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Shamli News: नाले-मशीन की फोटो अपलोड कर सरकारी धन से भर ली जेब

Wed, 23 Sep 2026 01:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 23 Sep 2026 01:55 AM IST
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Lined their pockets with government funds by uploading photos of drain-cleaning machines.
एक्सक्लूसिव...बाबरी ग्राम पंचायत में मानदेय के नाम पर मजदूरों, मशीन और कीचड़ की अपलोड की गई फोट - फोटो : 1
शामली। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी बजट के इस्तेमाल के नाम पर जमकर गोलमाल किया गया।ग्राम पंचायतों में मानदेय और विकास कार्यों के भुगतान के नाम पर बिल-वाउचर की जगह मजदूरों, कीचड़, नाला सफाई और जेसीबी मशीनों की तस्वीरें अपलोड कर दी गई हैं। हद तो यह है कि 20 से अधिक ग्राम पंचायतों में अपलोड किए गए पर्चे और दस्तावेज इतने धुंधले हैं कि उनका विवरण तक पढ़ना नामुमकिन है।
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इन पंचायतों में सामने आया खेल
बाबरी : ई ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल में सामने आया कि अगस्त माह के 7,500 रुपये के मानदेय भुगतान के लिए बिल के बजाय उसमें नाला सफाई और सड़क निर्माण करती मशीन व मजदूरों की फोटो पोर्टल पर अपलोड कर दी गई।
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गुराना : जुलाई के ग्राम कार्य और 12,000 रुपये के केयरटेकर मानदेय के भुगतान के साथ अपलोड किए गए पर्चे बेहद धुंधले हैं। पोर्टल के दस्तावेजों से भुगतान की पुष्टि ही नहीं हो पा रही।
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थानाभवन व गुराना देहात : 30 जुलाई को 40,000 रुपये की बिना हस्ताक्षर वाली रसीद अपलोड की गई। वहीं 6 सितंबर को 2.35 लाख रुपये ,6,000 से लेकर 55,530 रुपये तक तक के 15 भुगतानों के बिल पूरी तरह अस्पष्ट हैं।
नांगल, पलठेडी व रायपुर : नांगल में 12,920 रुपये की की मजदूरी और स्टेशनरी बिल, पलठेडी में 36,750 रुपये के के मजदूरी मानदेय और रायपुर में 3,000 रुपये के अन्य खर्चों के साथ धुंधली अटेंडेंस शीट अपलोड की गई है। यही हाल उमरपुर पंचायत का भी है। यह मामले बानगी भर मात्र है। बीस से अधिक ग्राम पंचायतों में यही खेल किया गया है।

जांच से ही खुलेगा मूल दस्तावेजों का सच
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज रकम और अपलोड किए गए दस्तावेजों का मिलान न होने से बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। डीपीआरओ संदीप अग्रवाल का कहना है कि मूल बिल, मस्टररोल, अटेंडेंस शीट और कैश रजिस्टर की गहन जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि सरकारी धन का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किन लोगों के खाते में हुआ है।

क्या है ई-ग्राम स्वराज पोर्टल?
डीपीआरओ संदीप अग्रवाल के अनुसार ई-ग्राम स्वराज पंचायती राज संस्थाओं का केंद्र सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं, व्यय और भुगतान को सार्वजनिक कर पारदर्शिता लाना है, ताकि हर नागरिक अपने गांव के विकास खर्च को ऑनलाइन देख सके।


मानदेय या अन्य भुगतानों के नाम पर धुंधले बिल, कोरे कागज, मशीन व मजदूरों की तस्वीरें अपलोड करने का मामला अत्यंत गंभीर है। इस पूरे प्रकरण की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त नियमानुसार कार्रवाई होगी। पंचायती राज विभाग से भी जवाब तलब किया जाएगा, क्योंकि निगरानी की जिम्मेदारी विभाग की ही है।

आलोक यादव, जिलाधिकारी शामली
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