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शामली में जांच, मेरठ में होगा ऑपरेशन
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शामली सीएचसी में आंखो का चैकअप करते नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ.राजकुमार।
- फोटो : SHAMLI
शामली में जांच, मेरठ में होगा ऑपरेशन
शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में आंखों की जांच की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए न तो सर्जन हैं और न ही मशीन है। करीब डेढ़ साल से अधिक समय से मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में आंखों की जांच कराने वाले मरीजों में रोजाना 10 से 20 मरीज मोतियाबिंद के मिल रहे हैं, जिन्हें ऑपरेशन के लिए मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है।
हर साल 13 अक्तूबर को विश्व दृष्टि दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करना है ताकि दृष्टिहीनता से बचा जा सके, लेकिन जिले की बात करें तो यहां पर आंखों के मरीजों के लिए जांच के अलावा कोई दूसरी सुविधा नहीं है। मोतियाबिंद के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। ऑपरेशन के लिए न तो सर्जन हैं और न ही मशीन है। जो मशीन थी वह करीब डेढ़ साल पहले कंडम हो गई थी। छह माह पहले सर्जन का भी तबादला हो गया। इसके बाद से नई मशीन नहीं मिली। जिले में रोजाना आंखों की जांच कराने वाले मरीजों में 10 से 20 मरीज मोतियाबिंद के मिल रहे हैं। उन सभी को ऑपरेशन के लिए मेरठ रेफर किया जाता है।
बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे तक आए 62 मरीजों में आठ मरीज मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चिह्नित हुए। 12 अक्तूबर को 105 मरीजों की जांच में 19, 11 अक्तूबर को 88 मरीजों में सात और 10 अक्तूबर को 111 मरीजों में 10 मरीज मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चिह्नित हुए। सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मशीन के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है।
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सीएचसी पर मनाया विश्व दृष्टि दिवस
शामली। सीएचसी शामली में नेत्र विभाग में विश्व दृष्टि दिवस पर लोगों को आंखों की सुरक्षा व देखभाल के लिए जागरूक किया गया। नेत्र परीक्षण अधिकारी ने बताया कि विश्व दृष्टि दिवस की शुरूआत वर्ष 2000 से हुई थी। बृहस्पतिवार को 23वां विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। इस बार की थीम लव योवर आइज यानि अपनी आंखों से प्यार करो। इस थीम पर लोगों को बताया गया कि आंख में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी होती है तो तुरंत चिकित्सक की सलाह ले। इसमें लापरवाही आंखों की दृष्टि पर भारी पड़ सकती है। आंखों के प्रति पूरी तरह सचेत रहें। इस अवसर पर नेत्र परीक्षण अधिकारी रितु रानी ने भी लोगों को आंखों की सुरक्षा के टिप्स दिए।
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--- इस तरह करें आंखों की सुरक्षा
- आंखों को धूल व तेज धूप से बचाने के लिए चश्मा लगाएं।
- समय-समय पर आंखों को ताजे साफ पानी से धोते रहें।
- कंप्यूटर व मोबाइल पर काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम देते रहें।
- आंख में किसी भी तरह की कोई समस्या आती है तो चिकित्सक की सलाह लें।
- समय-समय पर आंखों की जांच कराएं।
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शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में आंखों की जांच की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए न तो सर्जन हैं और न ही मशीन है। करीब डेढ़ साल से अधिक समय से मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में आंखों की जांच कराने वाले मरीजों में रोजाना 10 से 20 मरीज मोतियाबिंद के मिल रहे हैं, जिन्हें ऑपरेशन के लिए मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है।
हर साल 13 अक्तूबर को विश्व दृष्टि दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करना है ताकि दृष्टिहीनता से बचा जा सके, लेकिन जिले की बात करें तो यहां पर आंखों के मरीजों के लिए जांच के अलावा कोई दूसरी सुविधा नहीं है। मोतियाबिंद के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। ऑपरेशन के लिए न तो सर्जन हैं और न ही मशीन है। जो मशीन थी वह करीब डेढ़ साल पहले कंडम हो गई थी। छह माह पहले सर्जन का भी तबादला हो गया। इसके बाद से नई मशीन नहीं मिली। जिले में रोजाना आंखों की जांच कराने वाले मरीजों में 10 से 20 मरीज मोतियाबिंद के मिल रहे हैं। उन सभी को ऑपरेशन के लिए मेरठ रेफर किया जाता है।
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बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे तक आए 62 मरीजों में आठ मरीज मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चिह्नित हुए। 12 अक्तूबर को 105 मरीजों की जांच में 19, 11 अक्तूबर को 88 मरीजों में सात और 10 अक्तूबर को 111 मरीजों में 10 मरीज मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चिह्नित हुए। सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मशीन के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है।
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सीएचसी पर मनाया विश्व दृष्टि दिवस
शामली। सीएचसी शामली में नेत्र विभाग में विश्व दृष्टि दिवस पर लोगों को आंखों की सुरक्षा व देखभाल के लिए जागरूक किया गया। नेत्र परीक्षण अधिकारी ने बताया कि विश्व दृष्टि दिवस की शुरूआत वर्ष 2000 से हुई थी। बृहस्पतिवार को 23वां विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। इस बार की थीम लव योवर आइज यानि अपनी आंखों से प्यार करो। इस थीम पर लोगों को बताया गया कि आंख में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी होती है तो तुरंत चिकित्सक की सलाह ले। इसमें लापरवाही आंखों की दृष्टि पर भारी पड़ सकती है। आंखों के प्रति पूरी तरह सचेत रहें। इस अवसर पर नेत्र परीक्षण अधिकारी रितु रानी ने भी लोगों को आंखों की सुरक्षा के टिप्स दिए।
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--- इस तरह करें आंखों की सुरक्षा
- आंखों को धूल व तेज धूप से बचाने के लिए चश्मा लगाएं।
- समय-समय पर आंखों को ताजे साफ पानी से धोते रहें।
- कंप्यूटर व मोबाइल पर काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम देते रहें।
- आंख में किसी भी तरह की कोई समस्या आती है तो चिकित्सक की सलाह लें।
- समय-समय पर आंखों की जांच कराएं।