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चीनी मिल से कितना फैल रहा प्रदूषण, समिति करेगी जांच
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शामली। सर शादीलाल इंटरप्राइेजज लिमिटेड के आधिपत्य वाली अपर दोआब शुगर मिल से उत्सर्जित प्रदूषण की जांच समिति करेगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीएम को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समन्वय और अनुपालन को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनीष जैन ने एनजीटी में अपर दोआब शुगर मिल शुगर मिल के प्रदूषण को लेकर शिकायत की थी। जिसमें पेराई सत्र के दौरान उड़ने वाली छाई और साल भर आने वाली दुर्गंध को लेकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मिल को पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर चलाया जा रहा है। जिससे जिले के लोगों के स्वास्थ्य पर वितरीत प्रभाव पड़ रहा है। इससे जल और वायु प्रदूषण भी फैलता है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एनजीटी ने तथ्यात्मक स्थिति का पता लगाने की आवश्यकता जताई है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी की संयुक्त समिति को स्थिति का पता लगाने के आदेश दिए हैं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी।
तीन माह में करनी होगी कार्रवाई
आदेश में एनजीटी ने कहा है कि जांच के लिए संयुक्त समिति चार सप्ताह के भीतर बैठक करेगी। साइट का दौरा कर आवेदक की शिकायत देखेगी। तीन माह के भीतर तथ्यात्मक और कार्रवाई की रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से प्रस्तुत करेगी। मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।
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छाई उड़ने की समस्या से परेशान हैं लोग
जिले की आबादी बढ़ने के चीनी मिल शहर के बीचोंबीच आ गई है। मिल की चिमनी से छाई उड़ने की समस्या काफी पुरानी है। सर्दियों में तो यह समस्या काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। लोगों की आंख में भी छाई गिरने से परेशानी होती है। आस-पास के लोग कपड़े भी नहीं सुखा पाते हैं। प्रशासन ने चीनी मिल पर वायु प्रदूषण फैलाने पर पूर्व में जुर्माना भी लगाया, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनीष जैन ने एनजीटी में अपर दोआब शुगर मिल शुगर मिल के प्रदूषण को लेकर शिकायत की थी। जिसमें पेराई सत्र के दौरान उड़ने वाली छाई और साल भर आने वाली दुर्गंध को लेकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मिल को पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर चलाया जा रहा है। जिससे जिले के लोगों के स्वास्थ्य पर वितरीत प्रभाव पड़ रहा है। इससे जल और वायु प्रदूषण भी फैलता है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एनजीटी ने तथ्यात्मक स्थिति का पता लगाने की आवश्यकता जताई है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी की संयुक्त समिति को स्थिति का पता लगाने के आदेश दिए हैं। इस मामले में अब अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी।
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तीन माह में करनी होगी कार्रवाई
आदेश में एनजीटी ने कहा है कि जांच के लिए संयुक्त समिति चार सप्ताह के भीतर बैठक करेगी। साइट का दौरा कर आवेदक की शिकायत देखेगी। तीन माह के भीतर तथ्यात्मक और कार्रवाई की रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से प्रस्तुत करेगी। मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।
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छाई उड़ने की समस्या से परेशान हैं लोग
जिले की आबादी बढ़ने के चीनी मिल शहर के बीचोंबीच आ गई है। मिल की चिमनी से छाई उड़ने की समस्या काफी पुरानी है। सर्दियों में तो यह समस्या काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है। लोगों की आंख में भी छाई गिरने से परेशानी होती है। आस-पास के लोग कपड़े भी नहीं सुखा पाते हैं। प्रशासन ने चीनी मिल पर वायु प्रदूषण फैलाने पर पूर्व में जुर्माना भी लगाया, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया।