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किसान अडे़, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:44 PM IST
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गन्ना बकाया मूल्य भुगतान मामला
- फोटो : अमर उजाला
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ऊन में चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर चल रहा धरना 39 वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने एलान किया कि अगर आठ नवंबर तक मांग पूरी नहीं हुई, तो किसान तहसील का घेराव करेंगे। उधर, जब्त चीनी के संबंध में बैंक को मिले स्टे ऑर्डर के खिलाफ दायर वाद में हाईकोर्ट ने 15 नवंबर की तारीख लगा दी है।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर धरना देते हुए क्षेत्र के किसानों को 39 दिन हो गए हैं। बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर किसानों ने कहा कि यदि आठ नवंबर तक पूर्ण भुगतान नहीं किया जाता है तो नौ नवंबर को तहसील का घेराव किया जाएगा। किसानों का कहना है कि मिल प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों का शोषण कर रहा है। वहीं, दो दिन तक वार्ता करने के लिए मिल प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी न आने की वजह से किसानों में रोष है।
उधर, तहसील प्रशासन द्वारा चीनी मिल की एक लाख तीन हजार क्विंटल चीनी जब्त करने के मामले में यूनियन बैंक ने स्टे ऑर्डर ले लिया था। उस मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने प्रशासन का पक्ष रखा, जबकि बैंक की ओर से भी अपनी बात रखी गई। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 15 नवंबर की तारीख लगा दी है। ऊन चीनी मिल पर धरना दे रहे किसान भी हाईकोर्ट का फैसला आने का इंतजार में थे। जैसे ही पता चला कि कोर्ट ने मामले में अगली तारीख लगा दी है, इससे किसानों में मायूसी छा गई। धरने पर राजवीर ऊन, नीटू गागोर, भास्कर , कपिल, प्रमोद प्रधान, पप्पू प्रधान आदि शामिल रहे।
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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर ऊन चीनी मिल पर धरना देते हुए क्षेत्र के किसानों को 39 दिन हो गए हैं। बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर किसानों ने कहा कि यदि आठ नवंबर तक पूर्ण भुगतान नहीं किया जाता है तो नौ नवंबर को तहसील का घेराव किया जाएगा। किसानों का कहना है कि मिल प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों का शोषण कर रहा है। वहीं, दो दिन तक वार्ता करने के लिए मिल प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी न आने की वजह से किसानों में रोष है।
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उधर, तहसील प्रशासन द्वारा चीनी मिल की एक लाख तीन हजार क्विंटल चीनी जब्त करने के मामले में यूनियन बैंक ने स्टे ऑर्डर ले लिया था। उस मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने प्रशासन का पक्ष रखा, जबकि बैंक की ओर से भी अपनी बात रखी गई। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 15 नवंबर की तारीख लगा दी है। ऊन चीनी मिल पर धरना दे रहे किसान भी हाईकोर्ट का फैसला आने का इंतजार में थे। जैसे ही पता चला कि कोर्ट ने मामले में अगली तारीख लगा दी है, इससे किसानों में मायूसी छा गई। धरने पर राजवीर ऊन, नीटू गागोर, भास्कर , कपिल, प्रमोद प्रधान, पप्पू प्रधान आदि शामिल रहे।
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