{"_id":"5fb810278ebc3e9b8c5d7f50","slug":"millions-of-tonnes-of-dump-dump-awaiting-disposal-shamli-news-mrt511886852","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों टन कूड़ा हुआ डंप, निस्तारण का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों टन कूड़ा हुआ डंप, निस्तारण का इंतजार
विज्ञापन
शामली भैसवाल रोड स्थित कूडा प्लांट के पास फैला कूड़े का ढेर।
- फोटो : SHAMLI
लाखों टन कूड़ा हुआ डंप, निस्तारण का इंतजार
शामली। नगरपालिका के ग्राउंड में शहर से निकलने वाला लाखों टन कूड़ा डंप हो चुका है। निस्तारण की व्यवस्था न होने से उसमें दुर्गंध आती रहती है। डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोग कूड़ा निस्तारण न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर में घरों से निकलने वाले कूड़े को पालिका भैंसवाल रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड में इकट्ठा कर रही है, लेकिन इसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। कूड़ा निस्तारण प्लांट भी बंद चल रहा है। शहर से रोजाना औसतन 36 टन कूड़ा निकलता है। इस तरह एक महीने में करीब 1100 टन कूड़ा इकट्ठा होता है। लॉकडाउन से अब तक करीब आठ महीने में 8800 टन कूड़ा इकट्ठा हो चुका है, जबकि उससे पहले जब प्लांट चल रहा था तो आधे से भी करीब 15 टन कूड़ा ही निस्तारित हो पाता था, लेकिन उसे वहां से उठाने वाला कोई नहीं होने के कारण वह भी वहीं पर इकट्ठा होता रहा।
पालिका अधिकारियों के मुताबिक यह प्लांट 2019 में चालू हुआ था। करीब छह माह चलने के बाद बरसात के महीनों में बंद रहा। इसके बाद चालू हुआ तो फिर लॉकडाउन में बंद हो गया था। इससे पहले 2012 से 2018 तक भी कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद रहा। इतने लंबे समय से कूड़ा इकट्ठा होने से प्लांट पर चारों तरफ लाों टन कूड़े के ऊंचे-ऊंचे ढेर नजर आते है, जो आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बने है।
विज्ञापन
यह बोले मोहल्लेवासी
डंपिंग ग्राउंड के सामने जनरल स्टोर चलाने वाले योगेंद्र सिंह ने बताया कि कूड़े के इकट्ठा होने से मक्खी मच्छर का प्रकोप हर समय रहता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है और लोग बीमार होते रहते हैं। इसका समाधान होना चाहिए।
हरदेव नगर कालोनी निवासी किसान धर्मवीर निर्वाल ने बताया कि कूड़े के ढेर से तो दुर्गंध आती ही है। साथ ही इसमें मृत जानवरों को भी दबाया जाता है, इससे दुर्गंध और अधिक आती है। जिले से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की गई। मार्ग पर सांकेतिक जाम भी लगाया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
कालोनी वासी शिक्षक मोहनलाल का कहना है कि कूड़े का अंबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसका निस्तारण न होने से समस्या बढ़ती जा रही है। इसका समाधान होना चाहिए, वरना बीमारी का प्रकोप फैल सकता है।
कोचिंग सेंटर संचालक कपिल बालियान ने बताया कि हवा चलने के साथ ही दुर्गंध दूर तक फैलती है। लोगों में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। शिकायत के बाद भी आज तक समाधान नहीं हुआ।
--
कोट...
लॉकडाउन के बाद से प्लांट बंद है। 2019 से पहले भी प्लांट बंद ही रहा है। ग्राउंड में कूड़ा इकट्ठा किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए शासन स्तर से एक टीम कई माह पहले सर्वे करने आई थी। कूड़ा निस्तारण की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। - आदेश सैनी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नगरपालिका।
विज्ञापन
शामली। नगरपालिका के ग्राउंड में शहर से निकलने वाला लाखों टन कूड़ा डंप हो चुका है। निस्तारण की व्यवस्था न होने से उसमें दुर्गंध आती रहती है। डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोग कूड़ा निस्तारण न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार समस्या के समाधान की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर में घरों से निकलने वाले कूड़े को पालिका भैंसवाल रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड में इकट्ठा कर रही है, लेकिन इसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। कूड़ा निस्तारण प्लांट भी बंद चल रहा है। शहर से रोजाना औसतन 36 टन कूड़ा निकलता है। इस तरह एक महीने में करीब 1100 टन कूड़ा इकट्ठा होता है। लॉकडाउन से अब तक करीब आठ महीने में 8800 टन कूड़ा इकट्ठा हो चुका है, जबकि उससे पहले जब प्लांट चल रहा था तो आधे से भी करीब 15 टन कूड़ा ही निस्तारित हो पाता था, लेकिन उसे वहां से उठाने वाला कोई नहीं होने के कारण वह भी वहीं पर इकट्ठा होता रहा।
विज्ञापन
पालिका अधिकारियों के मुताबिक यह प्लांट 2019 में चालू हुआ था। करीब छह माह चलने के बाद बरसात के महीनों में बंद रहा। इसके बाद चालू हुआ तो फिर लॉकडाउन में बंद हो गया था। इससे पहले 2012 से 2018 तक भी कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद रहा। इतने लंबे समय से कूड़ा इकट्ठा होने से प्लांट पर चारों तरफ लाों टन कूड़े के ऊंचे-ऊंचे ढेर नजर आते है, जो आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बने है।
विज्ञापन
यह बोले मोहल्लेवासी
डंपिंग ग्राउंड के सामने जनरल स्टोर चलाने वाले योगेंद्र सिंह ने बताया कि कूड़े के इकट्ठा होने से मक्खी मच्छर का प्रकोप हर समय रहता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है और लोग बीमार होते रहते हैं। इसका समाधान होना चाहिए।
हरदेव नगर कालोनी निवासी किसान धर्मवीर निर्वाल ने बताया कि कूड़े के ढेर से तो दुर्गंध आती ही है। साथ ही इसमें मृत जानवरों को भी दबाया जाता है, इससे दुर्गंध और अधिक आती है। जिले से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की गई। मार्ग पर सांकेतिक जाम भी लगाया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
कालोनी वासी शिक्षक मोहनलाल का कहना है कि कूड़े का अंबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसका निस्तारण न होने से समस्या बढ़ती जा रही है। इसका समाधान होना चाहिए, वरना बीमारी का प्रकोप फैल सकता है।
कोचिंग सेंटर संचालक कपिल बालियान ने बताया कि हवा चलने के साथ ही दुर्गंध दूर तक फैलती है। लोगों में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। शिकायत के बाद भी आज तक समाधान नहीं हुआ।
--
कोट...
लॉकडाउन के बाद से प्लांट बंद है। 2019 से पहले भी प्लांट बंद ही रहा है। ग्राउंड में कूड़ा इकट्ठा किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए शासन स्तर से एक टीम कई माह पहले सर्वे करने आई थी। कूड़ा निस्तारण की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। - आदेश सैनी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नगरपालिका।