{"_id":"58937c514f1c1b953fe80799","slug":"jansabha-mein-najar-nahin-aayi-pariwar-ki-ekta","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनसभा में नजर नहीं आई परिवार की एकता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनसभा में नजर नहीं आई परिवार की एकता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। कैराना में सपा की जनसभा में परिवार की एकता नजर नहीं आई। नाहिद हसन के चाचा कंवर हसन और हाजी अनवर हसन के साथ ही सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी मंच पर नजर नहीं आए। कुछ समय पूर्व ही नाहिद हसन के चाचा कंवर हसन और हाजी अनवर हसन ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की थी।
विधानसभा चुनाव से पूर्व ही हसन परिवार में एकता की बात आई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को जब कैराना में पार्टी की जनसभा हुई, तो कंवर हसन और हाजी अनवर हसन वहां नजर नहीं आए। चर्चा है कि हसन परिवार में अभी पूरी तरह एकता नहीं हुई है। उधर, सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी वहां नहीं पहुंचे। गौरतलब है कि सपा और कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन है।
कैराना और थानाभवन सीट सपा के खाते में चली गई, लेकिन शामली सीट कांग्रेस को मिल गई। इस कारण सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान का टिकट कट गया था और गठबंधन के चलते कांग्रेस के पंकज मलिक को प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद मनीष चौहान निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शामली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने मनीष चौहान को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया है। माना जा रहा है कि इसी कारण सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी कैराना की जनसभा में नहीं पहुंचे। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा आम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव से पूर्व ही हसन परिवार में एकता की बात आई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को जब कैराना में पार्टी की जनसभा हुई, तो कंवर हसन और हाजी अनवर हसन वहां नजर नहीं आए। चर्चा है कि हसन परिवार में अभी पूरी तरह एकता नहीं हुई है। उधर, सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी वहां नहीं पहुंचे। गौरतलब है कि सपा और कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन है।
विज्ञापन
कैराना और थानाभवन सीट सपा के खाते में चली गई, लेकिन शामली सीट कांग्रेस को मिल गई। इस कारण सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान का टिकट कट गया था और गठबंधन के चलते कांग्रेस के पंकज मलिक को प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद मनीष चौहान निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शामली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने मनीष चौहान को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया है। माना जा रहा है कि इसी कारण सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी कैराना की जनसभा में नहीं पहुंचे। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा आम है।
विज्ञापन