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अवैध खनन में कई पर गिरी गाज

Fri, 10 Jul 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 12:06 AM IST
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Many have fallen in illegal mining
शामली। पिछले दिनों सहारनपुर के मंडलायुक्त द्वारा एडिशनल कमिश्नर की टीम से मामौर पट्टे की कराई गई जांच में अवैध खनन मिलने पर मंडलायुक्त से सख्त रुख के चलते कई पर गाज गिरी है। डीएम ने खनन इंस्पेक्टर के खिलाफ खनन निदेशालय को लिखा गया। उनका तबादला बिजनौर कर दिया गया। कैराना सीओ और इंस्पेक्टर के खिलाफ एसपी ने दोष निर्धारण जांच बैठा दी है। इस मामले में एसडीएम को पहले ही हटाया जा चुका है।
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गौरतलब है कि सहारनपुर के मंडलायुक्त ने जून के आखिरी सप्ताह में मंडल के एडिशनल डायरेक्ट के नेतृत्व में लेखपालों की टीम भेजकर जिले के खनन पट्टों की जांच कराई थी। मामौर खनन पट्टे पर अवैध खनन का बड़ा मामला पकड़ा गया था। टीम ने मंडलायुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट भेजी थी। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि संयुक्त टीम ने जांच की थी। मामौर खनन प्रकरण में पट्टा धारक द्वारा सीमांकित एरिया से बाहर खनन करने आदि अनियमितताओं पर करीब 77 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। मंडलायुक्त ने खनन इंस्पेक्टर के विरुद्ध कार्रवाई, उप जिलाधिकारी कैराना और सीओ कैराना को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ कैराना थानाध्यक्ष का तबादला करने के निर्देश दिए थे।
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जिलाधिकारी ने बताया कि मंडलायुक्त के निर्देश पर एसडीएम कैराना को कैराना से हटाकर जिला मुख्यालय पर एक्सट्रा मजिस्ट्रेट का चार्ज दिया गया है। खनिज इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए खनन निदेशालय को लिखा गया है जिसके बाद उनका तबादला बिजनौर कर दिया गया है। सीओ कैराना और कैराना कोतवाली प्रभारी का इस प्रकरण में दोष निर्धारण करने के लिए एडिशनल एसपी को जांच दी गई है। जिले में अवैध खनन परिवहन के तहत जिले में अप्रैल से जून तक 33 वाहनों को सीज किया गया और 8.67 लाख रुपये सरकारी राजस्व वसूला गया है। इसके अलावा कई पट्टे निरस्त किए गए हैं।
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स्थानीय जांच टीम ने दी थी क्लीन चिट
सहारनपुर मंडलायुक्त द्वारा भेजी गई टीम से पहले कैराना तहसील की टीम ने भी मामौर में पट्टे की पैमाइश की थी। जिसमें उन्होंने सब कुछ सही बताया था। इस जांच टीम में एसडीएम कैराना और खनन इंस्पेक्टर थे। इस रिपोर्ट के तुरंत बाद ही मंडलायुक्त ने अपनी टीम भेजकर मौके पर जांच कराई तो वहां पर अवैध खनन मिला। इसी वजह से एसडीएम और खनन इंस्पेक्टर पर डीएम ने तुरंत ही कार्रवाई की।
पुलिस का क्या रोल
मंडलायुक्त की रिपोर्ट में सीओ कैराना को प्रतिकूल प्रविष्टि और कैराना थानाध्यक्ष को हटाने के लिए कहा गया है । जिस पर एसपी ने दोनों का दोष निर्धारण के लिए एडिशनल एसपी को जांच दे दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को ये अधिकार नहीं है कि वह खुद खनन आदि पर जाकर कार्रवाई कर सके। वह केवल प्रशासनिक या खनन टीम के कहने पर मौके पर सुरक्षा के लिहाज से जाती है। पैमाइश और जांच का काम एसडीएम और खनन विभाग का होता है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस का क्या दोष रहा है इसकी की जांच हो रही है। एसपी ने बताया कि उनके द्वारा दिए गए जांच के संबंध में अपने सभी उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। मामला सभी के संज्ञान में ला दिया गया है।

कोट
कैराना तहसील की टीम ने पट्टे पर मैन्युअल अपने संसाधनों से ही पैमाइश की थी जबकि मंडल स्तर से आईटीम ने जीपीएस सिस्टम आदि से पैमाइश की थी। संभव है कि इस वजह से भी थोड़ा अंतर आया होगा। जिले में जीपीएस सिस्टम से पैमाइश की व्यवस्था नहीं है। अब हम भी जीपीएस सिस्टम से पैमाइश के संसाधन खरीदेंगे, जिससे और बेहतर ढंग से पैमाइश होगी। मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई कर दी गई है। - जसजीत कौर, डीएम शामली
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