवों में काम हुए हैं, जबकि 22 में अभी चल रहे हैं। एनजीटी ने मामले की सुनवाई के दौरान अब तक हुए कार्यों पर असंतोष व्यक्त किया है। प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मुख्य सचिव को भी मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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