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भूख पर भारी पड़ा 500 का नोट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:27 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कैराना । 500 और 1000 का नोट बंद होने के चलते बुधवार को ढाबे पर खाना नहीं मिलने पर एक ट्रक चालक 500 को नोट खुलवाने के लिए कोतवाली पहुंच गया। पुलिस ने चालक को समझाया कि दो दिन बाद बैंक से नोट बदल लेना, जिसके बाद चालक भूखा ही वहां से चला गया।
बुधवार को हरियाणा निवासी एक ट्रक चालक शानू ट्रक लेकर कैराना से निकल रहा था। दोपहर में शानू एक ढाबे पर रुका और खाना देने को कहा। जिस पर ढाबा मालिक ने पूछा कि 500 या 1000 को नोट तो नहीं है। चालक ने कहा कि उसके पास केवल 500-500 के ही नोट हैं। जिस पर उसने खाना देने से इंकार कर दिया। चालक शानू कई ढाबों पर खाना खाने पहुंचा, तो वहां भी उसे किसी ने 500 रुपये के बदले खाना नहीं दिया।
आखिर थक हार कर भूखा प्यासा शानू कोतवाली पहुंचा। कोतवाली में बैठे एसएसआई अमन सिंह को सीधे स्वभाव में 500 का नोट देकर कहा कि प्लीज सर 500 रुपये का खुल्ला दे दो।
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पूछने पर चालक ने बताया कि वो रात से भूखा है। उसके पास 500 के ही नोट है। किसी भी ढाबे वाले ने उसे खाना नहीं दिया। अमन सिंह ने कहा कि भाई दो दिन बाद बैंक से नोट बदल लेना। आज तो हमारे पास भी खुले नहीं हैं।
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बुधवार को हरियाणा निवासी एक ट्रक चालक शानू ट्रक लेकर कैराना से निकल रहा था। दोपहर में शानू एक ढाबे पर रुका और खाना देने को कहा। जिस पर ढाबा मालिक ने पूछा कि 500 या 1000 को नोट तो नहीं है। चालक ने कहा कि उसके पास केवल 500-500 के ही नोट हैं। जिस पर उसने खाना देने से इंकार कर दिया। चालक शानू कई ढाबों पर खाना खाने पहुंचा, तो वहां भी उसे किसी ने 500 रुपये के बदले खाना नहीं दिया।
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आखिर थक हार कर भूखा प्यासा शानू कोतवाली पहुंचा। कोतवाली में बैठे एसएसआई अमन सिंह को सीधे स्वभाव में 500 का नोट देकर कहा कि प्लीज सर 500 रुपये का खुल्ला दे दो।
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पूछने पर चालक ने बताया कि वो रात से भूखा है। उसके पास 500 के ही नोट है। किसी भी ढाबे वाले ने उसे खाना नहीं दिया। अमन सिंह ने कहा कि भाई दो दिन बाद बैंक से नोट बदल लेना। आज तो हमारे पास भी खुले नहीं हैं।