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विश्व हृदय दिवस: जीवन शैली में बदलाव और तनाव से बढ़ रही दिल की बीमारी

Thu, 29 Sep 2022 12:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2022 12:07 AM IST
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Heart disease is increasing due to lifestyle changes and stress
विश्व हृदय दिवस: जीवन शैली में बदलाव और तनाव से बढ़ रही दिल की बीमारी
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कम उम्र में भी बन रहे दिल के रोगी, पहले उम्रदराज होते थे बीमार
दिल को स्वस्थ रखने को बरते सावधानी, तनाव से रहे दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आज के दौर में भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग तनाव भरी जिंदगी जी रहे है, जिससे दिल की बीमारी होने का खतरा रहता है। इसके साथ ही जीवन शैली में बदलाव और असंतुलित खानपान से भी दिल के रोगी बढ़ रहे हैं। ऐसे में दिल का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। दिल स्वस्थ है तो जीवन भी सुरक्षित है।
हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को दिल को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करना होता है। वर्तमान समय में दिल के रोगी बढ़ रहे हैं। हालत ये है कि अब कम उम्र में भी दिल के रोगी सामने आ रहे हैं जबकि पहले यह बीमारी उम्रदराज लोगों में ज्यादा होती थी। वर्तमान दौर में जिस तरह की भागदौड़ भरी जिंदगी चल रही है, ऐसे में लोग अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कम ध्यान दे रहे हैं। इसका नतीजा ये हैकि बीमारियां बढ़ रही है। अधिकतर लोग तनाव में रहते हैं। दिल को बीमार करने की प्रमुख वजह तनाव को माना गया है। दूसरी वजह जीवन शैली में बदलाव यानि शारीरिक परिश्रम के स्थान पर लोग अब आरामदायक जिंदगी जीना पसंद कर रहे हैं।इसके अलावा असंतुलित खानपान भी दिल की बीमारियों को बढ़ा रहा है। ऐसे में अगर दिल को स्वस्थ रखना है तो सावधानी बरतनी जरूरी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान, प्रदूषण, देर रात तक जागना, सुबह देर तक सोना और शारीरिक परिश्रम न करना आदि वजह से दिल की बीमारी होने का खतरा रहता है। इसलिए लोगों को दिल स्वस्थ रखने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
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जिला अस्पताल में नहीं हृदय रोग विशेषज्ञ
शामली। जिला बने हुए आज 11 साल पूरे हो गए हैं। बुधवार को जिले की 12वीं वर्षगांठ मनाई गई, लेकिन लोगों को अभी जिले जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिली। पिछले साल 16 अगस्त को जिला अस्पताल चालू हो गया था, लेकिन अभी तक हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई। हृदय रोग विशेषज्ञ न होने से दिल के मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है या फिर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है।
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ये बरते सावधानी
नियमित रूप से व्यायाम करें।
देर रात तक न जागे, तनाव मुक्त रहे।
एक ही स्थिति में ज्यादा देर तक न रहे।
कम वसा वाले भोजन का सेवन करें।
संतुलित आहार ले।
ज्यादा नमक का सेवन न करें।
धुम्रपान व तंबाकू का सेवन करने से बचे।
ताजे फल और सब्जियां खाएं।
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संजीव शर्मा
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