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कचरे में मिले पटाखे फटे, बालक झुलसा
Sat, 11 May 2019 11:06 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Sat, 11 May 2019 11:06 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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दुकान खाली कराने के बाद कचरे में मिले पटाखे जलाते समय हुए विस्फोट से एक बालक गंभीर रूप से झुलस गया। धमाके की तेज से आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए। झुलसे बालक को परिजन निजी चिकित्सक के यहां ले गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल की।
कस्बे के मोहल्ला हाफिजदोस्त निवासी मुन्नालाल की ऊन मार्ग पर दुकान है। उसने ये दुकान कस्बे के ही एक व्यक्ति को किराए पर दी हुई है, जिसमें किराएदार ने पटाखों का स्टॉक लगाया था। आठ दिन पहले कस्बे के रेत्तीवाला मोहल्ले में विस्फोट के बाद मुन्नालाल ने अपनी दुकान खाली कराने को कह दिया था। शनिवार को किराएदार ने दुकान खाली कर दी, लेकिन उसका कचरा दुकान में ही पड़ा रह गया। इसी बीच दुकान मालिक का 11 साल का बेटा सागर वहां पहुंचा। उसने वहां पड़े कचरे में से पटाखे उठाए और आग लगा दी। तभी तेज धमाके से हुए पटाके फट गए। जिसकी चपेट में आकर सागर गंभीर रूप से झुलस गया। तेज धमाका की आवाज सुनकर पास में ही मौजूद उसके परिजन और आसपास के लोग दौड़े। सागर की गंभीर हालत में शामली में चिकित्सक के यहां ले गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जानकारी ली। उधर, शामली अस्पताल में निजी चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे घायल सागर के परिजनों ने बताया कि वह खेत में जा रहा था। रास्ते में चल रही मशीन के पट्टे में उसका हाथ में चोट लगी है। पटाखे से हाथ झुलसने से उन्होंने साफ इंकार किया है।
बिना मानक पूरे किए कैसे बनाया गोदाम
पटाखे बनाने में विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए पटाखों का स्टॉक रखने के लिए बाकायदा सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाता है। लेकिन, दुकान में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। यही नहीं, प्रशासन ने भी इस दुकान की कोई जांच नहीं की। प्रशासन ने यह भी पता नहीं किया जिस व्यक्ति ने यहां पटाखों का स्टॉक लगाया था, वह लाइसेंसी है भी या नहीं।
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रेत्तीवाला में विस्फोट के बाद चला था चेकिंग अभियान
आठ दिन पहले मोहल्ला रेत्तीवाला में कूड़े के कचरे में विस्फोट होने पर महिला घायल हुई थी, तो पुलिस प्रशासन की नींद खुली थी। एसडीएम ने सीओ और पुलिस बल के साथ जांच पड़ताल की, लेकिन ये जांच केवल लाइसेंसधारी पटाखा निर्माताओं तक ही सीमित रही। जिनके पास लाइसेंस था उन्हीं के यहां जाकर जांच की गई। इसमें भी कई खामियां मिली थीं। विस्फोटक के बिल तक कई लोग नहीं दिखा सके थे, लेकिन बिना लाइसेंस पटाखे बनाने या स्टॉक जमा कराने वालों पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसकी पोल इस हादसे से खुल गई। पुलिस का सूचना तंत्र भी फेल होता नजर आया। हो सकता है कसबे में ओर जगहों पर भी पटाखों का स्टॉक जमा हो, इसके लिए पुलिस को सर्च अभियान चलाना होगा।
झुलसे बालक को परिजन शामली या किसी अन्य स्थान पर चिकित्सक के यहां ले गए हैं। मामले की जानकारी की जा रही है। पूरे प्रकरण की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल किसी की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। - संदीप बालियान, थानाध्यक्ष थानाभवन
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कस्बे के मोहल्ला हाफिजदोस्त निवासी मुन्नालाल की ऊन मार्ग पर दुकान है। उसने ये दुकान कस्बे के ही एक व्यक्ति को किराए पर दी हुई है, जिसमें किराएदार ने पटाखों का स्टॉक लगाया था। आठ दिन पहले कस्बे के रेत्तीवाला मोहल्ले में विस्फोट के बाद मुन्नालाल ने अपनी दुकान खाली कराने को कह दिया था। शनिवार को किराएदार ने दुकान खाली कर दी, लेकिन उसका कचरा दुकान में ही पड़ा रह गया। इसी बीच दुकान मालिक का 11 साल का बेटा सागर वहां पहुंचा। उसने वहां पड़े कचरे में से पटाखे उठाए और आग लगा दी। तभी तेज धमाके से हुए पटाके फट गए। जिसकी चपेट में आकर सागर गंभीर रूप से झुलस गया। तेज धमाका की आवाज सुनकर पास में ही मौजूद उसके परिजन और आसपास के लोग दौड़े। सागर की गंभीर हालत में शामली में चिकित्सक के यहां ले गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जानकारी ली। उधर, शामली अस्पताल में निजी चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे घायल सागर के परिजनों ने बताया कि वह खेत में जा रहा था। रास्ते में चल रही मशीन के पट्टे में उसका हाथ में चोट लगी है। पटाखे से हाथ झुलसने से उन्होंने साफ इंकार किया है।
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बिना मानक पूरे किए कैसे बनाया गोदाम
पटाखे बनाने में विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए पटाखों का स्टॉक रखने के लिए बाकायदा सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाता है। लेकिन, दुकान में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। यही नहीं, प्रशासन ने भी इस दुकान की कोई जांच नहीं की। प्रशासन ने यह भी पता नहीं किया जिस व्यक्ति ने यहां पटाखों का स्टॉक लगाया था, वह लाइसेंसी है भी या नहीं।
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रेत्तीवाला में विस्फोट के बाद चला था चेकिंग अभियान
आठ दिन पहले मोहल्ला रेत्तीवाला में कूड़े के कचरे में विस्फोट होने पर महिला घायल हुई थी, तो पुलिस प्रशासन की नींद खुली थी। एसडीएम ने सीओ और पुलिस बल के साथ जांच पड़ताल की, लेकिन ये जांच केवल लाइसेंसधारी पटाखा निर्माताओं तक ही सीमित रही। जिनके पास लाइसेंस था उन्हीं के यहां जाकर जांच की गई। इसमें भी कई खामियां मिली थीं। विस्फोटक के बिल तक कई लोग नहीं दिखा सके थे, लेकिन बिना लाइसेंस पटाखे बनाने या स्टॉक जमा कराने वालों पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसकी पोल इस हादसे से खुल गई। पुलिस का सूचना तंत्र भी फेल होता नजर आया। हो सकता है कसबे में ओर जगहों पर भी पटाखों का स्टॉक जमा हो, इसके लिए पुलिस को सर्च अभियान चलाना होगा।
झुलसे बालक को परिजन शामली या किसी अन्य स्थान पर चिकित्सक के यहां ले गए हैं। मामले की जानकारी की जा रही है। पूरे प्रकरण की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल किसी की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। - संदीप बालियान, थानाध्यक्ष थानाभवन