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पुलिस ने जिले में कांग्रेसियों को आने से रोका
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हसनपुर प्रकरण: पुलिस ने जिले में कांग्रेसियों को आने से रोका
शामली। हसनपुर प्रकरण को लेकर मंगलवार को हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पुलिस ने गांव में आ रहे कांग्रेस नेताओं को जिले में नहीं घुसने दिया। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को गाजियाबाद में ही रोक दिया गया, जबकि दूसरे प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं को जिले की सीमा पर लांक चौकी से आगे नहीं आने दिया गया। बाद में फुगाना थाने में एएसपी की मौजूदगी में ब्राह्मण पक्ष के लोगों से बातचीत हुई। उन्होंने पुलिस के आश्वासन पर भरोसा जताया। इसके बाद कांग्रेस नेता लौट गए।
शहर कोतवाली के गांव हसनपुर में 23 अगस्त को बच्चों के बीच पबजी खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद अगले दिन फायरिंग की घटना हुई थी। इसके बाद से यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ब्राह्मण पक्ष के पलायन की सूचना पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं ने हसनपुर की ओर कूच कर दिया। सुबह करीब 11.15 बजे कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट कर गाजियाबाद पुलिस द्वारा रोके जाने की जानकारी दी। उनके साथ मौजूद शामली कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने वहां धरना भी दिया।
उधर, मथुरा के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री योगेश दीक्षित, बदरुद्दीन आदि कांग्रेस नेता शामली जिले की सीमा पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें लांक चौकी पर रोक लिया। उन्हें फुगाना थाने ले जाया गया। दूसरी तरफ, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक हसनपुर आने के लिए गांव लिसाढ़ तक पहुंच गए। लांक चौकी पर कांग्रेस नेताओं को रोकने की सूचना पर वह भी फुगाना थाने पहुंच गए। एएसपी राजेश श्रीवास्तव व एसडीएम सदर संदीप कुमार फुगाना थाने पहुंचे। ब्राह्मण पक्ष के श्रीनिवास, रामकुमार, सुरेंद्र, राकेश आदि को फुगाना बुला लिया गया। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज मामले में जांच चल रही है। ब्राह्मण पक्ष के लोग एएसपी के आश्वासन पर भरोसा जताने पर कांग्रेस नेता वापस हो गए।
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इन्होंने कहा...
श्रीनिवास शर्मा की ओर से नामजद किए गए छह आरोपियों में से पांच को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। दूसरी ओर से दर्ज मामले में जांच चल रही है। श्रीनिवास पक्ष पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट है।
- विनीत जायसवाल, एसपी, शामली।
कोरोना संक्रमण के चलते हसनपुर आ रहे लोगों को जिले में नहीं आने दिया गया। यदि ये लोग गांव आते तो वहां भीड़ होती, जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा था। पुलिस इस प्रकरण में कार्रवाई कर रही है।
- जसजीत कौर, डीएम, शामली।
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यह था मामला..
23 अगस्त को हसनपुर में दो बच्चों के बीच पबजी खेलने को लेकर विवाद हुआ था। अगले दिन गांव में फायरिंग की घटना हुई। फायरिंग में संजय शर्मा के अलावा राजकुमार की दो पुत्री व एक पुत्र छर्रे लगने से घायल हो गए थे। संजय के पिता श्रीनिवास शर्मा ने दूसरे पक्ष के छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस आरोपी विक्की उर्फ विक्रांत, रेंचू उर्फ अर्णव, श्रीपाल, शीशपाल व विशाल को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अमित अभी फरार है। घटना के चार दिन बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष के अमरपाल की ओर से श्रीनिवास पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। श्रीनिवास पक्ष ने बीते शुक्रवार को घरों पर पलायन के पर्चे चिपका दिए थे। इसके बाद से मामला तूल पकड़ गया।
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शामली। हसनपुर प्रकरण को लेकर मंगलवार को हाईवोल्टेज ड्रामा चला। पुलिस ने गांव में आ रहे कांग्रेस नेताओं को जिले में नहीं घुसने दिया। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को गाजियाबाद में ही रोक दिया गया, जबकि दूसरे प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं को जिले की सीमा पर लांक चौकी से आगे नहीं आने दिया गया। बाद में फुगाना थाने में एएसपी की मौजूदगी में ब्राह्मण पक्ष के लोगों से बातचीत हुई। उन्होंने पुलिस के आश्वासन पर भरोसा जताया। इसके बाद कांग्रेस नेता लौट गए।
शहर कोतवाली के गांव हसनपुर में 23 अगस्त को बच्चों के बीच पबजी खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद अगले दिन फायरिंग की घटना हुई थी। इसके बाद से यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ब्राह्मण पक्ष के पलायन की सूचना पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं ने हसनपुर की ओर कूच कर दिया। सुबह करीब 11.15 बजे कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट कर गाजियाबाद पुलिस द्वारा रोके जाने की जानकारी दी। उनके साथ मौजूद शामली कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने वहां धरना भी दिया।
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उधर, मथुरा के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री योगेश दीक्षित, बदरुद्दीन आदि कांग्रेस नेता शामली जिले की सीमा पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें लांक चौकी पर रोक लिया। उन्हें फुगाना थाने ले जाया गया। दूसरी तरफ, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक हसनपुर आने के लिए गांव लिसाढ़ तक पहुंच गए। लांक चौकी पर कांग्रेस नेताओं को रोकने की सूचना पर वह भी फुगाना थाने पहुंच गए। एएसपी राजेश श्रीवास्तव व एसडीएम सदर संदीप कुमार फुगाना थाने पहुंचे। ब्राह्मण पक्ष के श्रीनिवास, रामकुमार, सुरेंद्र, राकेश आदि को फुगाना बुला लिया गया। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज मामले में जांच चल रही है। ब्राह्मण पक्ष के लोग एएसपी के आश्वासन पर भरोसा जताने पर कांग्रेस नेता वापस हो गए।
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इन्होंने कहा...
श्रीनिवास शर्मा की ओर से नामजद किए गए छह आरोपियों में से पांच को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। दूसरी ओर से दर्ज मामले में जांच चल रही है। श्रीनिवास पक्ष पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट है।
- विनीत जायसवाल, एसपी, शामली।
कोरोना संक्रमण के चलते हसनपुर आ रहे लोगों को जिले में नहीं आने दिया गया। यदि ये लोग गांव आते तो वहां भीड़ होती, जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा था। पुलिस इस प्रकरण में कार्रवाई कर रही है।
- जसजीत कौर, डीएम, शामली।
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यह था मामला..
23 अगस्त को हसनपुर में दो बच्चों के बीच पबजी खेलने को लेकर विवाद हुआ था। अगले दिन गांव में फायरिंग की घटना हुई। फायरिंग में संजय शर्मा के अलावा राजकुमार की दो पुत्री व एक पुत्र छर्रे लगने से घायल हो गए थे। संजय के पिता श्रीनिवास शर्मा ने दूसरे पक्ष के छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस आरोपी विक्की उर्फ विक्रांत, रेंचू उर्फ अर्णव, श्रीपाल, शीशपाल व विशाल को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अमित अभी फरार है। घटना के चार दिन बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष के अमरपाल की ओर से श्रीनिवास पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। श्रीनिवास पक्ष ने बीते शुक्रवार को घरों पर पलायन के पर्चे चिपका दिए थे। इसके बाद से मामला तूल पकड़ गया।