फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Land measurement under PAC's watch

पीएसी, आरआरएफ के पहरे में हुई जमीन की पैमाइश

Sat, 21 Sep 2019 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
Land measurement under PAC's watch
कैराना (शामली) में हसन परिवार के सैलर की भूमि की पैमाइश के दौरान तैनात आरआरएफ के जवान। - फोटो : SHAMLI
कैराना (शामली)। हसन परिवार में चाचा-भतीजे के बीच चल रहे राइस मिल भूमि विवाद को लेकर शुुक्रवार को प्रशासन ने पीएसी और आरआरएफ की निगरानी में भूमि की पैमाइश शुरू कराई।
विज्ञापन

भूमि के बंटवारे को लेकर चल रहा हसन परिवार में संपत्ति बंटवारे का मामला डीएम शामली अखिलेश सिंह के दरबार में जा पहुंचा। दोनों पक्षों ने भूमि से संबंधित प्रपत्र डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए और अपना-अपना हक जताया। शुक्रवार को डीएम के निर्देश पर भारी पुलिस बल, पीएसी व आरआरएफ के जवानों की मौजूदगी में कानूनगो सोहनपाल सिंह, नरेश मलिक, लेखपाल मुकेश कुमार आदि तहसील टीम पहुंची और राइस मिल के बाहर भूमि की पैमाइश की। एसडीएम डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि उनकी कोर्ट में राइस मिल की जमीन पर मुकदमा भी चल रहा है। एक दिन पूर्व प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को जमीन की पैमाइश के लिए मौके पर उपस्थित रहने की सूचना नोटिस भेजकर दे दी गई थी। मौके पर केवल विधायक नाहिद हसन के चाचा अरशद हसन ही मौजूद मिले। वहीं लेखपालों की टीम द्वारा भूमि की पैमाइश कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
विज्ञापन

1985 में मरहूम सांसद अख्तर हसन ने बनाया था सेलर
कैराना। सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन के चाचा चौधरी कवर हसन ने बताया कि राइस मिल को निर्माण 1985 में उनके वालिद साहब अख्तर हसन ने कराया था, जिस पर उनके सभी बेटों का हक बनता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed