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नहर में डूबे मोहित का शव निकाला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 17 Sep 2016 12:28 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते समय पूर्वी यमुना नहर में तेज बहाव में बह गए युवक का शव दूसरे दिन शव मिल गया। गोताखोर की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नहर से निकाला। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
कस्बा कांधला में बृहस्पतिवार को शोभायात्रा निकालने के बाद शाम को पूर्वी यमुना नहर में गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया जा रहा था। विसर्जन के समय नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण तीन युवक पानी में बह गए थे।
मौके पर मौजूद लोगों ने दो युवकों को सकुशल बचा लिया था, जबकि मोहित सैनी पुत्र मंगत सैनी निवासी मोहल्ला खैल कांधला पानी में बह गया था। युवक के लापता होने की सूचना पर पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक युवक को तलाशने में लोग जुटे रहे, मगर उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। शुक्रवार दोपहर गोताखोर की टीम कांधला पहुंची और युवक को तलाशना शुरू कराया। कई घंटे प्रयास के बावजूद युवक का कुछ पता नहीं चला।
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उधर, शाम के समय कुछ युवक भारसी पुल के समीप बकरियां चरा रहे थे। उन्होंने युवक का शव झाड़ियों में अटका हुआ देखा। उनकी मदद से बाद में शव बाहर निकाला गया। देर शाम शव को परिजन घर ले आए। बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मोहित की मौत के बाद से परिवार में मातम है।
उधर, कुछ लोगों का कहना है कि बृहस्पतिवार शाम जब प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन युवक नहर में डूबे और एक युवक का पता नहीं लगा, तो सिचाई विभाग के अधिकारियों को कॉल की कई ताकि पानी बंद कराया जा सके। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कॉल तक रिसीव नहीं की। वहीं, रात में ही गोताखोर बुलाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि यदि रात में ही पानी बंद करा दिया जाता और गोताखोर आ जाते तो शायद मोहित की जान बचाई जा सकती थी।
काश...जिंदगी बच जाती
मोहित का शव निकलने के बाद गमजदा परिजन यही कहते रहे कि काश दोस्तों की तरह इसकी जिंदगी भी बच जाती। यमुना में डूबने पर तलाश में लापरवाही के प्रति भी परिजनों में रोष नजर आया।
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कस्बा कांधला में बृहस्पतिवार को शोभायात्रा निकालने के बाद शाम को पूर्वी यमुना नहर में गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया जा रहा था। विसर्जन के समय नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण तीन युवक पानी में बह गए थे।
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मौके पर मौजूद लोगों ने दो युवकों को सकुशल बचा लिया था, जबकि मोहित सैनी पुत्र मंगत सैनी निवासी मोहल्ला खैल कांधला पानी में बह गया था। युवक के लापता होने की सूचना पर पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक युवक को तलाशने में लोग जुटे रहे, मगर उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। शुक्रवार दोपहर गोताखोर की टीम कांधला पहुंची और युवक को तलाशना शुरू कराया। कई घंटे प्रयास के बावजूद युवक का कुछ पता नहीं चला।
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उधर, शाम के समय कुछ युवक भारसी पुल के समीप बकरियां चरा रहे थे। उन्होंने युवक का शव झाड़ियों में अटका हुआ देखा। उनकी मदद से बाद में शव बाहर निकाला गया। देर शाम शव को परिजन घर ले आए। बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मोहित की मौत के बाद से परिवार में मातम है।
उधर, कुछ लोगों का कहना है कि बृहस्पतिवार शाम जब प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन युवक नहर में डूबे और एक युवक का पता नहीं लगा, तो सिचाई विभाग के अधिकारियों को कॉल की कई ताकि पानी बंद कराया जा सके। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कॉल तक रिसीव नहीं की। वहीं, रात में ही गोताखोर बुलाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि यदि रात में ही पानी बंद करा दिया जाता और गोताखोर आ जाते तो शायद मोहित की जान बचाई जा सकती थी।
काश...जिंदगी बच जाती
मोहित का शव निकलने के बाद गमजदा परिजन यही कहते रहे कि काश दोस्तों की तरह इसकी जिंदगी भी बच जाती। यमुना में डूबने पर तलाश में लापरवाही के प्रति भी परिजनों में रोष नजर आया।