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पांच साल में 76 हजार से ज्यादा घटी बसपा की वोट
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शामली। जिले में भाजपा और गठबंधन को छोड़कर सभी दलों के वोट घटे हैं। पांच साल में बसपा की वोट 76881 वोट घट गई। कांग्रेस के वोटों में भी जबरदस्त कमी आई है। तीनों सीटों पर पार्टी को महज 3095 वोट ही मिले। पहली बार जिले की तीनों सीटों पर उतरी आम आदमी पार्टी तीनों सीटों पर 1074 वोट ही हासिल कर पाई।
वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा को जिले में 238748 वोट मिली थी। इस बार यह वोट बढ़कर 304862 तक पहुंच गई। जो पिछले चुनावों से 66114 वोट ज्यादा हैं। इसके बाद भी भाजपा तीनों सीट गवां बैठी। बसपा को 2017 के चुनाव में तीनों सीटों पर 98180 वोट मिले थे। जबकि इस बार यह घटकर 21299 पर पहुंच गई। पिछले चुनाव में कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन था। तब कांग्रेस सिर्फ शामली सीट पर लड़ी थी और पार्टी के प्रत्याशी पंकज मलिक को 40365 वोट मिले थे। जबकि इस बार कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी 3095 वोट ही पा सके। सपा ने थानाभवन और कैराना से अपने उम्मीदवार उतारे थे। दोनों को कुल मिलाकर 112170 वोट मिले थे। इस बार कैराना सीट पर ही सपा ने 131035 वोट हासिल कर लिए। निर्दलीय उम्मीदवारों की बात करें तो पिछली बार तीनों सीटों पर 5447 मिले थे। जो इस बार बढ़कर 6976 हो गई।
नोटा दबाने वाले 682 कम हुए
इस बार चुनाव में नोटा का प्रयोग करने वालों की संख्या कम हुई। पिछली बार से 682 कम लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है। इस बार 2162 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया। जबकि 2017 के चुनाव में 2844 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। कैराना में पिछली बार 1060 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था। अबकी बार सिर्फ 593 ने ही नोटा दबाया। शामली सीट पर 901 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया था। जो घटकर इस बार 799 पर पहुंच गई। थानाभवन सीट पर 833 लोगों ने नोटा दबाया था। अबकी बार 789 ने नोटा का इस्तेमाल किया।
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337856 वोट तीनों सीटों पर मिले भाजपा को
304862 वोट मिले थे 2017 के चुनाव में
98180 वोट हासिल किए थे बसपा ने 2017 में
21299 वोट ही इस बार हासिल कर पाई बसपा
3095 वोटों पर सिमट गए कांग्रेस के तीन प्रत्याशी
40365 वोट अकेले शामली सीट पर मिले थे पंकज मलिक को
1074 वोट ही मिले तीनों सीटों पर आम आदमी पार्टी को
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वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा को जिले में 238748 वोट मिली थी। इस बार यह वोट बढ़कर 304862 तक पहुंच गई। जो पिछले चुनावों से 66114 वोट ज्यादा हैं। इसके बाद भी भाजपा तीनों सीट गवां बैठी। बसपा को 2017 के चुनाव में तीनों सीटों पर 98180 वोट मिले थे। जबकि इस बार यह घटकर 21299 पर पहुंच गई। पिछले चुनाव में कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन था। तब कांग्रेस सिर्फ शामली सीट पर लड़ी थी और पार्टी के प्रत्याशी पंकज मलिक को 40365 वोट मिले थे। जबकि इस बार कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी 3095 वोट ही पा सके। सपा ने थानाभवन और कैराना से अपने उम्मीदवार उतारे थे। दोनों को कुल मिलाकर 112170 वोट मिले थे। इस बार कैराना सीट पर ही सपा ने 131035 वोट हासिल कर लिए। निर्दलीय उम्मीदवारों की बात करें तो पिछली बार तीनों सीटों पर 5447 मिले थे। जो इस बार बढ़कर 6976 हो गई।
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नोटा दबाने वाले 682 कम हुए
इस बार चुनाव में नोटा का प्रयोग करने वालों की संख्या कम हुई। पिछली बार से 682 कम लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है। इस बार 2162 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया। जबकि 2017 के चुनाव में 2844 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। कैराना में पिछली बार 1060 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था। अबकी बार सिर्फ 593 ने ही नोटा दबाया। शामली सीट पर 901 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया था। जो घटकर इस बार 799 पर पहुंच गई। थानाभवन सीट पर 833 लोगों ने नोटा दबाया था। अबकी बार 789 ने नोटा का इस्तेमाल किया।
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337856 वोट तीनों सीटों पर मिले भाजपा को
304862 वोट मिले थे 2017 के चुनाव में
98180 वोट हासिल किए थे बसपा ने 2017 में
21299 वोट ही इस बार हासिल कर पाई बसपा
3095 वोटों पर सिमट गए कांग्रेस के तीन प्रत्याशी
40365 वोट अकेले शामली सीट पर मिले थे पंकज मलिक को
1074 वोट ही मिले तीनों सीटों पर आम आदमी पार्टी को