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मामौर झील के पानी से की जाएगी फसलों की सिंचाई

Thu, 22 Feb 2018 11:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Thu, 22 Feb 2018 11:39 PM IST
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Irrigation of crops will be done with the water of Lake Maumaur
गांव मामौर में झील का निरीक्षंण करते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
शामली के कैराना में निर्मल हिंडन कार्यक्रम के तहत मामौर झील के कायाकल्प का कार्य शुरू कर दिया गया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने झील का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि झील किनारे जल सिंचाई के लिए वाटर प्लांट की स्थापना कराई जाएगी।
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बृहस्पतिवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने मामौर झील का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी में मामौर झील की समस्या जल का अत्यधिक दोहन है। कहीं जल नहीं है, तो कहीं जल को व्यर्थ बहाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को पानी की आवश्यकता है, जिसमें किसी को थोड़ी तो किसी को ज्यादा है। अत्यधिक जल दोहन के कारण ही हमारे सामने आज यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में छोटी नगर पालिका, छोटे कस्बे तथा गांवों में सबमर्सिबल की संख्या भी अधिक होती जा रही है। नतीजतन पानी व्यर्थ नालियों में बहाया जा रहा है, जो कहीं ना कहीं पर रास्ता तलाश एकत्र हो जाता है, इस कारण मामौर झील में पूरे वर्ष पानी भरा रहता है। इससे ग्रामीणों व किसानों को समस्या होती है। फसलें तबाह और खराब हो जाती है।
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पिछले साल हालत बेहद खराब थी, लेकिन अब पानी की गुणवत्ता में भी काफी सुधार आया है। प्रदूषण खत्म हो रहा है और पानी खेती के लिए उपयुक्त हो गया है। डीएम ने कहा कि अब मामौर झील पर देशी व विदेशी पक्षी तथा जीव-जंतु यहां देखने को मिल रहा है। पर्यावरण के लिए पानी उपयोगी, अनुकूल हो गया है। डीएम ने किसानों की समस्या के हल के लिए कहा कि जल सिंचाई के लिए एक प्लांट की स्थापना झील किनारे कराई जाएगी। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि झील का पानी सिंचाई में इस्तेमाल के लिए सभी किसानों के खेतों तक पाइपलाइन लगवाई जाए। किसानों का मानना है कि झील के पानी से फसल के उत्पादन बेहतर होता है।
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सिंचाई प्लांट की स्थापना के बाद झील खाली होगी, तो पानी ज्यादा स्टॉक नहीं होगा। किसानों को भी नलकूप, बिजली आदि के खर्च से बड़ी राहत मिलेगी। झील के पानी से खेती सिंचाई के बाद झील को बरसात में पानी धारण करने की क्षमता बढ़ जाएगी। प्लांट व पाइपलाइन व्यवस्था के लिए उद्यान विभाग, किसान को आगे हाथ बढ़ाने होंगे और सरकार से भी सहायता कराई जाएगी। इस दौरान डीएम ने मामौर झील की व वहां मौजूद पक्षियों की वीडियोग्राफी भी करायी और झील का सिजरा भी देखा। इस दौरान समाजसेवी उमर सैफ भी मौजूद रहे।
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