किसानों-विपक्षी दलों में उबाल: शामली-सहारनपुर में यूपी-हरियाणा बॉर्डर सील, भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात
लखीमपुर खीरी प्रकरण और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में किसान नेता व विपक्षी दल लखीमपुर कूच करने की तैयारी में हैं, इसे देखते हुए शामली व सहारनपुर में यूपी-हरियाणा बॉर्डर का सील कर दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश के शामली व सहारनपुर में गुरुवार को हरियाणा-पंजाब से किसानों और विपक्षी पार्टी के नेताओं की भारी भीड़ यूपी में आने की आशंका देखते हुए पुलिस प्रशासन ने हरियाणा बॉर्डर सील कर दिया है। यूपी-हरियाणा बॉर्डर के यमुना पुल पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े कराकर सील किया गया है। दोनों राज्यों से वाहनों का आवागमन बंद है। केवल पैदल यात्री ही इधर से उधर आ जा रहे हैं। एडिशनल एसपी ओपी सिंह एसडीएम उद्भव त्रिपाठी और सीओ जितेंद्र कुमार यमुना पुल पर मौजूद हैं। डीएम जसजीत कौर और एसपी सुकीर्ति माधव भी पुल पर पहुंचे। बताया गया कि वाहनों का आवागमन बंद होने से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सहारनपुर में पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में किसानों के लखीमपुर खीरी कूच करने को लेकर सुबह से ही सहारनपुर जनपद में पुलिस-प्रशासन प्रशासन सक्रिय हो गया। मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम, एसएसपी, एसपी देहात समेत कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान सहारनपुर जनपद में सरसावा थाने की शाहजहांपुर चौकी पर तैनात कर दिए गए है। यहां पर हरियाणा का बॉर्डर है, यमुना पार हरियाणा राज्य है। वहीं एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल भी शाहजहांपुर चौकी पर ही मौजूद हैं।
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जाब से अकाली दल के कार्यकर्ताओं का जत्था सहारनपुर के सरसावा थाने की शाहजहांपुर चौकी पर पहुंचा। यहां कुछ देर के लिए सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हरियाणा की तरफ वापस भेज दिया गया।
गुरुवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के पार्टी विधायकों, मंत्रियों और नेताओं के साथ लखीमपुर खीरी जाने की सूचना के बाद शामली में भी पुलिस-प्रशासन चौकन्ना हो गया। सुबह ही यमुना के पुल पर वाहनों को खड़ा करके हरियाणा की ओर से आने वाले वाहन रोक दिए गए। जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को पैदल ही दोनों राज्यों की सीमा में प्रवेश करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का दल आज उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी रवाना होगा। इस दल में पंजाब के कांग्रेस विधायक और मंत्री शामिल रहेंगे। यह दल चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के पास से थोड़ी देर में रवाना होगा। सभी वाहनों के काफिले में जाएंगे। कुछ नेताओं के शामली के रास्ते जाने का इनपुट प्रशासन को मिला था। जिस पर डीएम और एसपी हरियाणा बॉर्डर पर पहुंच गए। वाहनों की लंबी कतार लगने के बाद प्रशासन ने रास्ता खोलकर एक-एक करके वाहनों को निकाला।
दरअसल, लखीमपुर खीरी में आंदोलन के दौरान किसानों की मौत होने के बाद वेस्ट यूपी के किसान आक्रोशित हैं। इसके बाद वेस्ट यूपी के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी दल के नेता भी आक्रोशित हैं। इसके चलते विभिन जिलों से गुजरने वाले हाईवे व ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है। ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़े।
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने वेस्ट यूपी के जिलों में अलर्ट जारी करने के निर्देश दे दिए हैं। लखनऊ से अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी जिलों के डीएम व एसएसपी ने सुरक्षा संबंधी निर्देश देते हुए थाना पुलिस को मुस्तैद कर दिया है। खासतौर पर हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय किसान नेता पर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का फोकस है कि वेस्ट के किसान नेता व विपक्षी दलों के कार्यकर्ता लखीमपुर खीरी न जा पाएं।
खुफिया विभाग भी सक्रिय
जहां किसानों का जगह-जगह धरना व प्रदर्शन चल रहा है, वहीं एलआईयू, इंटेलीजेंस, पुलिस व प्रशासन सक्रिय है। भारतीय किसान यूनियन के अलावा भी अन्य किसान संगठन के लोगों पर पैनी नजर रखने के निर्देश शासन द्वारा दिए जा चुके हैं। एडीजी मेरठ जोन ने मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर के कप्तानों से भी बात करके अलर्ट रहने को कहा है।
धरने पर पहरा, सोशल मीडिया पर नजर
लखीमपुर खीरी में हिंसा के बाद चल रहे किसानों के धरने पर पुलिस ने पहरा बढ़ा दिया। वही सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग अफवाह पर भी निगरानी शुरू कर दी। लखीमपुर खीरी के हिंसा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। गाजीपुर बार्डर, सिंघु बार्डर, टीकरी बॉर्डर, दिल्ली के बाहर की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगाया गया है।