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कंवर हसन बसपा से निष्कासित
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 04 Nov 2016 11:41 PM IST
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political
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। बसपा नेता कंवर हसन को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार गौतम ने इसकी जानकारी दी है। उधर, कंवर हसन का कहना है कि उन्होंने पार्टी विरोधी कोई कार्य नहीं किया, मालूम नहीं क्यों निष्कासन किया गया है।
कैराना निवासी कंवर हसन पूर्व सांसद मरहूम मुनव्वर हसन के छोटे भाई हैं। काफी समय से वह बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हैं। 2014 में वह कैराना लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर ही चुनाव लड़े थे, मगर हार गए थे। फिलहाल वह बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
इसी बीच शुक्रवार को बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार गौतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कंवर हसन को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी हाईकमान से आदेश जारी हुआ, जिसके बाद प्रेस को सूचना भेज दी। पार्टी विरोधी क्या गतिविधियां रही, मालूम नहीं है।
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पैरों में सिर रखना मंजूर नहीं था : कंवर हसन
शामली। बसपा से निष्कासित किए गए कंवर हसन ने बसपा सुप्रीमो मायावती और राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंवर हसन का आरोप है कि उनसे बसपा सुप्रीमो मायावती के पैरों में सिर रखकर सजदा करने का दबाव बनाया गया और टिकट के लिए चार करोड़ रुपये मांगे गए। उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो पार्टी से निकाल दिया।
शुक्रवार को ही बसपा ने कंवर हसन को पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी किया। इसके बाद कंवर हसन ने प्रतिक्रिया में प्रेस नोट जारी करके गंभीर आरोप लगाए। कंवर हसन का दावा है कि राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कॉल करके उन्हें लखनऊ बुलाया था। वहां उनकी मुलाकात बसपा सुप्रीमो मायावती से कराई गई।
कंवर हसन का कहना है कि वहां पहुंचने पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पैरों में सिर रखकर सजदा किया और उससे भी ऐसा ही करने के लिए कहा गया। मैंने उनकी बात नहीं मानी। बुढ़ाना सीट पर प्रत्याशी बनने के लिए कादिर राणा और नईम मलिक चार करोड़ रुपये दे रहे हैं, तुम कितना दोगे। मैंने स्पष्ट कह दिया कि इतने पैसे नहीं दे सकता और न ही किसी के पैरों में सिर रखकर सजदा कर सकता हूं, चाहे टिकट काट दो। आरोप है कि इस पर बसपा सुप्रीमो और राष्ट्रीय महासचिव ने उनसे भला बुरा कहा और अमर्यादित शब्द तक कहे।
उधर, थानाभवन विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राव अब्दुल वारिस का कहना है कि कंवर हसन बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। पूर्व में भी एक बार इन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था, जिसके बाद यह किसी तरह दुबारा पार्टी में शामिल हुए थे। निष्कासन के बाद यह झूठे आरोप लगाकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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कैराना निवासी कंवर हसन पूर्व सांसद मरहूम मुनव्वर हसन के छोटे भाई हैं। काफी समय से वह बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हैं। 2014 में वह कैराना लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर ही चुनाव लड़े थे, मगर हार गए थे। फिलहाल वह बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
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इसी बीच शुक्रवार को बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार गौतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कंवर हसन को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी हाईकमान से आदेश जारी हुआ, जिसके बाद प्रेस को सूचना भेज दी। पार्टी विरोधी क्या गतिविधियां रही, मालूम नहीं है।
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पैरों में सिर रखना मंजूर नहीं था : कंवर हसन
शामली। बसपा से निष्कासित किए गए कंवर हसन ने बसपा सुप्रीमो मायावती और राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंवर हसन का आरोप है कि उनसे बसपा सुप्रीमो मायावती के पैरों में सिर रखकर सजदा करने का दबाव बनाया गया और टिकट के लिए चार करोड़ रुपये मांगे गए। उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो पार्टी से निकाल दिया।
शुक्रवार को ही बसपा ने कंवर हसन को पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी किया। इसके बाद कंवर हसन ने प्रतिक्रिया में प्रेस नोट जारी करके गंभीर आरोप लगाए। कंवर हसन का दावा है कि राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कॉल करके उन्हें लखनऊ बुलाया था। वहां उनकी मुलाकात बसपा सुप्रीमो मायावती से कराई गई।
कंवर हसन का कहना है कि वहां पहुंचने पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पैरों में सिर रखकर सजदा किया और उससे भी ऐसा ही करने के लिए कहा गया। मैंने उनकी बात नहीं मानी। बुढ़ाना सीट पर प्रत्याशी बनने के लिए कादिर राणा और नईम मलिक चार करोड़ रुपये दे रहे हैं, तुम कितना दोगे। मैंने स्पष्ट कह दिया कि इतने पैसे नहीं दे सकता और न ही किसी के पैरों में सिर रखकर सजदा कर सकता हूं, चाहे टिकट काट दो। आरोप है कि इस पर बसपा सुप्रीमो और राष्ट्रीय महासचिव ने उनसे भला बुरा कहा और अमर्यादित शब्द तक कहे।
उधर, थानाभवन विधानसभा क्षेत्र प्रभारी राव अब्दुल वारिस का कहना है कि कंवर हसन बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। पूर्व में भी एक बार इन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था, जिसके बाद यह किसी तरह दुबारा पार्टी में शामिल हुए थे। निष्कासन के बाद यह झूठे आरोप लगाकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।