{"_id":"673f87c5fe3c45cf1907fea4","slug":"mill-issued-message-farmers-should-harvest-sugarcane-only-after-getting-the-slip-shamli-news-c-26-1-smrt1047-132131-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: मिल ने जारी किया मैसेज, पर्ची मिलने के बाद ही गन्ने की कटाई करें किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: मिल ने जारी किया मैसेज, पर्ची मिलने के बाद ही गन्ने की कटाई करें किसान
Fri, 22 Nov 2024 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 22 Nov 2024 12:49 AM IST
विज्ञापन
शामली। अपर दोआब चीनी मिल के गन्ना पेराई की तिथि घोषित न होने से किसान पशोपेश में है। गन्ना पेराई सत्र के साथ-साथ गेहूं की बुवाई भी पिछड़ रही है। त्रिवेणी समूह ने किसानों को मैसेज भेजते हुए कहा कि पर्ची मिलने के बाद ही गन्ने की कटाई करें।
थानाभवन चीनी मिल तीन नवंबर और ऊन चीनी मिल आठ नवंबर को अपना पेराई सत्र चालू कर चुकी है। शामली चीनी मिल चलने का अभी कोई पता नहीं है। मिल अधिकारी भी पेराई सत्र शुरू करने को लेकर चुप्पी साधे हुए है। माना जा रहा है कि किसानों के धरने के चलते मिल का मरम्मत कार्य पिछड़ गया। इसके साथ ही फाल्ट आने से मिल का पेराई सत्र शुरू नहीं हो पा रहा है। पेराई सत्र पिछड़ने से खेत खाली नहीं होने के कारण गेहूं की बुवाई भी पिछड़ रही है। अब मिल प्रशासन द्वारा भेजे गए मैसेज ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
डीसीओ रंजीत सिंह का कहना है कि अपर दोआब चीनी मिल का पेराई सत्र शुरु करने के लिए पहले 12 नवंबर की बात कहीं गई थी। बेमियादी धरना समाप्त होने के बाद मिल की ओर से पेराई सत्र चालू करने का कोई भी नोटिस जारी नहीं किया गया। त्रिवेणी समूह के अधिकारियों की ओर से पेराई सत्र चालू करने का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
देरी से बुआई से कम उत्पादन की संभावना
शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी प्रेमपाल सिंह, कुड़ाना निवासी ओमप्रकाश का कहना है कि शामली मिल का पेराई सत्र चालू न होने से गेहूं की बुवाई एक माह के लिए पिछड़ गई है। देरी से गेहूं की बुआई से उत्पादन भी प्रभावित होगा। बधेव के किसान अक्षय देशवाल का कहना है कि शामली मिल में गन्ने डालने पर 370 रुपये गन्ना मूल्य मिलता और मिल न चलने पर किसान को 280-290 रुपये प्रति क्विंटल कोल्हू-क्रैशर पर गन्ना डालना पड़ रहा है।
शामली ब्लाॅक में कम हुई गेहूं की बुआई
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक जिले में इस बार गेहूं का रकबा 55 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। एक नवंबर से गेहूं की बुआई शुरू हो जाती है। 26 जनवरी तक गेहूं की पछेती बुआई होती है। शामली जिले में गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बुआई होती है। 20 नवंबर तक 38 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हो पाई है। नौ हजार हेक्टेयर गेहूं की बुआई शामली ब्लाक में होनी है।
तीनों मिलों पर चल रहा 204 करोड़ रुपये बकाया
जिले के मिलाें की गन्ना भुगतान की स्थिति
मिल बकाया गन्ना भुगतान पेराई सत्र
शामली 128 करोड़ रुपये 2022-23
थानाभवन 56 करोड़ रुपये 2023-24
ऊन 20 करोड़ रुपये 2023-24
कुल बकाया गन्ना भुगतान 204 करोड़ रुपये
विज्ञापन
थानाभवन चीनी मिल तीन नवंबर और ऊन चीनी मिल आठ नवंबर को अपना पेराई सत्र चालू कर चुकी है। शामली चीनी मिल चलने का अभी कोई पता नहीं है। मिल अधिकारी भी पेराई सत्र शुरू करने को लेकर चुप्पी साधे हुए है। माना जा रहा है कि किसानों के धरने के चलते मिल का मरम्मत कार्य पिछड़ गया। इसके साथ ही फाल्ट आने से मिल का पेराई सत्र शुरू नहीं हो पा रहा है। पेराई सत्र पिछड़ने से खेत खाली नहीं होने के कारण गेहूं की बुवाई भी पिछड़ रही है। अब मिल प्रशासन द्वारा भेजे गए मैसेज ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
डीसीओ रंजीत सिंह का कहना है कि अपर दोआब चीनी मिल का पेराई सत्र शुरु करने के लिए पहले 12 नवंबर की बात कहीं गई थी। बेमियादी धरना समाप्त होने के बाद मिल की ओर से पेराई सत्र चालू करने का कोई भी नोटिस जारी नहीं किया गया। त्रिवेणी समूह के अधिकारियों की ओर से पेराई सत्र चालू करने का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
देरी से बुआई से कम उत्पादन की संभावना
शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी प्रेमपाल सिंह, कुड़ाना निवासी ओमप्रकाश का कहना है कि शामली मिल का पेराई सत्र चालू न होने से गेहूं की बुवाई एक माह के लिए पिछड़ गई है। देरी से गेहूं की बुआई से उत्पादन भी प्रभावित होगा। बधेव के किसान अक्षय देशवाल का कहना है कि शामली मिल में गन्ने डालने पर 370 रुपये गन्ना मूल्य मिलता और मिल न चलने पर किसान को 280-290 रुपये प्रति क्विंटल कोल्हू-क्रैशर पर गन्ना डालना पड़ रहा है।
शामली ब्लाॅक में कम हुई गेहूं की बुआई
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक जिले में इस बार गेहूं का रकबा 55 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। एक नवंबर से गेहूं की बुआई शुरू हो जाती है। 26 जनवरी तक गेहूं की पछेती बुआई होती है। शामली जिले में गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बुआई होती है। 20 नवंबर तक 38 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हो पाई है। नौ हजार हेक्टेयर गेहूं की बुआई शामली ब्लाक में होनी है।
तीनों मिलों पर चल रहा 204 करोड़ रुपये बकाया
जिले के मिलाें की गन्ना भुगतान की स्थिति
मिल बकाया गन्ना भुगतान पेराई सत्र
शामली 128 करोड़ रुपये 2022-23
थानाभवन 56 करोड़ रुपये 2023-24
ऊन 20 करोड़ रुपये 2023-24
कुल बकाया गन्ना भुगतान 204 करोड़ रुपये