{"_id":"5fce74a18ebc3ecf591ae8cd","slug":"jaggery-arrivals-in-the-market-increased-after-the-fee-was-reduced-shamli-news-mrt5145448187","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुल्क घटने के बाद मंडी में बढ़ी गुड़ की आवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुल्क घटने के बाद मंडी में बढ़ी गुड़ की आवक
विज्ञापन
शामली नवीन मंडी में बोरे में शक्कर भरते मजदूर
- फोटो : SHAMLI
शामली। मंडी शुल्क एक प्रतिशत घटने से शामली मंडी में चहल-पहल बढ़ी है। गुड़ और शक्कर की आमद और मंडी शुल्क में सुधार आया है। मंडी के आढ़तियों और अफसरों के मुताबिक मंडी में 10 प्रतिशत का सुधार है। मंडल के अफसरों का कहना है कि बाहरी कारोबारी और गुड़, खांड़ उत्पादकों ने परेशानी से बचने के लिए मंडी की ओर रुख किया है।
प्रदेश भर की मंडियों में दो प्रतिशत मंडी शुल्क के स्थान पर एक प्रतिशत कर दिया गया है तथा 0.50 प्रतिशत विकास शुल्क निर्धारित है। यानी अब किसानों को डेढ़ प्रतिशत ही शुल्क देना होता है। इससे जाने के बाद मंडी में कारोबार बढ़ा है। बाहर काम करने वाले कारोबारियों का रुख मंडियों की ओर होना शुरू हुआ है। इसका सीधा असर दिसंबर में दिखाई देगा।
शामली मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव संगल का कहना है कि मंडी शुल्क कम होने से मंडी में माल की आमद और शुल्क में बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा राज्य में मंडी शुल्क शून्य और पंजाब में 50 पैसे, महाराष्ट्र में 35 पैसे निर्धारित है। यूपी में मंडी शुल्क समाप्त करके 50 पैसे निर्धारित किया जाए, तो कारोबार में सुधार आ सकता है।
विज्ञापन
-----------
बाहर के कारोबारियों का मंडी की ओर रुख
मंडी शुल्क एक प्रतिशत और विकास शुल्क 50 पैसे होने से मंडी में गुड़, खांडसारी की आमद और मंडी शुल्क की बढ़ोत्तरी हो रही है। दिसंबर में माल और मंडी शुल्क में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। परेशानियों से बचने के लिए बाहरी कारोबारियों का रुख मंडियों की ओर हुआ है। - रिंकी जायसवाल, उपनिदेशक कृषि उत्पादन परिषद सहारनपुर मंडल।
शामली मंडी में गुड खांडसारी की आमद- मंडी शुल्क
30 नवंबर 2019- माल की आमद- 600 क्विंटल
मंडी शुल्क-- 28842 रुपये
30 नवंबर 2020-- माल की आमद- 911 क्विंटल
मंडी शुल्क - 23630 रुपये
शामली मंडी में खांडसारी का भाव
1- गुड़ -- 2400 रुपये से 2550 रुपये क्विंटल
2- शक्कर- 2600 रुपये से 2800 रुपये क्विंटल
3- खांड़ 3700 रुपये
विज्ञापन
प्रदेश भर की मंडियों में दो प्रतिशत मंडी शुल्क के स्थान पर एक प्रतिशत कर दिया गया है तथा 0.50 प्रतिशत विकास शुल्क निर्धारित है। यानी अब किसानों को डेढ़ प्रतिशत ही शुल्क देना होता है। इससे जाने के बाद मंडी में कारोबार बढ़ा है। बाहर काम करने वाले कारोबारियों का रुख मंडियों की ओर होना शुरू हुआ है। इसका सीधा असर दिसंबर में दिखाई देगा।
विज्ञापन
शामली मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव संगल का कहना है कि मंडी शुल्क कम होने से मंडी में माल की आमद और शुल्क में बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा राज्य में मंडी शुल्क शून्य और पंजाब में 50 पैसे, महाराष्ट्र में 35 पैसे निर्धारित है। यूपी में मंडी शुल्क समाप्त करके 50 पैसे निर्धारित किया जाए, तो कारोबार में सुधार आ सकता है।
विज्ञापन
-----------
बाहर के कारोबारियों का मंडी की ओर रुख
मंडी शुल्क एक प्रतिशत और विकास शुल्क 50 पैसे होने से मंडी में गुड़, खांडसारी की आमद और मंडी शुल्क की बढ़ोत्तरी हो रही है। दिसंबर में माल और मंडी शुल्क में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। परेशानियों से बचने के लिए बाहरी कारोबारियों का रुख मंडियों की ओर हुआ है। - रिंकी जायसवाल, उपनिदेशक कृषि उत्पादन परिषद सहारनपुर मंडल।
शामली मंडी में गुड खांडसारी की आमद- मंडी शुल्क
30 नवंबर 2019- माल की आमद- 600 क्विंटल
मंडी शुल्क-- 28842 रुपये
30 नवंबर 2020-- माल की आमद- 911 क्विंटल
मंडी शुल्क - 23630 रुपये
शामली मंडी में खांडसारी का भाव
1- गुड़ -- 2400 रुपये से 2550 रुपये क्विंटल
2- शक्कर- 2600 रुपये से 2800 रुपये क्विंटल
3- खांड़ 3700 रुपये