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नाग पंचमी आज, पूजा का अद्भुत योग बना
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नाग पंचमी आज, पूजा का अद्भुत योग बना
शामली। शनिवार को नाग पंचमी पर कालसर्प दोष दूर करने का दुर्लभ योग बन रहा है। सावन महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस साल शिव योग में नाग पंचमी पूजा का एक अद्भुत योग बन रहा है। इसमें भगवान शिव की नागों से पूजा करना उत्तम और कल्याणकारी है।
आज नाग पंचमी पर शिवालयों में भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक विशेष पूजन और नागों को दूध पिलाने का विधान है। इस साल शिव योग में नाग पंचमी पूजा का अद्भुत योग है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग-नागिन की पूजा करने से विषैले जीव-जंतुओं के काटने का भी डर नहीं रहता है। शहर के बुढ़ाना रोड स्थित श्री हनुमान ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रभुशंकर शास्त्री के मुताबिक, इस साल नाग पंचमी का पर्व उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण के दुर्लभ योग में पड़ रहा है। इस योग में कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा का विधान शास्त्रों में बताया गया है। नाग पंचमी को मंगल वृश्चिक लग्न में होंगे, साथ ही भगवान कल्की की जयंती भी है।
इस तरह करें महादेव की पूजा
शामली। नाग पंचमी पर भगवान महादेव और पार्वती की विधि-विधान से पूजन करें। इसके बाद महादेव का रुद्राभिषेक करें। नाग-नागिन की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर दूध, अक्षत, फूल, चंदन और मीठा अर्पित करें। पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद महादेव से अपनी बाधाओं को दूर करने की कामना करें।
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नागपंचमी तिथि मुहूर्त
शुक्रवार शाम 4.10 बजे से शनिवार दोपहर 1.55 बजे तक।
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
शनिवार सुबह 7.30 बजे से 9.17 बजे तक और दोपहर 11.29 बजे से 12.30 बजे तक।
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शामली। शनिवार को नाग पंचमी पर कालसर्प दोष दूर करने का दुर्लभ योग बन रहा है। सावन महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस साल शिव योग में नाग पंचमी पूजा का एक अद्भुत योग बन रहा है। इसमें भगवान शिव की नागों से पूजा करना उत्तम और कल्याणकारी है।
आज नाग पंचमी पर शिवालयों में भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक विशेष पूजन और नागों को दूध पिलाने का विधान है। इस साल शिव योग में नाग पंचमी पूजा का अद्भुत योग है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग-नागिन की पूजा करने से विषैले जीव-जंतुओं के काटने का भी डर नहीं रहता है। शहर के बुढ़ाना रोड स्थित श्री हनुमान ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रभुशंकर शास्त्री के मुताबिक, इस साल नाग पंचमी का पर्व उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण के दुर्लभ योग में पड़ रहा है। इस योग में कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा का विधान शास्त्रों में बताया गया है। नाग पंचमी को मंगल वृश्चिक लग्न में होंगे, साथ ही भगवान कल्की की जयंती भी है।
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इस तरह करें महादेव की पूजा
शामली। नाग पंचमी पर भगवान महादेव और पार्वती की विधि-विधान से पूजन करें। इसके बाद महादेव का रुद्राभिषेक करें। नाग-नागिन की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर दूध, अक्षत, फूल, चंदन और मीठा अर्पित करें। पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद महादेव से अपनी बाधाओं को दूर करने की कामना करें।
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नागपंचमी तिथि मुहूर्त
शुक्रवार शाम 4.10 बजे से शनिवार दोपहर 1.55 बजे तक।
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
शनिवार सुबह 7.30 बजे से 9.17 बजे तक और दोपहर 11.29 बजे से 12.30 बजे तक।