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मेडिकल स्टोर पर नहीं मिले दवाओं के बिल
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कैराना में खैर मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की जांच करने पहुंची अधिकारियों की टीम।
- फोटो : SHAMLI
कैराना। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने तहसीलदार की मौजूदगी में मेडिकल स्टोर की सील खोलकर जांच की। इस दौरान 12.64 लाख कीमत की दवाइयों के खरीद के बिल नहीं मिले। इसके अलावा इंजेक्शन बिना फ्रिज के भंडारण में भी लापरवाही के चलते उन्हें सीज कर दिया। संचालक को नोटिस जारी किया है।
सितंबर में गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद की औषधि विभाग की टीम ने बागपत जिले के थाना सिंघावली अहीर में अकबर व आमिर को ब्रांडेड कंपनी की नकली दवाइयों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद कैराना के मोहल्ला बिसातियान में स्थित खैर मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। टीम ने मेडिकल स्टोर पर सील लगा दी थी। 24 सितंबर को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल स्टोर की सील खोलकर जांच की गई थी। इस दौरान मेडिकल स्टोर की दीवार में सेंधमारी कर नकली दवा हटाने का शक गहरा गया था। जांच में 15 दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजते हुए पुन सील लगा दी गई थी।
सहायक आयुक्त औषधि मुख्यालय लखनऊ व सहायक आयुक्त औषधि सहारनपुर मंडल के निर्देशानुसार हापुड़ के औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद व शामली औषधि निरीक्षक निधि पांडेय ने तहसीलदार प्रियंका जायसवाल की मौजूदगी में पुलिस बल के साथ खैर मेडिकल स्टोर की फिर सील खोली गई। स्टोर मालिक शादाब अली की ओर से प्रार्थना पत्र दिया था।
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टीम ने मेडिकल स्टोर में देर रात तक जांच की, जिसमें 67 दवाइयों के क्रय विवरण मांगने पर संचालक शादाब अली महज 16 का ही विवरण दे सका। जबकि अन्य 51 दवाइयों का क्रय विवरण नहीं दिखाए जाने पर उनके विक्रय न करने की हिदायत दी गई। मेडिकल स्टोर में भंडारित फिजिशियन सैंपल लिए गए। बिना फ्रिज के टीटी व ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इन इंजेक्शनों को सीज कर दिया। औषधि निरीक्षक निधि पांडेय ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक को नोटिस जारी कर विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में न्यायालय में परिवाद दायर किया जाएगा।
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सितंबर में गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद की औषधि विभाग की टीम ने बागपत जिले के थाना सिंघावली अहीर में अकबर व आमिर को ब्रांडेड कंपनी की नकली दवाइयों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद कैराना के मोहल्ला बिसातियान में स्थित खैर मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। टीम ने मेडिकल स्टोर पर सील लगा दी थी। 24 सितंबर को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल स्टोर की सील खोलकर जांच की गई थी। इस दौरान मेडिकल स्टोर की दीवार में सेंधमारी कर नकली दवा हटाने का शक गहरा गया था। जांच में 15 दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजते हुए पुन सील लगा दी गई थी।
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सहायक आयुक्त औषधि मुख्यालय लखनऊ व सहायक आयुक्त औषधि सहारनपुर मंडल के निर्देशानुसार हापुड़ के औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद व शामली औषधि निरीक्षक निधि पांडेय ने तहसीलदार प्रियंका जायसवाल की मौजूदगी में पुलिस बल के साथ खैर मेडिकल स्टोर की फिर सील खोली गई। स्टोर मालिक शादाब अली की ओर से प्रार्थना पत्र दिया था।
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टीम ने मेडिकल स्टोर में देर रात तक जांच की, जिसमें 67 दवाइयों के क्रय विवरण मांगने पर संचालक शादाब अली महज 16 का ही विवरण दे सका। जबकि अन्य 51 दवाइयों का क्रय विवरण नहीं दिखाए जाने पर उनके विक्रय न करने की हिदायत दी गई। मेडिकल स्टोर में भंडारित फिजिशियन सैंपल लिए गए। बिना फ्रिज के टीटी व ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इन इंजेक्शनों को सीज कर दिया। औषधि निरीक्षक निधि पांडेय ने बताया कि मेडिकल स्टोर मालिक को नोटिस जारी कर विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में न्यायालय में परिवाद दायर किया जाएगा।