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एनसीसी में फर्जीवाड़ा : बिना मान्यता बांट दिए छात्रों को प्रमाणपत्र

Fri, 12 Feb 2021 12:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 12:20 AM IST
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NCC Certificate to students without giving recognition
एनसीसी में फर्जीवाड़ा : बिना मान्यता बांट दिए छात्रों को प्रमाणपत्र
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शामली। एनसीसी प्रशिक्षण को लेकर जिले में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बिना मान्यता कई साल से स्कूलों में प्रशिक्षण चलता रहा और सैकड़ों कैडेट्स को प्रमाणपत्र भी दे दिए गए। अब एनसीसी अधिकारियों ने चार कॉलेजों के कैडेट्स को कैंप से बाहर निकाल दिया। स्कूल प्रबंधन से लेकर अभिभावक और छात्र परेशान घूम रहे हैं, लेकिन एनसीसी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज में 2015 में एनसीसी का कैंप लगा था। इसके बाद यहां एनसीसी जेडी और एसडी का प्रशिक्षण चला आ रहा था। अब तक सैकड़ों बच्चे प्रशिक्षण लेकर ए और बी प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुके हैं। एनसीसी अधिकारी कॉलेज में आकर प्रशिक्षण देते रहे। कैडेट्स नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य स्थानों पर लगे शिविरों और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। इस बार भी नौ कैडेट्स सिल्वर बेल्स कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने गए, लेकिन उन्हें वहां से निकाल दिया गया।
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इसी तरह ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज में 2018 से एनसीसी का प्रशिक्षण चल रहा है। पहले साल जेडी के 20 और एसडी के 10 कैडेट्स को प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र दिए गए। इस बार भी दस कैडेट्स को कैंप के लिए बुलाया गया, लेकिन एक दिन बाद ही उन्हें निकाल दिया गया। कॉलेज प्रवक्ता बाल गोविंद वर्मा ने बताया कि एनसीसी अधिकारी लगातार प्रशिक्षण देते और फीस भी जमा होती रही, लेकिन अचानक यह कहकर छात्रों को प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया गया कि कॉलेज को एनसीसी की मान्यता नहीं है।
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श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज के प्रवक्ता अश्वनी कुमार बताते हैं कि सेंट फ्रांसिस कॉलेज में तो 2007-08 के आसपास से एनसीसी प्रशिक्षण चल रहा है। वहां के बच्चों को भी कैंप से निकाल दिया गया। महाराजा सूरजमल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक श्यामपाल सिंह मलिक ने बताया कि उनके कॉलेज में दो साल पहले पांच जिलों का एनसीसी कैंप लगा था। बड़े-बड़े एनसीसी अधिकारी रुके थे। छात्रों को प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र दिए गए और अब मान्यता नहीं होने की बात कह दी गई।
मान्यता नहीं तो कैसे दिए गए प्रमाणपत्र
जिन कॉलेजों के छात्रों को एनसीसी की मान्यता नहीं होने की बात कहते हुए प्रशिक्षण में शामिल किया गया, उनके सैकड़ों छात्र प्रशिक्षण हासिल कर ए और बी प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं। इनके आधार पर डिग्री कॉलेज में सी प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर लिया। कई कैडेट्स इन प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी भी पा गए हैं। सवाल यह है कि जब कॉलेजों को मान्यता नहीं थी तो एनसीसी अधिकारियों के हस्ताक्षर और मोहर से उनके छात्रों को प्रमाणपत्र कैसे जारी किए जाते रहे।
मीडिया से बच रहे एनसीसी अधिकारी
पूरे मामले में एनसीसी अधिकारी मीडिया से बच रहे हैं। कमांडेंट कर्नल विशाल बख्शी से उनके कार्यालय में मामले की जानकारी करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया और यह संदेश भिजवाया कि सिल्वर बेल्स स्कूल में चल रहे कैंप के बाद ही कुछ जानकारी दे सकेंगे।
कोट...
- कई वर्षों से चारों कॉलेजों में प्रशिक्षण चल रहा था। प्रमाणपत्र भी दिए गए, लेकिन अब अचानक बिना किसी सूचना के यह कह दिया गया कि कॉलेजों को एनसीसी की मान्यता नहीं है। यदि बिना मान्यता प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र दिए गए तो संबंधित एनसीसी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। - अनिल शर्मा, प्रधानाचार्य, श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज शामली।

- दो इंटर कॉलेजों के बच्चे एनसीसी कैंप से निकालने की शिकायत लेकर उनसे मिले थे। यदि स्कूल में प्रशिक्षण चल रहा है तो अचानक से बच्चों को कैंप से बाहर नहीं किया जा सकता। मामले की जांच डीआईओएस सरदार सिंह को सौंपी गई है। - जसजीत कौर, डीएम
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