फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   hazrat saahab ke paigaam ko aage badaayega parivaar

हजरत साहब के पैगाम को आगे बढ़ाएगा परिवार

Mon, 03 Jun 2019 11:12 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Mon, 03 Jun 2019 11:12 PM IST
विज्ञापन
hazrat saahab ke paigaam ko aage badaayega parivaar
file - फोटो : amarujala
मौलाना हजरत साहब के इंतकाल के बाद अब उनका परिवार उनके पैगाम को आगे बढ़ाएगा। मौलाना के परिवार में तीन लड़के औरचार बेटी  हैं। बड़े लड़के का नाम मौलाना नसरूल राशिद  हसन हैं । बाकी दो भाई जियाउल हसन और मौलना बदररूल हसन  हैं, जो मौलाना की तरह दीनी कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। हजरत के द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी जो मुफ्ती इलाही बख्श के नाम से है, अब इसको उनके  बड़े लड़के मौलाना राशिद  देख रहे हैं । मौलाना ने चालीस से ज्यादा किताबें लिखीं। उनके तरह से ही इनके बड़े लड़के  राशिद ने इनके कार्यों को आगे बढ़ाते हुए कई दीनी किताबें लिखी। दंगे के समय सबसे पहले  बुढ़ाना में कौमी एकता के नाम से एक विशाल जलसा किया था, जो कि दोनों समुदाय के बीच बनी खाई को काफी हद तक कम करने में कामयाब हुआ था।  मौलाना के पांच हजार से अधिक हदीसें याद थी। काधला की जामा मस्जिद में इन्होंने कुरान की तरजूमा शुरू की थी, जो कि चालीस साल में पूरा हुआ था। इसके बाद कांधला के इतिहास में एक सबसे बड़ा जलसा कराया  गया था। इनके साथ ही इनके दीनी कार्य के उत्तराधिकारी मौलाना राशिद  अब इनके सभी दीनी कार्य देख रहे हैं। इसी तरह से इनकी बेटियों ने भी दीनी तालीम को आगे बढ़ाने का काम किया है।
विज्ञापन


हरेंद्र मलिक ने भी दी परिजनों को दी सांत्वना
कांधला।  कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक, चौ.सुल्तान सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, पवन कंछल, चौ.धर्मपाल सिंह, कुसरान काजमी, ओमबीर मलिक, सलीम मलिक, रामकुमार शर्मा बार संघ आदि ने हजरत साहब के यहां पहुंचकर उनके बेटों को सांत्वना दी। कभी अपने लिए कोई लाभ नहीं कमाया ये इंसानियत के लिए जिए। हमेशा दीन के लिए काम किया। ऐसे नेक इंसान कम ही होते हैं।
विज्ञापन


मस्जिद और मदरसों में दुआ की  
 हजरत मौलाना इफ्तेखार उल हसन के इंतकाल पर क्षेत्र में मस्जिद और मदरसों में मरहूम की मगफिरत के लिए दुआ की गई। मदरसा जामिअतुस्सादह, मदरसा नासिरूल उलूम अशरफिया, मदरसा दारूल उलूम महमूदिया, मदरसा इशातुल इस्लाम, मदरसा फतहुल उलूम आदि में कुरान ख्वानी कराकर मगफिरत की दुआ की गई। इनके अलावा मस्जिदों में भी नमाज के बाद दुआएं मांगी गई। उधर, बार एसोसिएशन कैराना की एक शोकसभा बार भवन में बार अध्यक्ष रामकुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता और महासचिव नसीम अहमद के संचालन में आयोजित की गई, जिसमें हजरत को जन्नत अता फरमाने की दुआ की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed