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एलआईसी के शाखा, मंडल प्रबंधक पर जुर्माना
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:04 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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शामली। बीमित व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात क्लेम करने पर भी उसे भुगतान नहीं दिया गया। इस संबंध में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने एलआईसी के शाखा प्रबंधक और वरिष्ठ मंडल प्रबंधक पर जुर्माना लगाया गया है।
मोहल्ला रामसागर निवासी संतोष देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। संतोष ने बताया था कि उनके बेटे रवि कुमार ने 28 फरवरी 2006 को एलआईसी की पॉलिसी ली थी। पॉलिसी में दुर्घटना हितलाभ का रिस्क भी कवर था। प्रीमियम समय पर जमा कराया जाता रहा। इसके बाद रवि की हत्या हो गई, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। संतोष देवी ने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने दुर्घटना हित लाभ का पैसा नहीं दिया।
संतोष देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में एलआईसी शामली के शाखा प्रबंधक और डिवीजन ऑफिस मेरठ के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक के खिलाफ वाद दायर कर बीमा धनराशि दो लाख, मानसिक क्षतिपूर्ति के एक लाख और वाद व्यय के 30 हजार सहित 3.30 लाख दिलाने की मांग की थी।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव और सदस्य श्रवण कुमार ने वाद की सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि बीमा राशि दो लाख रुपये, क्लेम करने की तिथि 16 जून 2013 से भुगतान की तिथि तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में पांच हजार सहित कुल 2.15 लाख 15 हजार पीड़िता को 30 दिन के अंदर अदा किए जाएं। समय में भुगतान न करने पर 12% वार्षिक अतिरिक्त ब्याज देना होगा।
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मोहल्ला रामसागर निवासी संतोष देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। संतोष ने बताया था कि उनके बेटे रवि कुमार ने 28 फरवरी 2006 को एलआईसी की पॉलिसी ली थी। पॉलिसी में दुर्घटना हितलाभ का रिस्क भी कवर था। प्रीमियम समय पर जमा कराया जाता रहा। इसके बाद रवि की हत्या हो गई, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। संतोष देवी ने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने दुर्घटना हित लाभ का पैसा नहीं दिया।
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संतोष देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में एलआईसी शामली के शाखा प्रबंधक और डिवीजन ऑफिस मेरठ के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक के खिलाफ वाद दायर कर बीमा धनराशि दो लाख, मानसिक क्षतिपूर्ति के एक लाख और वाद व्यय के 30 हजार सहित 3.30 लाख दिलाने की मांग की थी।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव और सदस्य श्रवण कुमार ने वाद की सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि बीमा राशि दो लाख रुपये, क्लेम करने की तिथि 16 जून 2013 से भुगतान की तिथि तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में पांच हजार सहित कुल 2.15 लाख 15 हजार पीड़िता को 30 दिन के अंदर अदा किए जाएं। समय में भुगतान न करने पर 12% वार्षिक अतिरिक्त ब्याज देना होगा।