{"_id":"57cdc4704f1c1b1c5631788b","slug":"health-department-team-arrived-to-check-gangeru","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगेरू जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगेरू जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 06 Sep 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
health
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांधला। टीकाकरण के बाद हुई नौ माह की बच्ची की मौत के प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जांच की। मृतक बच्ची के परिजनों सहित गांव के लोगों से घटना के बारे में जानकारी हासिल की।
क्षेत्र के गांव गंगेरू में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते शनिवार गांव में कैंप लगाकर बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाने के साथ ही टीकाकरण भी किया था। टीम ने मोहल्ले की नौ माह की बालिका युमना पुत्री आसिफ को पोलियो खुराक पिलाई और टीकाकरण किया था। परिजनों का आरोप था कि टीका लगने के बाद ही बच्ची की हालत बिगड़ गई थी। उपचार के दौरान बालिका की रविवार को मौत हो गई थी।
परिजनों ने उसकी मौत का कारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही मानते हुए हंगामा किया था। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. एके अग्रवाल, चिकित्सा अधिकारी डॉ. कांति प्रसाद, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. तौहीद ने गांव में पहुंचकर मृतक बच्ची के परिजनों सहित गांव के लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की।
विज्ञापन
मामले में स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा अधिकारी डॉ. कांति प्रसाद का कहना है कि जो टीकाकरण बालिका को किया गया है वहीं टीकाकरण पूरे गांव के बच्चों को किया गया है। किसी अन्य बच्चों में टीकाकरण के बाद में कोई बीमारी होना या किसी बालक की मौत होना जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। बच्ची को बुखार था, जिस कारण उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव गंगेरू में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते शनिवार गांव में कैंप लगाकर बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाने के साथ ही टीकाकरण भी किया था। टीम ने मोहल्ले की नौ माह की बालिका युमना पुत्री आसिफ को पोलियो खुराक पिलाई और टीकाकरण किया था। परिजनों का आरोप था कि टीका लगने के बाद ही बच्ची की हालत बिगड़ गई थी। उपचार के दौरान बालिका की रविवार को मौत हो गई थी।
विज्ञापन
परिजनों ने उसकी मौत का कारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही मानते हुए हंगामा किया था। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. एके अग्रवाल, चिकित्सा अधिकारी डॉ. कांति प्रसाद, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. तौहीद ने गांव में पहुंचकर मृतक बच्ची के परिजनों सहित गांव के लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की।
विज्ञापन
मामले में स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा अधिकारी डॉ. कांति प्रसाद का कहना है कि जो टीकाकरण बालिका को किया गया है वहीं टीकाकरण पूरे गांव के बच्चों को किया गया है। किसी अन्य बच्चों में टीकाकरण के बाद में कोई बीमारी होना या किसी बालक की मौत होना जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। बच्ची को बुखार था, जिस कारण उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।