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लोकसभा चुनाव फ्लैश बैक: जनता ने गायत्री देवी को हाथ जोड़ने से कर दिया था मना, कहा-आप वोट न मांगें

Wed, 20 Mar 2024 01:07 PM IST
Dimple Sirohi महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 20 Mar 2024 01:07 PM IST
सार

लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही पुराने चुनावी माहौल का जिक्र अनायास ही हो जाता है। शामली की कैराना संसदीय सीट का अपना अलग इतिहास रहा है। यहां जब चौधरी चरण सिंह की धर्मपत्नी गायत्री देवी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहीं थीं तब कैराना की जनता ने उन्हें हाथ जोड़ने से रोक दिया था।

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Lok Sabha election flashback: Public had stopped Gayatri Devi to join hands, said you do not ask for votes
जलालाबाद चौधरी चरण सिंह व श्रद्धेय गायत्री देवी के साथ किला स्थित आवास पर गय्युर अली खान।

विस्तार

शामली जिले की संसदीय सीट कैराना वर्ष 1962 में अस्तित्व में आई थी। इस सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। अभी तक इस सीट पर 15 बार चुनाव हो चुके हैं। वर्ष 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी सिंह की पत्नी गायत्री देवी इस सीट पर ताल ठोक रही थीं।

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उस समय खुद चौधरी चरण सिंह शामली पहुंचे थे और चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। चौधरी चरण को सुनने के लिए शामली के हनुमान धाम में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। सभा में जैसे ही गायत्री देवी ने हाथ जोड़े तो जनता ने एक स्वर में उन्हें हाथ जोड़ने से मना कर दिया था। 
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Lok Sabha election flashback: Public had stopped Gayatri Devi to join hands, said you do not ask for votes
जलालाबाद चौधरी चरण सिंह व श्रद्धेय गायत्री देवी के साथ किला स्थित आवास पर गय्युर अली खान।

चौधरी साहब के नजदीकी रहे वरिष्ठ अधिवक्ता बघेव के रहने वाले महक सिंह देशवाल बताते हैं कि वर्ष 1980 के चुनाव के दौरान हनुमान धाम में दोपहर के समय सभा थी। चौधरी साहब को सुनने के लिए धाम में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। आलम यह था कि लोगों के पैर रखने तक की जगह नहीं रही थी।

चौधरी साहब ने संबोधन में कहा था कि कृषि पर आधारित इकानॉमी होनी चाहिए। इससे गांव और शहर में रोजगार बढ़ेंगे। किसान के पास रुपया आएगा तो देश की अर्थ व्यवस्था भी बेहतर होगी। खेतीबाड़ी और कृषि ही देश की अर्थव्यवस्था की कुंजी है। बताया कि गायत्री देवी को आठ हजार रुपये से तोला गया था।

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फाईल फोटो चौधरी चरण सिंह के साथ चौधरी बख्तावर सिंह - फोटो : SAHARANPUR

गायत्री देवी से बोले लोग- आपको वोट मांगने की जरूरत ही नहीं 
हनुमान धाम पर सभा में गायत्री देवी ने संबोधन नहीं किया था। जैसे ही वह हाथ जोड़कर मंच पर लोगों के सामने खड़ी हुईं तो लोगों ने उन्हें बैठने के लिए कह दिया था। कहा कि आप हमारे परिवार की सदस्य हो, आप किसानों की आवाज हो, आपको हाथ जोड़कर वोट मांगने की जरूरत ही नहीं है।

यह था 1980 का चुनाव परिणाम
गायत्री देवी, जेएनपीएस- 2,03,242 वोट- 48.89%
नारायण सिंह, कांग्रेस-1,43,761 वोट-  34.58 %
जुल्फिकारुल्लाह, जनता पार्टी-63,818 वोट- 15.35%

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बागपत में स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ कार्यकर्ता का फाइल फोटो - फोटो : BAGHPAT
एकत्रित करने थे 25 हजार और हो गए थे 35 हजार
जसाला गांव में गायत्री देवी का कार्यक्रम होना था। इसके लिए गांव में उन्हें तोलने के लिए 25 हजार रुपये एकत्रित किए जाने थे,  लेकिन ग्रामीणों ने इतना अधिक प्यार दिया था कि 35 हजार रुपये एकत्रित हो गए थे।

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चौधरी अनंगपाल सिंह तोमर के आवास पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह व उनकी पत्नि श्रीमति गायत्री - फोटो : BAGHPAT

कैराना सीट का 62 साल का चुनावी इतिहास
वर्ष 1962 में निर्दलीय यशपाल सिंह कैराना लोकसभा सीट से सांसद बने। इसके बाद वर्ष 1967 में सोशलिस्ट पार्टी से गय्यूर अली खान, वर्ष 1971 में कांग्रेस से शफक्कत जंग, वर्ष 1977 से बीएलडी से चंदन सिंह, वर्ष 1980 में जनता पार्टी एस से गायत्री देवी, वर्ष 1984 से कांग्रेस से चौधरी अख्तर हसन, वर्ष 1989 में जनता दल से हरपाल पंवार, वर्ष 1991 में जनता दल से हरपाल पंवार, वर्ष 1996 में सपा से मनव्वर हसन, वर्ष 1998 में भाजपा से वीरेंद्र वर्मा, वर्ष 1999 में रालोद से अमीर आलम, वर्ष 2004 में रालोद, सपा से अनुराधा चौधरी, वर्ष 2009 में बसपा से तबस्सुम हसन, वर्ष 2014 में भाजपा से हुकुम सिंह, वर्ष 2019 में भाजपा से प्रदीप चौधरी।

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