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कूड़ा निस्तारण प्लांट के निर्माण में एचटी लाइन बनी बाधक

Sun, 29 Nov 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 Nov 2020 12:18 AM IST
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HT line becomes obstruction in the construction of waste disposal plant
शामली में कूडा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण करते नगर पालिका अधिकारी। - फोटो : SHAMLI
शामली। कूड़ा निस्तारण के लिए शासन स्तर पर लगने वाले प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण में 132 केवी की लाइन बाधक बन गई है। विद्युत पारेषण खंड के एसडीओ ने पालिका टीम के साथ डंपिंग ग्राउंड के ऊपर से जा रही विद्युत लाइन का जायजा लिया। फिलहाल एसडीओ ने विद्युत लाइन शिफ्ट होने में असमर्थता जताई है। इसके चलते फिलहाल यह प्रोजेक्ट खटाई में पड़ता दिख रहा है।
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शहर में कूड़ा निस्तारण न होना बड़ी समस्या है। रोजाना शहर से रोजाना करीब 38 टन कूड़ा निकलता है। लंबे समय से भैंसवाल रोड पर डंपिंग ग्राउंड में लाखों टन कूड़ा इकट्ठा हो चुका है। शासन की तरफ से कूड़ा निस्तारण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। प्लांट के लिए पालिका ने डंपिंग ग्राउंड की भूमि उपलब्ध कराई।
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शासन ने प्लांट निर्माण का कार्य सीएनडीएस कंपनी को दिया है। करीब चार माह पहले कंपनी की टीम ने डंपिंग ग्राउंड का सर्वे किया था। पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वे टीम ने ग्राउंड के ऊपर से जा रही 132 केवी की विद्युत लाइन होने के कारण प्लांट लगाने में असमर्थता जताई थी।
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पालिका की तरफ से विद्युत निगम को लाइन शिफ्ट करने के लिए पत्राचार किया गया। शनिवार को विद्युत पारेषण खंड के एसडीओ रोबिन सिंह ने पालिका के ईओ सुरेंद्र सिंह, सफाई निरीक्षक आदेश सैनी आदि के साथ ग्राउंड के ऊपर से जा रही विद्युत लाइन का जायजा लिया। एसडीओ ने आसपास मकान बने होने के कारण फिलहाल एचटी लाइन के शिफ्ट होने में असमर्थता जताई।

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एचटी लाइन से 6.1 मीटर की दूरी जरूरी
शामली। एसडीओ रोबिन सिंह ने बताया कि पालिका ईओ से कहा गया है कि वह प्लांट के निर्माण और ऊंचाई के बारे में अवगत कराया जाए। साथ ही अलावा कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कराने को कहा है ताकि प्लांट के बारे में सही जानकारी मिल सके। एचटी लाइन और किसी भी तरह के प्लांट या भवन निर्माण के बीच 6.1 मीटर की दूरी होना जरूरी है। इससे कम दूरी होने पर करंट फैलने का खतरा रहता है। पालिका ईओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्लांट की ऊंचाई के बारे में कंपनी से बात की जाएगी।
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