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Shamli News: मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल होंगे 11 गांव
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शामली प्रगति मार्किट में स्थित मुजफ्फरनगर विकास प्रधिकरण का कार्यालय। प्राधिकरण से संबंधित खब?
- फोटो : SHAMLI
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल होंगे 11 गांव
शामली। जिला मुख्यालय के आसपास के 11 गांव मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र की सीमा में शामिल होंगे। शासन ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय से इन गांवों को शामिल करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। प्राधिकरण की सीमा में ये 11 गांव शामिल होने के बाद इन गांवों में भी सुनियोजित विकास होगा। अवैध कॉलोनी विकसित होने पर रोक लगेगी। आम जनमानस के लिए प्राधिकरण सुविधायुक्त आवासीय कालोनी विकसित कर सकेगा।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के विनियमित क्षेत्र में आठ जनवरी 1988 में शासन ने नगर पालिका परिषद शामली क्षेत्र, टिटौली, मुंडेट कलां, शामली ग्रामीण, बनत, ताजपुर सिंभालका,बलवा, लिलौन, खेड़ीकरमू, गोहरनी, बधेव कन्नू खेड़ा, सेहटा आदि गांव को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाद में वर्ष 1996 में शामली नगर पालिका परिषद क्षेत्र मुंडेट कलां, खेड़ीकरमू, सिंभालका गांव के कृषि भूमि को शामिल रखते हुए सात गांव को विनियमित क्षेत्र से बाहर कर दिया गया था। 28 सितंबर 2011 को शामली जिला बनने के बाद पहले डीएम अजय कुमार सिंह ने जिला मुख्यालय के 11 गांवों को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भिजवाया था।
एक माह पूर्व शासन ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 11 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार करते हुए रिपोर्ट तलब की थी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामली नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में टिटौली, मुंडेट कलां, शामली ग्रामीण, बनत, ताजपुर सिंभालका, बलवा, लिलौन, खेड़ीकरमू, गोहरनी, बधेव कन्नू खेड़ा, सहेटा आदि गांव को शामिल करने का प्रस्ताव की रिपोर्ट दो दिन पूर्व शासन को भेज दी गई है। शासन से मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जिला मुख्यालय के आसपास के 11 गांव शामिल होने के बाद प्राधिकरण क्षेत्र का अनुमानित तीन से पांच किमी सीमा क्षेत्र हो जाएगा।
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मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जिला मुख्यालय के 11 गांव शामिल होने के बाद शामली शहर, बनत नगर पंचायत का सुनियोजित विकास होगा। प्राधिकरण की ओर से विकसित आवासीय कॉलोनी की सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके अलावा शामली जिला मुख्यालय के आसपास गांवों में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण शामली कार्यालय के प्रभारी राजीव त्यागी ने बताया कि शामली जिला मुख्यालय के 11 गांव को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में शामिल करने के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
शामली महायोजना 2031 होगी संशोधित
प्राधिकरण शामली कार्यालय के प्रभारी राजीव त्यागी के मुताबिक मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जिला मुख्यालय के 11 गांवों शामिल होने के बाद जिले का सुनियोजित विकास के लिए तैयार की जा रही मुजफ्फरनगर और शामली विकास प्राधिकरण की शामली महायोजना 2031 संशोधित होगी। नए सिरे से 11 गांवों के विकास को देखते हुए महायोजना तैयार की जाएगी। जिसमें जिला मुख्यालय के 11 गांवों में विकास प्राधिकरण भवनों के नक्शे पास हो सकेंगे। सुनियोजित विकास के लिए प्राधिकरण की आवासीय कॉलोनी, पार्क, बस अड्डे, औद्योगिक पार्क, स्कूल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवा, बाजार विकसित होंगे।
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शामली। जिला मुख्यालय के आसपास के 11 गांव मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र की सीमा में शामिल होंगे। शासन ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय से इन गांवों को शामिल करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। प्राधिकरण की सीमा में ये 11 गांव शामिल होने के बाद इन गांवों में भी सुनियोजित विकास होगा। अवैध कॉलोनी विकसित होने पर रोक लगेगी। आम जनमानस के लिए प्राधिकरण सुविधायुक्त आवासीय कालोनी विकसित कर सकेगा।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के विनियमित क्षेत्र में आठ जनवरी 1988 में शासन ने नगर पालिका परिषद शामली क्षेत्र, टिटौली, मुंडेट कलां, शामली ग्रामीण, बनत, ताजपुर सिंभालका,बलवा, लिलौन, खेड़ीकरमू, गोहरनी, बधेव कन्नू खेड़ा, सेहटा आदि गांव को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाद में वर्ष 1996 में शामली नगर पालिका परिषद क्षेत्र मुंडेट कलां, खेड़ीकरमू, सिंभालका गांव के कृषि भूमि को शामिल रखते हुए सात गांव को विनियमित क्षेत्र से बाहर कर दिया गया था। 28 सितंबर 2011 को शामली जिला बनने के बाद पहले डीएम अजय कुमार सिंह ने जिला मुख्यालय के 11 गांवों को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भिजवाया था।
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एक माह पूर्व शासन ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 11 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार करते हुए रिपोर्ट तलब की थी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामली नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में टिटौली, मुंडेट कलां, शामली ग्रामीण, बनत, ताजपुर सिंभालका, बलवा, लिलौन, खेड़ीकरमू, गोहरनी, बधेव कन्नू खेड़ा, सहेटा आदि गांव को शामिल करने का प्रस्ताव की रिपोर्ट दो दिन पूर्व शासन को भेज दी गई है। शासन से मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जिला मुख्यालय के आसपास के 11 गांव शामिल होने के बाद प्राधिकरण क्षेत्र का अनुमानित तीन से पांच किमी सीमा क्षेत्र हो जाएगा।
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मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जिला मुख्यालय के 11 गांव शामिल होने के बाद शामली शहर, बनत नगर पंचायत का सुनियोजित विकास होगा। प्राधिकरण की ओर से विकसित आवासीय कॉलोनी की सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके अलावा शामली जिला मुख्यालय के आसपास गांवों में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण शामली कार्यालय के प्रभारी राजीव त्यागी ने बताया कि शामली जिला मुख्यालय के 11 गांव को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में शामिल करने के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
शामली महायोजना 2031 होगी संशोधित
प्राधिकरण शामली कार्यालय के प्रभारी राजीव त्यागी के मुताबिक मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जिला मुख्यालय के 11 गांवों शामिल होने के बाद जिले का सुनियोजित विकास के लिए तैयार की जा रही मुजफ्फरनगर और शामली विकास प्राधिकरण की शामली महायोजना 2031 संशोधित होगी। नए सिरे से 11 गांवों के विकास को देखते हुए महायोजना तैयार की जाएगी। जिसमें जिला मुख्यालय के 11 गांवों में विकास प्राधिकरण भवनों के नक्शे पास हो सकेंगे। सुनियोजित विकास के लिए प्राधिकरण की आवासीय कॉलोनी, पार्क, बस अड्डे, औद्योगिक पार्क, स्कूल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवा, बाजार विकसित होंगे।