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Shamli News: रात से सुबह तक छाया रहा घना कोहरा, बनी ठिठुरन
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शामली। जिले में कोहरे व शीतलहर के चलते ठिठुरन बनी रही। रात से लेकर दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा। दोपहर में धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिली, लेकिन चार बजे के बाद फिर से कोहरा छाने से ठंड बन गई। अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले छह दिन से जिला कोहरा और शीतलहर की चपेट में है। इसके चलते ठिठुरन बनी हुई है। रविवार को आधी रात को घना कोहरा छा गया था। सोमवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो हर तरफ घना कोहरा छाया हुआ था। घने कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम होने से लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। कोहरे के कारण सड़कों पर हल्के व भारी वाहनों को हेडलाइट ऑन रखकर धीमी गति से चलने को मजबूर होना पड़ा। ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। दोपहर 12 बजे धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। हालांकि छह किलोमीटर की गति से ठंडी हवा चलने से ठिठुरन बनी रही। जगह-जगह पर लोग अलाव तापते हुए नजर आए। ठंड के कारण हाथ पैर सुन्न बने रहे। पिछले अधिकतम तापमान में कोई बदलाव न आने से 18 डिग्री सेल्सियस बना रहा, जबकि न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस बढ़कर 10 डिग्री सेल्सियस बना रहा।
उधर, सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इस समय ठंड बढ़ गई है। ऐसे मौसम में लोगों को ठंड से बचाव करने की जरूरत है। खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव करना चाहिए। सुबह और शाम के वक्त घर से बाहर न निकलें। अगर जरूरी हो तो गर्म कपड़े पहनकर निकलें। कोहरे में सांस व हृदय रोगी घर के अंदर ही रहें और पहले से जो दवा ले रहे हैं, वह नियमित रूप से लेते रहें। अगर कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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पिछले छह दिन से जिला कोहरा और शीतलहर की चपेट में है। इसके चलते ठिठुरन बनी हुई है। रविवार को आधी रात को घना कोहरा छा गया था। सोमवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो हर तरफ घना कोहरा छाया हुआ था। घने कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम होने से लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। कोहरे के कारण सड़कों पर हल्के व भारी वाहनों को हेडलाइट ऑन रखकर धीमी गति से चलने को मजबूर होना पड़ा। ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। दोपहर 12 बजे धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। हालांकि छह किलोमीटर की गति से ठंडी हवा चलने से ठिठुरन बनी रही। जगह-जगह पर लोग अलाव तापते हुए नजर आए। ठंड के कारण हाथ पैर सुन्न बने रहे। पिछले अधिकतम तापमान में कोई बदलाव न आने से 18 डिग्री सेल्सियस बना रहा, जबकि न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस बढ़कर 10 डिग्री सेल्सियस बना रहा।
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उधर, सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इस समय ठंड बढ़ गई है। ऐसे मौसम में लोगों को ठंड से बचाव करने की जरूरत है। खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव करना चाहिए। सुबह और शाम के वक्त घर से बाहर न निकलें। अगर जरूरी हो तो गर्म कपड़े पहनकर निकलें। कोहरे में सांस व हृदय रोगी घर के अंदर ही रहें और पहले से जो दवा ले रहे हैं, वह नियमित रूप से लेते रहें। अगर कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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