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विद्यालयों में किताबों के बिना बीता आधा सत्र

Thu, 22 Sep 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 22 Sep 2016 12:32 AM IST
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In the past half-session schools without books
- फोटो : फाइल फोटो
शामली। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राएं बिना किताबों के ही पढ़ रहे हैं। आधा सत्र बीतने के बाद भी बच्चों को स्कूल में रखी शिक्षक संदर्शिका से पढ़ाया जा रहा है। 
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सरकारी स्कूलों में आधा सत्र बीत जाने के बाद भी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों में किताबों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। जिले में 536 प्राथमिक, 213 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं, जिनमें 83,963 बच्चे पढ़ाई करते हैं। दो सालों से शिक्षा सत्र जुलाई के बजाय एक अप्रैल से संचालित हो रहा है। शासन ने सत्र तो बदल दिया, लेकिन व्यवस्थाएं नहीं बदल पाया। 
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हालत ये है कि उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा 3 और 5 की पाठ्य पुस्तक अभी तक नहीं आ सकी हैं। जबकि अन्य प्राइमरी कक्षाओं में कुछ पुस्तकें मुहैया हो पाई हैं। विभागीय अफसर यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, कि पुरानी किताबों से बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। पिछले दो वर्षों से पढ़ रहे बच्चों से किताबें लेकर नई कक्षाओं के बच्चों को सौंप दी गई हैं। बीएसए चंद्रशेखर का कहना है कि 1 लाख 40 हजार किताबेें आ चुकी हैं, जिनको बीआरसी पर भेज दिया गया है। शीघ्र ही स्कूलों में किताबों का वितरण कराया जाएगा।
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