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Shamli News: बढ़ाकर भेजे बिल, कम करने के नाम पर वसूली
Sun, 11 Aug 2024 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:19 AM IST
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शामली। ऊर्जा निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा जिले के उपभोक्ता भुगतने को मजबूर हो रहे हैं। मई-जून का बिजली बिल एक हजार से अधिक उपभोक्ताओं को दो माह से अधिक का भेजा गया, जिसके कारण 200 से अधिक यूनिट आने से प्रति यूनिट उपभोक्ताओं को अतिरिक्त एक रुपये से अधिक भरने पड़ रहे हैं। उधर, बढ़ाकर भेजे जा रहे बिलों को ठीक करने के नाम पर कर्मचारी रुपयों की मांग कर रहे हैं। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की है।
इस तरह के के मामलों की बानगी....
केस-1
नाला गांव के रहने वाले अमित का कहना है कि मई और जून माह में ऊर्जा निगम की तरफ से बिजली बिल नहीं भेजे गए। जुलाई माह में दो माह का बिल 800 रुपये का भेजा गया। कहा कि एक माह में करीब 100 यूनिट तक बिल आता था, जिस पर उन्हें प्रति यूनिट तीन रुपये 35 पैसे जमा करने होते थे। मगर 200 से अधिक यूनिट होने के कारण प्रति यूनिट चार रुपये 35 पैसे जमा करने पड़ेंगे। जो गलत है।
केस-2
लिलौन के राजेश ने बताया कि मई और जून माह का बिल ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने 200 यूनिट दर्शाते हुए भेजा। 200 यूनिट होने पर प्रति यूनिट चार रुपये 20 पैसे लिए गए। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से नुकसान उन्हें हो रहा है। अधिकारियों से तीन बार शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं की गई।
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केस-3
ऊन के विनय गोयल का कहना है कि पहले उनका बिजली बिल 3500 रुपये तक भेजा जा रहा था। अब बढ़ाकर 6 हजार रुपये भेजा जा रहा है। शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। कर्मचारी 500 से एक हजार रुपयों की मांग बिल ठीक करने के लिए कर रहे हैं।
किसान दिवस में उठाया था मुद्दा
किसान नेता सुनील पंवार ने हाल ही में हुए किसान दिवस में मुद्दा उठाया था कि जिले के एक हजार से अधिक किसानों का मई और जून माह का बिजली बिल मिलाकर एक साथ भेजा गया। जिसके कारण किसानों को प्रति यूनिट तीन रुपये 35 पैसे के बजाए चार रुपये बीस पैसे जमा करने पड़े। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नही की गई।
जल्द होगा आंदोलन
भाकियू प्रधान के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अमित मलिक का कहना है कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही से जिले के किसानों, उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों के बिल बकाया गन्ना भुगतान मिलने के बाद लिए जाए
किसान यामीन खान, संजीव शास्त्री और मा. संजीव का कहना है कि किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण किसानों को परेशानी हो रही है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों से अपील है कि किसानों से बकाया गन्ना भुगतान मिलने के बाद ही बिल लिया जाए।
बढ़ाकर बिजली बिल भेजने और दो माह का एक साथ बिल भेजने का मामला जानकारी में नहीं है। जानकारी कर उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान कराया जाएगा। वसूली करने के मामलों की भी जांच कराई जाएगी।
- विनोद कुमार, एक्सईएन
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इस तरह के के मामलों की बानगी....
केस-1
नाला गांव के रहने वाले अमित का कहना है कि मई और जून माह में ऊर्जा निगम की तरफ से बिजली बिल नहीं भेजे गए। जुलाई माह में दो माह का बिल 800 रुपये का भेजा गया। कहा कि एक माह में करीब 100 यूनिट तक बिल आता था, जिस पर उन्हें प्रति यूनिट तीन रुपये 35 पैसे जमा करने होते थे। मगर 200 से अधिक यूनिट होने के कारण प्रति यूनिट चार रुपये 35 पैसे जमा करने पड़ेंगे। जो गलत है।
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केस-2
लिलौन के राजेश ने बताया कि मई और जून माह का बिल ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने 200 यूनिट दर्शाते हुए भेजा। 200 यूनिट होने पर प्रति यूनिट चार रुपये 20 पैसे लिए गए। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से नुकसान उन्हें हो रहा है। अधिकारियों से तीन बार शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं की गई।
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केस-3
ऊन के विनय गोयल का कहना है कि पहले उनका बिजली बिल 3500 रुपये तक भेजा जा रहा था। अब बढ़ाकर 6 हजार रुपये भेजा जा रहा है। शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। कर्मचारी 500 से एक हजार रुपयों की मांग बिल ठीक करने के लिए कर रहे हैं।
किसान दिवस में उठाया था मुद्दा
किसान नेता सुनील पंवार ने हाल ही में हुए किसान दिवस में मुद्दा उठाया था कि जिले के एक हजार से अधिक किसानों का मई और जून माह का बिजली बिल मिलाकर एक साथ भेजा गया। जिसके कारण किसानों को प्रति यूनिट तीन रुपये 35 पैसे के बजाए चार रुपये बीस पैसे जमा करने पड़े। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नही की गई।
जल्द होगा आंदोलन
भाकियू प्रधान के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अमित मलिक का कहना है कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही से जिले के किसानों, उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों के बिल बकाया गन्ना भुगतान मिलने के बाद लिए जाए
किसान यामीन खान, संजीव शास्त्री और मा. संजीव का कहना है कि किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण किसानों को परेशानी हो रही है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों से अपील है कि किसानों से बकाया गन्ना भुगतान मिलने के बाद ही बिल लिया जाए।
बढ़ाकर बिजली बिल भेजने और दो माह का एक साथ बिल भेजने का मामला जानकारी में नहीं है। जानकारी कर उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान कराया जाएगा। वसूली करने के मामलों की भी जांच कराई जाएगी।
- विनोद कुमार, एक्सईएन