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Shamli News: हजरत अब्बास अलमदार की याद में निकाला मातमी जुलूस, सोगवारों ने पेश की अकीदत
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चौसाना। मुहर्रम की आठवीं तारीख पर कस्बे में शिया समुदाय की ओर से हजरत अब्बास अलमदार की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल सोगवारों ने अलमों के साथ मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत यानी श्रद्धांजलि पेश की।
बुधवार को मोहल्ला सादात स्थित इमामबाड़ा से मातमी जुलूस शुरू हुआ। जुलूस मुख्य बाजार, नदी मार्ग और जामा मस्जिद क्षेत्र से होकर गुजरा तथा अंत में पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल रहे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर छबीलें लगाकर शरबत और ठंडे पानी का वितरण किया गया।
जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस में मौलाना मोहम्मद वसीम ने कर्बला की घटना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 61 हिजरी में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने हक और इंसाफ की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन अत्याचार के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि हजरत अब्बास अलमदार ने भी कर्बला में वफादारी, बहादुरी और त्याग की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे आज भी श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
कार्यक्रम का आयोजन सैय्यद हसन मंजर जैदी के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान जैनूल आबिदीन, दानिश अली, मोहम्मद अली, अब्बास रजा, राजा, नजर हसन, फजल अली, कमर अब्बास, मंजर अब्बास, दानियाल, गुड्डू मियां मौजूद रहे।
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बुधवार को मोहल्ला सादात स्थित इमामबाड़ा से मातमी जुलूस शुरू हुआ। जुलूस मुख्य बाजार, नदी मार्ग और जामा मस्जिद क्षेत्र से होकर गुजरा तथा अंत में पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल रहे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर छबीलें लगाकर शरबत और ठंडे पानी का वितरण किया गया।
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जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस में मौलाना मोहम्मद वसीम ने कर्बला की घटना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 61 हिजरी में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने हक और इंसाफ की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन अत्याचार के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि हजरत अब्बास अलमदार ने भी कर्बला में वफादारी, बहादुरी और त्याग की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे आज भी श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
कार्यक्रम का आयोजन सैय्यद हसन मंजर जैदी के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान जैनूल आबिदीन, दानिश अली, मोहम्मद अली, अब्बास रजा, राजा, नजर हसन, फजल अली, कमर अब्बास, मंजर अब्बास, दानियाल, गुड्डू मियां मौजूद रहे।