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मार्च की रिकार्ड तोड़ बारिश से बिगड़ा फसल चक्र
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शामली। इस बार जिले में बेमौसम रिकार्ड तोड़ बारिश से किसानों का फसल चक्र बिगड़ गया है। इससे गन्ना और सब्जियों की बुआई एक-एक माह पिछड़ गई है। जायद की फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।
पिछले साल फरवरी में ज्यादा और मार्च माह में कम बारिश रिकार्ड की गई थी। इस साल फरवरी माह में कम और मार्च में रिकार्ड तोड़ बारिश रिकार्ड गई। इस साल मार्च माह में सिर्फ 14 दिन की 174 मिमी बारिश ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। ज्यादा बारिश होने से जिले के किसानों का फसल चक्र बिगड़ गया है। गन्ने की फसल और सब्जियों की बुआई एक माह पिछड़ गई है। मार्च-अप्रैल में अचानक तापमान बढ़ने से से फसलें और सब्जियां कम समय अवधि में पकेगी। इससे फसलों और सब्जियों का उत्पादन प्रभावित होगा। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डा. अशोक कुमार अहलुवालिया का कहना है कि इस साल मार्च माह के 14 दिनों में हुई पिछले साल ज्यादा बारिश हुई है। इस साल ज्यादा बारिश से जिले के भूमि के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी और क्षेत्र डार्क जोन बनने से बचेगा।
बारिश से जायद और दलहनी फसल होगी प्रभावित
शामली। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक के मुताबिक मार्च माह की बारिश से दलहनी और जायद की फसलों का फसल चक्र बिगड़ गया है। गन्ने की बुआई एक माह के लिए पिछड़ गई है। फरवरी- मार्च में गोभी-पत्तागोभी, टमाटर, बैंगन, लौकी, ककडी, खीरा, तुरई आदि सब्जियों की बुआई होती थी। मई जून तक सब्जियां पक कर बिक्री के लिए बाजार में आजाती थी। देरी से बुआई होने से सब्जियां कम अवधि में पकेगी। देेेेेरी से बुआई होने से तापमान बढ़ेगा। फसलों की सेहत प्रभावित होगी। कम समय अवधि में पकेगी। दलहनी फसलों में मूंग, लोभिया गन्ने की सहफसली में बुआई होती थी। कम उत्पादन में पौधे कम फल देंगे। आलू की फसल में पानी भर जाने से सड़न पैदा हो गई है। 15 से लेकर 20 प्रतिशत आलू में नुकसान है। सरसों में फलियों के दाने निकल गए है। इसमें 10 से लेकर 15 प्रतिशत तक क्षति है। गेहूं में ओले पड़ने से चमक खत्म हो गई है और दाना सिकुड़ गया है।
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जिले में वर्ष 2019 बारिश का आंकड़ा---
माह -- बारिश का आंकड़ा एमएम में
फरवरी- 62 मिमी
मार्च - 13 मिमी
वर्ष 2020 का बारिश आंकड़ा
फरवरी 35 मिमी
मार्च 174 मिमी
नोट- पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय से प्राप्त 14 मार्च तक का बारिश का आंकड़ा
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पिछले साल फरवरी में ज्यादा और मार्च माह में कम बारिश रिकार्ड की गई थी। इस साल फरवरी माह में कम और मार्च में रिकार्ड तोड़ बारिश रिकार्ड गई। इस साल मार्च माह में सिर्फ 14 दिन की 174 मिमी बारिश ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। ज्यादा बारिश होने से जिले के किसानों का फसल चक्र बिगड़ गया है। गन्ने की फसल और सब्जियों की बुआई एक माह पिछड़ गई है। मार्च-अप्रैल में अचानक तापमान बढ़ने से से फसलें और सब्जियां कम समय अवधि में पकेगी। इससे फसलों और सब्जियों का उत्पादन प्रभावित होगा। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डा. अशोक कुमार अहलुवालिया का कहना है कि इस साल मार्च माह के 14 दिनों में हुई पिछले साल ज्यादा बारिश हुई है। इस साल ज्यादा बारिश से जिले के भूमि के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी और क्षेत्र डार्क जोन बनने से बचेगा।
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बारिश से जायद और दलहनी फसल होगी प्रभावित
शामली। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक के मुताबिक मार्च माह की बारिश से दलहनी और जायद की फसलों का फसल चक्र बिगड़ गया है। गन्ने की बुआई एक माह के लिए पिछड़ गई है। फरवरी- मार्च में गोभी-पत्तागोभी, टमाटर, बैंगन, लौकी, ककडी, खीरा, तुरई आदि सब्जियों की बुआई होती थी। मई जून तक सब्जियां पक कर बिक्री के लिए बाजार में आजाती थी। देरी से बुआई होने से सब्जियां कम अवधि में पकेगी। देेेेेरी से बुआई होने से तापमान बढ़ेगा। फसलों की सेहत प्रभावित होगी। कम समय अवधि में पकेगी। दलहनी फसलों में मूंग, लोभिया गन्ने की सहफसली में बुआई होती थी। कम उत्पादन में पौधे कम फल देंगे। आलू की फसल में पानी भर जाने से सड़न पैदा हो गई है। 15 से लेकर 20 प्रतिशत आलू में नुकसान है। सरसों में फलियों के दाने निकल गए है। इसमें 10 से लेकर 15 प्रतिशत तक क्षति है। गेहूं में ओले पड़ने से चमक खत्म हो गई है और दाना सिकुड़ गया है।
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जिले में वर्ष 2019 बारिश का आंकड़ा---
माह -- बारिश का आंकड़ा एमएम में
फरवरी- 62 मिमी
मार्च - 13 मिमी
वर्ष 2020 का बारिश आंकड़ा
फरवरी 35 मिमी
मार्च 174 मिमी
नोट- पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय से प्राप्त 14 मार्च तक का बारिश का आंकड़ा