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मौका मिला तो सीमा पर जाकर लेंगे शहीदों का बदला
Thu, 21 Feb 2019 11:41 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Thu, 21 Feb 2019 11:41 PM IST
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- फोटो : amarujala
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अमर उजाला के अपराजिता अभियान के अंतर्गत शहर की विदयुल एकेडमी में आयोजित आत्ममंथन कार्यशाला में आई छात्राओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए देश की सीमा पर जाने की इच्छा जताई। कहा कि देश की बेटियां किसी मायने में कमजोर नहीं है। मौका मिला तो वह भी सीमा पर जाकर दुश्मन के छक्के छुड़ा सकती हैं।
हमारे देश की सीमा के हालात देखकर लगता है कि सरकार को बड़े फैसले लेने होंगे। यदि उसे मौका मिला तो वो भी सीमा पर जाकर दुश्मनों से लड़ने में पीछे नही हटेगी। - सादमानी।
हमारी सेना दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। दुश्मनों ने कायरता से पीछे से वार किया है। सामने से वार करते तो उन्हें पता चलता। ऐसे दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि उनकी सात नस्लें याद रखे। - गुलशाना।
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अच्छा इंसान बनने के साथ ही हमें अपने वतन के लिए भी बहुत कुछ करना चाहिए। हमारे देश के वीर जवान पुलवामा में शहीद हुए हैं। मन करता है कि सीमा पर जाकर दुश्मनों को सबक सिखा दूं। - उजमा मलिक।
आतंकवादियों ने हमारों जांबाजों की पीठ पर वार किया है। ये कायरों की निशानी है। ऐसे कायरों को इतना सख्त सबक सिखाना चाहिए की उनकी आने वाली सात पीढी भी याद रखे-गुलिस्ता
दुश्मनों ने हमारे फौजी भाईयों को मारा है। हम उनसे बदला लेना चाहती हैं। मौका मिला तो पीछे नहीं हटेंगी। - नगमा।
हमारी कुछ बहनें भी सेना में हैं। मै भी सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहती हूं। मौका मिला तो पीछे नहीं हटूंगी। - रेशमा।
सरकार को पाकिस्तान व आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कदम उठाने चाहिए। दुश्मनों ने पीठ पीछे से हमला किया हैं। हमारी सरकार सामने से वार करें और ऐसा सबक सिखाए की उनकी आने वाली नस्लें भी याद रखें। -ममता।
आतंकवादियों की कायरतापूर्ण हरकत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हमारे सैनिक भाई उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। - ज्योति गोयल।
मैं भी अपने जवान भाईयों की तरह ही सेना में जाकर दुश्मनों से लड़ना चाहती हूं। मौका मिला तो छोडूंगी नहीं। -रश्मि।
मैं नहीं मानती नारी कमजोर होती है। मुझे मौका मिला तो देश की सीमा पर जाकर अपने शहीद भाईयों का बदला लूूंगी। -शालू।
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हमारे देश की सीमा के हालात देखकर लगता है कि सरकार को बड़े फैसले लेने होंगे। यदि उसे मौका मिला तो वो भी सीमा पर जाकर दुश्मनों से लड़ने में पीछे नही हटेगी। - सादमानी।
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हमारी सेना दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। दुश्मनों ने कायरता से पीछे से वार किया है। सामने से वार करते तो उन्हें पता चलता। ऐसे दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि उनकी सात नस्लें याद रखे। - गुलशाना।
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अच्छा इंसान बनने के साथ ही हमें अपने वतन के लिए भी बहुत कुछ करना चाहिए। हमारे देश के वीर जवान पुलवामा में शहीद हुए हैं। मन करता है कि सीमा पर जाकर दुश्मनों को सबक सिखा दूं। - उजमा मलिक।
आतंकवादियों ने हमारों जांबाजों की पीठ पर वार किया है। ये कायरों की निशानी है। ऐसे कायरों को इतना सख्त सबक सिखाना चाहिए की उनकी आने वाली सात पीढी भी याद रखे-गुलिस्ता
दुश्मनों ने हमारे फौजी भाईयों को मारा है। हम उनसे बदला लेना चाहती हैं। मौका मिला तो पीछे नहीं हटेंगी। - नगमा।
हमारी कुछ बहनें भी सेना में हैं। मै भी सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहती हूं। मौका मिला तो पीछे नहीं हटूंगी। - रेशमा।
सरकार को पाकिस्तान व आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कदम उठाने चाहिए। दुश्मनों ने पीठ पीछे से हमला किया हैं। हमारी सरकार सामने से वार करें और ऐसा सबक सिखाए की उनकी आने वाली नस्लें भी याद रखें। -ममता।
आतंकवादियों की कायरतापूर्ण हरकत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हमारे सैनिक भाई उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। - ज्योति गोयल।
मैं भी अपने जवान भाईयों की तरह ही सेना में जाकर दुश्मनों से लड़ना चाहती हूं। मौका मिला तो छोडूंगी नहीं। -रश्मि।
मैं नहीं मानती नारी कमजोर होती है। मुझे मौका मिला तो देश की सीमा पर जाकर अपने शहीद भाईयों का बदला लूूंगी। -शालू।