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नकली नोट सप्लायरों को 10 साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 30 Sep 2016 12:57 AM IST
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के कैराना में नकली नोटों की सप्लाई करने के दो आरोपियों को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) मनोज कुमार तृतीय ने दस-दस साल का कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सुजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता जावेद अली और संजय चौहान ने बताया कि 29 नवंबर 2005 को कैराना कोतवाली में तैनात एसआई आरके
कन्नौजिया ने पुलिस बल के साथ मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला आलकला स्थित सादा के मकान पर छापा मारा। मौके से सालिम निवासी ग्राम बुढ़नपुर थाना गंगोह सहारनपुर को एक लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया। जबकि सादा निवासी आलकला और मिस्त्री अनवर निवासी आल खुर्द पुलिस के ऊपर 1-1 लाख रुपये की गड्डियां फेंककर फरार हो गए थे।
पुलिस ने तीन लाख रुपयों के नोटों की गड्डियां जांच के लिए कानपुर भेज दी थीं। जहां से जांच रिपोर्ट में नोट नकली होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में पांच गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी सालिम निवासी ग्राम बुढ़नपुर
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थाना गंगोह और सादा निवासी मोहल्ला आलकला कैराना को दस-दस साल कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, तीसरे आरोपी मिस्त्री अनवर निवासी मोहल्ला आलखुर्द कैराना के किसी अन्य मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है।
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सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता जावेद अली और संजय चौहान ने बताया कि 29 नवंबर 2005 को कैराना कोतवाली में तैनात एसआई आरके
कन्नौजिया ने पुलिस बल के साथ मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला आलकला स्थित सादा के मकान पर छापा मारा। मौके से सालिम निवासी ग्राम बुढ़नपुर थाना गंगोह सहारनपुर को एक लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया। जबकि सादा निवासी आलकला और मिस्त्री अनवर निवासी आल खुर्द पुलिस के ऊपर 1-1 लाख रुपये की गड्डियां फेंककर फरार हो गए थे।
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पुलिस ने तीन लाख रुपयों के नोटों की गड्डियां जांच के लिए कानपुर भेज दी थीं। जहां से जांच रिपोर्ट में नोट नकली होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में पांच गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी सालिम निवासी ग्राम बुढ़नपुर
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थाना गंगोह और सादा निवासी मोहल्ला आलकला कैराना को दस-दस साल कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, तीसरे आरोपी मिस्त्री अनवर निवासी मोहल्ला आलखुर्द कैराना के किसी अन्य मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है।