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जिले में बुखार को लेकर सतर्क हुआ प्रशासन
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जिले में बुखार से काफी लोग प्रभावित
शामली। जिले में बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ने पर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम जसजीत कौर ने स्वास्थ्य विभाग को बुखार से किसी के भी पीड़ित मिलने पर उस क्षेत्र का सर्वे कर उपचार और बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जिले में रोजाना नौ से दस हजार ओपीडी हो रही है। 1200-1300 ओपीडी में 100 से 110 बुखार रोगी मिल रहे हैं। बुखार रोगियों की कोविड जांच भी कराई जा रही है। वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 13 गांवों में जहां बुखार के रोगी अधिक थे, वहां पर एंटीलार्वा कीटनाशक का छिड़काव किया जा चुका है। बुखार के रोगियों की कोविड-19 और मलेरिया की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अगस्त महीने में मलेरिया के आठ केस मिले हैं, उन गांवों में फॉगिंग किया जा चुका है। इसके अलावा इस महीने में 2377 मलेरिया रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। मलेरिया बुखार से पीड़ित रोगियों को उपचार दिया गया है। डीएम ने बताया कि जिले में अभी तक डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। सभी सीएचसी, पीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध है। सीएचसी पर कोविड-19 व बुखार हेल्प डेस्क बनाई गई है। डीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि जहां भी बुखार के मरीज मिलते है, उस क्षेत्र में एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराया जाए। लोगों को बचाव के लिए जागरूक करने के साथ ही बेहतर उपचार की व्यवस्था करें। डीएम ने लोगों से भी बुखार व मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए साफ-सफाई रखने और पानी इकट्ठा न होने देने के लिए सहयोग करने को कहा है।
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शामली। जिले में बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ने पर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम जसजीत कौर ने स्वास्थ्य विभाग को बुखार से किसी के भी पीड़ित मिलने पर उस क्षेत्र का सर्वे कर उपचार और बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जिले में रोजाना नौ से दस हजार ओपीडी हो रही है। 1200-1300 ओपीडी में 100 से 110 बुखार रोगी मिल रहे हैं। बुखार रोगियों की कोविड जांच भी कराई जा रही है। वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 13 गांवों में जहां बुखार के रोगी अधिक थे, वहां पर एंटीलार्वा कीटनाशक का छिड़काव किया जा चुका है। बुखार के रोगियों की कोविड-19 और मलेरिया की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अगस्त महीने में मलेरिया के आठ केस मिले हैं, उन गांवों में फॉगिंग किया जा चुका है। इसके अलावा इस महीने में 2377 मलेरिया रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। मलेरिया बुखार से पीड़ित रोगियों को उपचार दिया गया है। डीएम ने बताया कि जिले में अभी तक डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। सभी सीएचसी, पीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध है। सीएचसी पर कोविड-19 व बुखार हेल्प डेस्क बनाई गई है। डीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि जहां भी बुखार के मरीज मिलते है, उस क्षेत्र में एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराया जाए। लोगों को बचाव के लिए जागरूक करने के साथ ही बेहतर उपचार की व्यवस्था करें। डीएम ने लोगों से भी बुखार व मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए साफ-सफाई रखने और पानी इकट्ठा न होने देने के लिए सहयोग करने को कहा है।
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