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खांडसारी इकाइयों को प्रदूषण-आबकारी विभाग से लेनी होगी एनओसी
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खांडसारी इकाइयों को प्रदूषण-आबकारी विभाग से लेनी होगी एनओसी
शामली। जिले में खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण और आबकारी विभाग से एनओसी लेना होगा। बिना एनओसी के लिए खांडसारी इकाइयों का संचालन संभव नही हो सकेगा।
अब तक जिले में खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण विभाग और आबकारी विभाग की एनओसी लेने की जरूरत नहीं थी। जिले में 22 पुरानी और 11 खांडसारी इकाइयों के नए लाइसेंस बने थे। जिनमें दो पुरानी खांडसारी इकाइयों में तोमर केन क्रेशर बहलोलपुर और मातेश्वरी केन क्रेशर गढ़ीसखावत जौला और नई 11 खांडसारी इकाइयों में नूरजहां केन क्रेशर राझड़, महावीर उद्योग केन क्रेेशर राजपुर छाजपुर, इंडियन केन क्रेशर जौला, लेबिन एग्रो फार्म, चौधरी केन क्रेशर शौरो आदि पांच खांडसारी इकाइयों का गत वर्ष संचालन हो पाया था। नई 6 इकाई, पुरानी 20 इकाइयों का संचालन नहीं हो पाया था।
जिला खांडसारी विभाग के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार 13 अक्तूबर को तोमर केन क्रेशर बहलोलपुर, 19 अक्तूबर को नूरजहां खांडसारी उद्योग राझड़, चौधरी केन क्रेशर बंतीखेड़ा, मातेश्वरी खांडसारी उद्योग गढ़ीसखावत जौला ने खांडसारी इकाइयों के संचालन की अनुमति मांगी है। इस पर खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण विभाग व आबकारी विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
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जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण विभाग और आबकारी विभाग की एनओसी लेना गन्ना ऐप में प्रदर्शित कर रहा है। जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि खांडसारी इकाइयों को शीरे के लिए एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। खांडसारी इकाई विभाग की ओर से आबकारी विभाग को पत्र जारी करके अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि जिला आबकारी विभाग के पास शीरे का उत्पादन और बिक्री का रिकार्ड दर्ज रहेगा। उधर, प्रदूषण विभाग के कार्यालय से बताया कि कि गन्ना विभाग व खांडसारी इकाई से कोई शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है।
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शामली। जिले में खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण और आबकारी विभाग से एनओसी लेना होगा। बिना एनओसी के लिए खांडसारी इकाइयों का संचालन संभव नही हो सकेगा।
अब तक जिले में खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण विभाग और आबकारी विभाग की एनओसी लेने की जरूरत नहीं थी। जिले में 22 पुरानी और 11 खांडसारी इकाइयों के नए लाइसेंस बने थे। जिनमें दो पुरानी खांडसारी इकाइयों में तोमर केन क्रेशर बहलोलपुर और मातेश्वरी केन क्रेशर गढ़ीसखावत जौला और नई 11 खांडसारी इकाइयों में नूरजहां केन क्रेशर राझड़, महावीर उद्योग केन क्रेेशर राजपुर छाजपुर, इंडियन केन क्रेशर जौला, लेबिन एग्रो फार्म, चौधरी केन क्रेशर शौरो आदि पांच खांडसारी इकाइयों का गत वर्ष संचालन हो पाया था। नई 6 इकाई, पुरानी 20 इकाइयों का संचालन नहीं हो पाया था।
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जिला खांडसारी विभाग के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार 13 अक्तूबर को तोमर केन क्रेशर बहलोलपुर, 19 अक्तूबर को नूरजहां खांडसारी उद्योग राझड़, चौधरी केन क्रेशर बंतीखेड़ा, मातेश्वरी खांडसारी उद्योग गढ़ीसखावत जौला ने खांडसारी इकाइयों के संचालन की अनुमति मांगी है। इस पर खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण विभाग व आबकारी विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
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जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि खांडसारी इकाइयों के संचालन के लिए प्रदूषण विभाग और आबकारी विभाग की एनओसी लेना गन्ना ऐप में प्रदर्शित कर रहा है। जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि खांडसारी इकाइयों को शीरे के लिए एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। खांडसारी इकाई विभाग की ओर से आबकारी विभाग को पत्र जारी करके अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि जिला आबकारी विभाग के पास शीरे का उत्पादन और बिक्री का रिकार्ड दर्ज रहेगा। उधर, प्रदूषण विभाग के कार्यालय से बताया कि कि गन्ना विभाग व खांडसारी इकाई से कोई शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है।