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स्कूलों में कम उपस्थिति, बनी टीचरों की मस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:08 AM IST
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education
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को लेकर टीचर उत्साहित नहीं है। स्कूलों में जाकर सिर्फ टाइम पास ही किया जा रहा है। वही आधे से ज्यादा समय टीचर फोन पर लीन रहते हैं।
बच्चे कक्षा में या ग्राउंड में घूमते रहते हैं। वही कक्षा में बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी ठीक प्रकार से नहीं है। स्कूलों में न तो अध्यापक स्कूलों में जितने बच्चे पंजीकृत रहते हैं। उससे काफी कम बच्चे ही स्कूलों में जा रहे है, लेकिन प्रधानाध्यापक इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा। बस कक्षा खाली छोड़कर या तो फोन पर या फिर आपस में बैठकर बातें करते रहते हैं।
किसी भी स्कूल में पंजीकरण के अनुसार बच्चों की संख्या काफी कम रहती है, लेकिन बच्चों के मिड-डे मील और केले और दूध का बजट पंजीकरण से थोड़ा कम ही बनाया जाता है। वही हर स्कूल में रोज कोई न कोई अध्यापक अनुपस्थित रहता है। वही कुछ स्कूलों में बाहर की दीवार टूटी होने के कारण बच्चों का सारा ध्यान सड़क पर रहता है।
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स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति से अध्यापक पढ़ाने के बजाय बस मस्त रहते हैं। न तो सुबह 10 बजे से पहले स्कूल पहुंचते हैं, वही दोपहर 1 बजे के बाद निकलना शुरू कर देते हैं। कई स्कूलों के प्रधानाध्यापक और अध्यापक भी छुट्टी पर पाए गए। सोमवार को जनपद के सिंभालका और झाल के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण के बाद मौके पर पाई परिस्थिति इस प्रकार है।
प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 सिंभालका
सिंभालका स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में 109 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 90 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसमें 7 अध्यापिका और एक अध्यापक है, इनमें से अध्यापक अनुपस्थित मिला। वही बच्चे अध्यापिका के होते हुए भी कक्षा में कोई बच्चा डेस्क खड़ा तो किसी का मुंह पीछे की ओर तो कोई खिड़की में झांक रहा था। वही देखते ही बच्चों को सीधे से बैठाने के लिए कहने लगी। वही अधिकांश बच्चे ड्रेस में नहीं भी मिले।
उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंभालका
सिंभालका स्थित माध्यमिक विद्यालय में 35 बच्चे पंजीकृत हैं, इनमें से 24 बच्चे उपस्थित रहे। स्कूल में पांच अध्यापिका और एक प्रधानाध्यापक हैं, इनमें से प्रधानाध्यापक और एक अध्यापिका अनुपस्थित मिले। वही कुछ बच्चे कक्षा में बैठे रहे कक्षा में कोई अध्यापिका नहीं मिली। वही बाहर बरामदे में बैठे बच्चे मैन दीवार टूटी रहने से रोड पर ध्यान रखते मिले।
माध्यमिक विद्यालय झाल
झाल स्थित माध्यमिक विद्यालय महिला अध्यापिका बच्चों के साथ बाहर ग्राउंड में जमीन पर बैठे बच्चे कुछ किताब पढ़ रहे थे तो कुछ इधर उधर देखते मिले। वही अध्यापिका कुर्सी पर बैठकर मोबाइल पर व्हाटएप का आनंद उठाती मिली। इसके अलावा दो कक्षाओं में भी कोई अध्यापक नहीं मिले। आराम से ऑफिस में बैठकर बातें कर रहे थे। बच्चों को केले बाटें थे। स्कूल में रंगाई और सफाई ठीक थी। 102 बच्चे पंजीकृत हैं इनमें से 82 बच्चे उपस्थित मिले। छह अध्यापकों में से एक छुट्टी पर मिला।
प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 झाल
झाल स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में कुछ बच्चे कमरे से बाहर तो कुछ फील्ड में घूम रहे थे। वही कक्षाओं में अध्यापक गायब थे। फोटो खीचें तो टीचर भागते हुए कक्षाओं में पहुंचे। बच्चों को कहा सीधे बैठ जाओ। अंदर चलकर बैठो। 102 बच्चों में से 88 उपस्थित मिले। सात अध्यापक उपस्थित मिले, वही प्रधानाध्यापक छुट्टी पर मिले।
प्राथमिक विद्यालय नंबर दो झाल
झाल स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में घुसते ही कुछ बच्चे सरकारी नलकूप पर झूलकर पानी पीते मिले। वही एक अध्यापक कक्षा छोड़कर ग्राउंड में फोन पर बात करता मिला। फोटो खिंचते ही फोन काट दिया। वही कक्षाएं खाली टीचर से खाली मिली। स्कूल के कुछ बच्चे बाहर घूम रहे तो कुछ कक्षा में फर्श पर लेटकर पढ़ते मिले। वही स्कूल के बाहर कच्चा नाला मिला। इसमेें गंदगी के कारण कोई भी बच्चा गिर सकता है। 81 बच्चों में से 71 उपस्थित मिले। विद्यालय में तैनात चार अध्यापक और प्रधानाध्यापक सभी उपस्थित मिले।
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बच्चे कक्षा में या ग्राउंड में घूमते रहते हैं। वही कक्षा में बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी ठीक प्रकार से नहीं है। स्कूलों में न तो अध्यापक स्कूलों में जितने बच्चे पंजीकृत रहते हैं। उससे काफी कम बच्चे ही स्कूलों में जा रहे है, लेकिन प्रधानाध्यापक इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा। बस कक्षा खाली छोड़कर या तो फोन पर या फिर आपस में बैठकर बातें करते रहते हैं।
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किसी भी स्कूल में पंजीकरण के अनुसार बच्चों की संख्या काफी कम रहती है, लेकिन बच्चों के मिड-डे मील और केले और दूध का बजट पंजीकरण से थोड़ा कम ही बनाया जाता है। वही हर स्कूल में रोज कोई न कोई अध्यापक अनुपस्थित रहता है। वही कुछ स्कूलों में बाहर की दीवार टूटी होने के कारण बच्चों का सारा ध्यान सड़क पर रहता है।
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स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति से अध्यापक पढ़ाने के बजाय बस मस्त रहते हैं। न तो सुबह 10 बजे से पहले स्कूल पहुंचते हैं, वही दोपहर 1 बजे के बाद निकलना शुरू कर देते हैं। कई स्कूलों के प्रधानाध्यापक और अध्यापक भी छुट्टी पर पाए गए। सोमवार को जनपद के सिंभालका और झाल के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण के बाद मौके पर पाई परिस्थिति इस प्रकार है।
प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 सिंभालका
सिंभालका स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में 109 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 90 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसमें 7 अध्यापिका और एक अध्यापक है, इनमें से अध्यापक अनुपस्थित मिला। वही बच्चे अध्यापिका के होते हुए भी कक्षा में कोई बच्चा डेस्क खड़ा तो किसी का मुंह पीछे की ओर तो कोई खिड़की में झांक रहा था। वही देखते ही बच्चों को सीधे से बैठाने के लिए कहने लगी। वही अधिकांश बच्चे ड्रेस में नहीं भी मिले।
उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंभालका
सिंभालका स्थित माध्यमिक विद्यालय में 35 बच्चे पंजीकृत हैं, इनमें से 24 बच्चे उपस्थित रहे। स्कूल में पांच अध्यापिका और एक प्रधानाध्यापक हैं, इनमें से प्रधानाध्यापक और एक अध्यापिका अनुपस्थित मिले। वही कुछ बच्चे कक्षा में बैठे रहे कक्षा में कोई अध्यापिका नहीं मिली। वही बाहर बरामदे में बैठे बच्चे मैन दीवार टूटी रहने से रोड पर ध्यान रखते मिले।
माध्यमिक विद्यालय झाल
झाल स्थित माध्यमिक विद्यालय महिला अध्यापिका बच्चों के साथ बाहर ग्राउंड में जमीन पर बैठे बच्चे कुछ किताब पढ़ रहे थे तो कुछ इधर उधर देखते मिले। वही अध्यापिका कुर्सी पर बैठकर मोबाइल पर व्हाटएप का आनंद उठाती मिली। इसके अलावा दो कक्षाओं में भी कोई अध्यापक नहीं मिले। आराम से ऑफिस में बैठकर बातें कर रहे थे। बच्चों को केले बाटें थे। स्कूल में रंगाई और सफाई ठीक थी। 102 बच्चे पंजीकृत हैं इनमें से 82 बच्चे उपस्थित मिले। छह अध्यापकों में से एक छुट्टी पर मिला।
प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 झाल
झाल स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में कुछ बच्चे कमरे से बाहर तो कुछ फील्ड में घूम रहे थे। वही कक्षाओं में अध्यापक गायब थे। फोटो खीचें तो टीचर भागते हुए कक्षाओं में पहुंचे। बच्चों को कहा सीधे बैठ जाओ। अंदर चलकर बैठो। 102 बच्चों में से 88 उपस्थित मिले। सात अध्यापक उपस्थित मिले, वही प्रधानाध्यापक छुट्टी पर मिले।
प्राथमिक विद्यालय नंबर दो झाल
झाल स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में घुसते ही कुछ बच्चे सरकारी नलकूप पर झूलकर पानी पीते मिले। वही एक अध्यापक कक्षा छोड़कर ग्राउंड में फोन पर बात करता मिला। फोटो खिंचते ही फोन काट दिया। वही कक्षाएं खाली टीचर से खाली मिली। स्कूल के कुछ बच्चे बाहर घूम रहे तो कुछ कक्षा में फर्श पर लेटकर पढ़ते मिले। वही स्कूल के बाहर कच्चा नाला मिला। इसमेें गंदगी के कारण कोई भी बच्चा गिर सकता है। 81 बच्चों में से 71 उपस्थित मिले। विद्यालय में तैनात चार अध्यापक और प्रधानाध्यापक सभी उपस्थित मिले।